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पाकिस्तान में नौकरशाहों का विदेशों में बसने का सिलसिला, रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने उठाए कड़े सवालराजनीति
22 अक्तू॰ 2026, 8:06 am (5 दिन पहले)· 1

पाकिस्तान में नौकरशाहों का विदेशों में बसने का सिलसिला, रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने उठाए कड़े सवाल

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने देश के वरिष्ठ नौकरशाहों पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने दावा किया है कि कई सरकारी अधिकारी सेवा के दौरान ही विदेश में बसने की योजना बना रहे हैं और पुर्तगाल तथा अन्य पश्चिमी देशों में स्थायी ठिकाना बना चुके हैं।

पाकिस्तान में एक तरफ जहां लंबे समय से गंभीर आर्थिक संकट गहराया हुआ है, वहीं दूसरी तरफ देश के भीतर भ्रष्टाचार और प्रशासनिक लापरवाही से जुड़े नए खुलासे सामने आ रहे हैं। इसी कड़ी में अब एक बेहद अजीबो-गरीब और गंभीर मामला सामने आया है, जहां देश के कई वरिष्ठ सरकारी अधिकारी अपनी सरकारी सेवा के दौरान ही विदेशों में बसने की योजना तैयार कर रहे हैं। इस पूरे प्रकरण पर पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने खुद अपनी ही सरकार के तंत्र और नौकरशाही की निष्ठा पर खुलकर सवाल खड़े कर दिए हैं।

विदेशी जमीन पर स्थायी ठिकाना बना रहे हैं पाकिस्तानी अधिकारी

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने दावा किया है कि देश के कई काबिल और वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों ने नौकरी में रहते हुए ही विदेश पलायन की पुख्ता तैयारी कर ली थी। इन अधिकारियों ने पूरी तरह से सोची-समझी रणनीति के तहत यह कदम उठाया है। रक्षा मंत्री के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों के दौरान पुर्तगाल एक ऐसा प्रमुख देश बनकर उभरा है जहां पाकिस्तानी नौकरशाहों ने भारी संख्या में जाकर अपना स्थायी ठिकाना बना लिया है। इसके अलावा कनाडा, अमेरिका, ब्रिटेन और कई अन्य यूरोपीय देशों में भी इन अधिकारियों ने अपने आशियाने बसा लिए हैं।

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एजेंटों के जरिए परमानेंट रेजीडेंसी का जुगाड़ और पैसों की धोखाधड़ी

ख्वाजा आसिफ ने यह भी खुलासा किया है कि इस पूरे मामले में जिन अधिकारियों के नाम सामने आ रहे हैं, वे देश के बेहद अहम और संवेदनशील पदों पर सेवाएं दे चुके हैं। ये सभी अधिकारी अलग-अलग राजनीतिक सरकारों के भी काफी करीबी माने जाते रहे हैं। रक्षा मंत्री के मुताबिक, जिस व्यक्ति ने इन अधिकारियों को विदेशों में परमानेंट रेजीडेंसी दिलाने की व्यवस्था में मदद की थी, उसने इन बड़े नौकरशाहों से अच्छी-खासी रकम ऐंठ ली और अंत में फरार हो गया। हालांकि, ख्वाजा आसिफ ने फिलहाल इन अधिकारियों के नाम सार्वजनिक नहीं किए हैं और न ही अपने इन दावों के समर्थन में कोई ठोस सबूत मीडिया के सामने रखे हैं।

देश के प्रति वफादारी पर उठ रहे हैं गंभीर सवाल

रक्षा मंत्री ने इस पूरे घटनाक्रम को बेहद चिंताजनक बताते हुए कई परेशान करने वाले तथ्य उजागर किए हैं। उन्होंने कड़े शब्दों में सवाल उठाते हुए कहा कि पाकिस्तान के जो बड़े अधिकारी देश की सरकारी सेवा में रहते हुए तमाम सरकारी सुविधाओं, सुख-सुविधाओं और उच्च सम्मान का पूरा आनंद उठा रहे थे, क्या वे वास्तव में अपने देश के प्रति वफादार रहे हैं? ख्वाजा आसिफ ने देश की जनता के सामने यह बड़ा सवाल भी रखा है कि क्या ऐसे अधिकारी पाकिस्तान को अपना असली घर मानते हैं या फिर वे विदेश में अपनी स्थायी जिंदगी बसाने से पहले पाकिस्तान को सिर्फ एक अस्थायी पड़ाव मात्र समझते रहे हैं।

सवाल-जवाब

इस मामले में किसने सवाल उठाए हैं?
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने वरिष्ठ नौकरशाहों की निष्ठा पर सवाल उठाए हैं।
अधिकारी किन देशों में बस रहे हैं?
अधिकारियों ने कनाडा, अमेरिका, ब्रिटेन, पुर्तगाल और अन्य यूरोपीय देशों में ठिकाना बनाया है।
क्या अधिकारियों के नाम उजागर किए गए हैं?
फिलहाल रक्षा मंत्री ने इन अधिकारियों के नाम सार्वजनिक नहीं किए हैं।
किस देश को नौकरशाहों का नया ठिकाना बताया गया है?
पुर्तगाल एक ऐसा देश बनकर उभरा है जहां बड़ी संख्या में नौकरशाह जाकर बसे हैं।
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टिप्पणियाँ 5

Vikram Yadav@vikram-yadav·4 दिन पहले

जब मैं पिछले साल पटना के एक गेस्ट हाउस में रुका था, तब वहाँ एक रिटायर्ड अधिकारी से मुलाकात हुई थी। वो साहब भी यही बता रहे थे कि कैसे उनके कई साथी नौकरी छोड़कर विदेश में बसने की फिराक में रहते हैं। मुल्क की मलाई खुद खानी है और ऐश बाहर जाकर करनी है।

Ravikash Gupta@ravikash·4 दिन पहले

सरकारी कुर्सी पर बैठकर विदेश में ठिकाना बनाने का यह खेल नया नहीं है, बस अब खुलकर सामने आने लगा है। जब देश की अर्थव्यवस्था आईसीयू में हो और कर्जे पर गाड़ी चल रही हो, तब नौकरशाहों का ऐसा रुख सिस्टम के खोखलेपन को साफ दिखा देता है।

Kavya Nair@kavya-nair·4 दिन पहले

रविकेश जी, बात बिल्कुल सही कही आपने। जब देश की ऐसी हालत हो और अपनी ही सरकार के लोग बाहर बसने की तैयारी में हों, तो भरोसा उठना लाजिमी है।

Rohan Verma@rohan-verma·4 दिन पहले

अपने ही देश को लूटकर विदेश में आशियाना बनाने वालों से वफादारी की उम्मीद करना बेमानी है।

Karan Malhotra@karan-malhotra·4 दिन पहले

रोहन जी, बात सही है। जब कुर्सी पर बैठकर ही भागने का प्लान बन रहा हो, तो भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी के मामलों में इन अफसरों पर कानूनी शिकंजा कसना बेहद जरूरी है।

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