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योगी आदित्यनाथ से मिलीं स्वाति सिंह, उत्तर प्रदेश के आगामी चुनावों से पहले बीजेपी के भीतर शुरू हुई नई सियासी हलचलराजनीति
12 सित॰ 2026, 6:31 pm (44 दिन पहले)· 2

योगी आदित्यनाथ से मिलीं स्वाति सिंह, उत्तर प्रदेश के आगामी चुनावों से पहले बीजेपी के भीतर शुरू हुई नई सियासी हलचल

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और पूर्व मंत्री स्वाति सिंह की मुलाकात ने राज्य में नए राजनीतिक समीकरणों की सुगबुगाहट तेज कर दी है।

उत्तर प्रदेश की राजनीति में रणनीतिक बिसात बिछने लगी है और सभी दल आगामी विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुट गए हैं। सत्तारूढ़ BJP के भीतर सांगठनिक स्तर पर हलचल काफी तेज हो गई है, जहां पार्टी के पुराने और नए दोनों ही वर्गों के नेताओं की सक्रियता में भारी इजाफा देखा जा रहा है। इसी सिलसिले में राजधानी लखनऊ से एक बेहद महत्वपूर्ण सियासी घटनाक्रम सामने आया है। पहले कार्यकाल की योगी सरकार में बाल विकास एवं महिला कल्याण विभाग की राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रहीं स्वाति सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की है। साल 2022 के विधानसभा चुनाव में पार्टी द्वारा टिकट न दिए जाने के बाद से ही स्वाति सिंह ने राजनीतिक मंचों से एक तरह से दूरी बना ली थी। ऐसे में मुख्यमंत्री आवास पर हुई इस शिष्टाचार भेंट ने राज्य के राजनीतिक विश्लेषकों को चौंका दिया है और इसके कई मायने निकाले जा रहे हैं। गलियारों में यह चर्चा शुरू हो गई है कि क्या BJP आगामी 2027 के महासमर में स्वाति सिंह को दोबारा लखनऊ की सरोजनी नगर सीट या पूर्वांचल के बलिया जिले की किसी विधानसभा सीट से चुनावी मैदान में उतारने की रूपरेखा तैयार कर रही है।

विवादास्पद परिस्थितियों में हुआ था स्वाति सिंह का राजनीतिक उदय

योगी सरकार में मंत्री रहे दयाशंकर सिंह की पत्नी स्वाति सिंह का सक्रिय राजनीति में प्रवेश और उनका अभूतपूर्व उदय विशुद्ध रूप से तात्कालिक परिस्थितियों की देन था। बात साल 2016 की है जब स्वाति सिंह के पति और कद्दावर BJP नेता दयाशंकर सिंह ने BSP सुप्रीमो मायावती के खिलाफ एक बेहद विवादित और आपत्तिजनक टिप्पणी कर दी थी। इसके विरोध में BSP कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर उतरकर उग्र प्रदर्शन किया और उस दौरान दयाशंकर सिंह की मां और उनकी नाबालिग बेटी को लेकर अत्यंत अभद्र व अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया। इस संकट के समय स्वाति सिंह ने हिम्मत दिखाई और वे खुलकर सामने आईं। उन्होंने अपनी सास और बेटी के मान-सम्मान की रक्षा के लिए एक आक्रामक लड़ाई लड़ी और सीधे BSP के शीर्ष नेताओं को सार्वजनिक रूप से चुनौती दी। उनके इस जुझारू तेवर और निर्भीक शैली ने उन्हें रातों-रात मीडिया की सुर्खियों में ला दिया और जनता के बीच उनकी एक मजबूत पहचान स्थापित कर दी।

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सफलता का सफर, पारिवारिक मतभेद और टिकट कटने का पूरा घटनाक्रम

स्वाति सिंह के इस जुझारू रवैये को देखते हुए BJP ने उन्हें तुरंत महिला मोर्चा का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त कर दिया। इसके बाद साल 2017 के विधानसभा चुनाव में पार्टी ने उन्हें लखनऊ की प्रतिष्ठित सरोजनी नगर विधानसभा सीट से अपना आधिकारिक उम्मीदवार बनाया। स्वाति सिंह ने इस चुनाव में शानदार जीत दर्ज की और उन्हें पहली योगी सरकार में बाल विकास एवं महिला कल्याण मंत्रालय का स्वतंत्र प्रभार सौंपकर मंत्री बनाया गया। हालांकि, मंत्री पद पर रहने के दौरान उनका प्रशासनिक और व्यक्तिगत जीवन लगातार विवादों से घिरा रहा। इस कार्यकाल के दौरान उनके और उनके पति दयाशंकर सिंह के बीच के आपसी मतभेद खुलकर सामने आने लगे और लगातार मीडिया की सुर्खियों में बने रहे। साल 2022 का चुनाव आते-आते दोनों के वैवाहिक संबंधों में काफी कड़वाहट आ चुकी थी और वे अलग-अलग रहने लगे थे।

