पश्चिम बंगाल के बैरकपुर में एक अप्रिय घटना के दौरान ममता बनर्जी के काफिले को निशाना बनाया गया। यह वाकया तब पेश आया जब वह पुलिस हिरासत में दम तोड़ने वाले एक तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ता के परिजनों को ढांढस बंधाने के लिए जा रही थीं। रास्ते में उनकी गाड़ी पर अचानक पथराव शुरू कर दिया गया और उन्हें चोर कहकर पुकारा गया। इस वीभत्स हमले के बाद राज्य की राजनीतिक सरगर्मी काफी बढ़ गई है।
घटना को लेकर ममता बनर्जी ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए बताया कि उपद्रवियों ने खाकी वर्दी की मौजूदगी में उनकी गाड़ी पर भारी पत्थर बरसाए। उन्होंने कहा कि कार पर हमला इतने भीषण तरीके से किया गया था कि यदि कांच के शीशे खुले होते, तो उनका सिर फट जाता और जान का बड़ा जोखिम पैदा हो सकता था। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सब पुलिस की आंखों के सामने अंजाम दिया गया और उन्होंने अपने लंबे राजनीतिक सफर में ऐसा मंजर कभी नहीं देखा था। साथ ही उन्होंने यह भी दावा किया कि पुलिस प्रशासन बीजेपी को सुरक्षा मुहैया करा रहा है।
दूसरी तरफ, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने इस पूरे घटनाक्रम पर अपनी पार्टी का पक्ष रखते हुए स्पष्ट किया कि किसी भी पूर्व मुख्यमंत्री की गाड़ी पर पत्थर, मिट्टी या चप्पल फेंकने जैसी हरकतों का भारतीय जनता पार्टी समर्थन नहीं करती है। उन्होंने कहा कि इस कुकृत्य में पार्टी का कोई भी कार्यकर्ता शामिल नहीं है और वे बिल्कुल नहीं चाहते कि राज्य की पूर्व महिला मुख्यमंत्री के साथ ऐसा सुलूक किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसी घटनाओं से पश्चिम बंगाल की छवि को बट्टा लगेगा। इसके साथ ही उन्होंने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि यदि ऐसा हुआ है, तो प्रशासन इस पर फौरन उचित कानूनी कार्रवाई करेगा।



















