राजधानी दिल्ली स्थित संसद भवन परिसर के ऐतिहासिक संविधान सदन में वैश्विक कूटनीति से जुड़ा एक बड़ा आयोजन शुरू हो चुका है। भारत की मेजबानी में आयोजित हो रहे 12वें ब्रिक्स संसदीय मंच के पहले दिन देश के शीर्ष नेतृत्व ने हिस्सा लिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कार्यक्रम स्थल पर पहुंचकर पारंपरिक समूह फोटो खिंचवाई और विभिन्न देशों से आए मेहमानों के साथ चर्चा की। इस बड़े कूटनीतिक सम्मेलन में ईरान के प्रतिनिधिमंडल की भारतीय नेताओं के साथ हुई मुलाकात ने विशेष ध्यान आकर्षित किया है।
ईरानी डेलीगेशन और भारतीय शीर्ष नेतृत्व की खास मुलाकात
कार्यक्रम के दौरान भारतीय नेताओं और ईरानी प्रतिनिधियों के बीच गर्मजोशी से बातचीत हुई। ईरानी दूतावास की ओर से जारी किए गए एक वीडियो फुटेज में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, विदेश मंत्री एस. जयशंकर और वरिष्ठ सांसद शशि थरूर ईरानी प्रतिनिधियों के साथ शिष्टाचार भेंट करते नजर आ रहे हैं। इस संवाद के बाद दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी दी कि इस मुलाकात ने दोनों देशों के आपसी संबंधों की मजबूती को एक बार फिर रेखांकित किया है।
ईरान के प्रतिनिधिमंडल की कमान संभाल रहे हैं अहमद नादेरी
इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के इस संसदीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व डॉ. अहमद नादेरी कर रहे हैं। सामने आए वीडियो में उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ संवाद करते हुए साफ देखा जा सकता है। मूल योजना के अनुसार ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ को इस मंच में शिरकत करनी थी, लेकिन कुछ अप्रत्याशित कारणों से उनका दौरा रद्द हो गया। इसके बाद ईरानी दूतावास ने 24 अक्टूबर को आधिकारिक बयान जारी कर स्पष्ट कर दिया था कि अध्यक्ष की जगह देश का एक संसदीय दल इस महत्वपूर्ण बैठक में शिरकत करेगा।
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने की ठोस परिणामों की मांग
दो दिवसीय इस बहुप्रतीक्षित कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन सोमवार को किया गया। उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने ब्रिक्स समूह के सदस्यों के सामने कड़े शब्दों में अपनी बात रखी। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मंच की सफलता केवल लंबी चर्चाओं से तय नहीं होगी, बल्कि इसके जमीन पर उतरने वाले ठोस परिणामों से आंकी जाएगी। उन्होंने सभी साझीदार देशों से आग्रह किया कि वे आम नागरिकों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने वाले व्यावहारिक समाधानों पर काम करें।
मंच पर जुटे देश-विदेश के दिग्गज नेता
यह दो दिवसीय सम्मेलन 26 और 27 अक्टूबर तक चलना तय किया गया है। इस आयोजन में ब्रिक्स देशों के अलावा तमाम साझेदार राष्ट्रों के पीठासीन अधिकारी, कद्दावर संसदीय नेता, केंद्रीय मंत्री और राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं। इसके अलावा विभिन्न राज्यों की विधानसभाओं के पीठासीन अधिकारी, संसद सदस्य और देश-विदेश के कई अन्य गणमान्य अतिथि भी इस वैश्विक मंच की गरिमा बढ़ा रहे हैं।
