साल 2022 के विधानसभा चुनाव में सरोजनी नगर सीट पर एक नया संकट खड़ा हो गया। इस सीट से स्वाति सिंह और दयाशंकर सिंह दोनों ने ही अपनी-अपनी दावेदारी मजबूत कर दी और टिकट के लिए अड़ गए। पति-पत्नी के इस आपसी विवाद और टिकट की जंग से पार्टी की छवि को नुकसान पहुंच रहा था। इस गतिरोध को समाप्त करने के लिए BJP आलाकमान ने एक बड़ा फैसला लेते हुए दोनों का ही टिकट काट दिया। पार्टी ने इस सीट से ED के पूर्व जॉइंट डायरेक्टर राजेश्वर सिंह को मैदान में उतारा, जिन्होंने भारी मतों के अंतर से जीत हासिल की। दूसरी ओर, पार्टी ने दयाशंकर सिंह को बलिया सदर सीट से प्रत्याशी बनाया, जहां से विजयी होने के बाद वे वर्तमान सरकार में परिवहन मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) के रूप में कार्य कर रहे हैं।

2027 के महासमर को लेकर क्या हैं इस मुलाकात के मायने?

आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव से ठीक पहले स्वाति सिंह की मुख्यमंत्री आवास पर हुई इस मुलाकात को राजनीतिक विश्लेषक महज एक औपचारिक भेंट के रूप में नहीं देख रहे हैं। इसके पीछे गहरे राजनीतिक निहितार्थ छिपे हुए हैं। संसद द्वारा ऐतिहासिक नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित किए जाने के बाद BJP अपनी चुनावी रणनीति में महिला चेहरों को विशेष प्राथमिकता देने की योजना बना रही है। स्वाति सिंह को हमेशा से एक बेहद मुखर और प्रभावी महिला वक्ता के रूप में जाना जाता रहा है, जो जनता को सीधे प्रभावित करने की क्षमता रखती हैं। इसके साथ ही, उत्तर प्रदेश के अवध और पूर्वांचल क्षेत्रों में राजपूत-ठाकुर वोट बैंक का समीकरण एक अत्यंत संवेदनशील और निर्णायक कारक रहा है। इस सामाजिक समीकरण को अपने पक्ष में बनाए रखने के लिए पार्टी स्वाति सिंह जैसे जाने-पहचाने चेहरे को एक बार फिर से अग्रिम पंक्ति में लाना चाहती है।

चूंकि वर्तमान में सरोजनी नगर विधानसभा सीट पर राजेश्वर सिंह अपनी बेहद मजबूत पकड़ बना चुके हैं और वहां के सक्रिय विधायक हैं, इसलिए स्वाति सिंह को किसी अन्य सुरक्षित या प्रभावी सीट से आजमाया जा सकता है। लखनऊ की किसी अन्य सीट या पूर्वांचल के किसी जिले से उन्हें चुनावी मैदान में उतारने की संभावनाओं पर विचार किया जा रहा है। इसके अलावा, उन्हें MLC बनाकर उच्च सदन भेजने की चर्चा भी राजनीतिक गलियारों में जोरों पर है। हालांकि, दयाशंकर सिंह की भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ काफी नजदीकियां हैं। ऐसी स्थिति में, यदि दोनों में से किसी एक को सीधे टिकट मिलने की बात आती है, तो दयाशंकर सिंह का पलड़ा भारी दिखाई पड़ता है। यही कारण है कि इस मुलाकात के बाद स्वाति सिंह को राज्य महिला आयोग के अध्यक्ष पद या MLC जैसी किसी बड़ी जिम्मेदारी से नवाजने की अटकलें लगाई जा रही हैं। यह मुलाकात साफ संकेत देती है कि BJP 2027 की बड़ी लड़ाई से पहले अपने पुराने, आक्रामक और समर्पित चेहरों को फिर से मुख्यधारा की राजनीति का हिस्सा बनाने की तैयारी में जुट गई है।

सवाल-जवाब

स्वाति सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से कहां मुलाकात की?
स्वाति सिंह ने लखनऊ में मुख्यमंत्री आवास पर योगी आदित्यनाथ से शिष्टाचार मुलाकात की।
2022 के विधानसभा चुनाव में स्वाति सिंह का टिकट क्यों कटा था?
2022 के चुनावों में स्वाति सिंह और उनके पति दयाशंकर सिंह दोनों ने सरोजनी नगर सीट से दावेदारी ठोक दी थी, जिसके बाद उपजे विवाद को सुलझाने के लिए BJP आलाकमान ने दोनों का ही टिकट काट दिया था।
वर्तमान में सरोजनी नगर विधानसभा सीट से विधायक कौन हैं?
वर्तमान में सरोजनी नगर सीट से ED के पूर्व जॉइंट डायरेक्टर राजेश्वर सिंह विधायक हैं, जिन्होंने 2022 में भारी मतों से जीत दर्ज की थी।
दयाशंकर सिंह वर्तमान में किस पद पर हैं?
दयाशंकर सिंह वर्तमान योगी सरकार में बलिया सीट से जीतकर परिवहन मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) के पद पर कार्यरत हैं।
राजनीति में स्वाति सिंह का उभार किस घटना के बाद हुआ था?
साल 2016 में उनके पति दयाशंकर सिंह द्वारा BSP सुप्रीमो मायावती पर दिए विवादित बयान के बाद BSP कार्यकर्ताओं के अभद्र प्रदर्शन के खिलाफ स्वाति सिंह ने कड़ा संघर्ष किया, जिससे उन्हें व्यापक पहचान मिली।
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