वेस्ट समझकर न फेंकें कटहल के बीज, घर पर बनाएं प्रोटीन से भरपूर लजीज देसी चटनी और शाम का चटपटा स्नैकबंगाल की खाड़ी में बने नए मौसमी तंत्र से मानसून तेज, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड समेत कई राज्यों में मूसलाधार बारिश का अलर्टगॉल में भारत श्रीलंका टेस्ट के पहले दिन केएल राहुल के करारे शॉट से चोटिल हुए निशान मदुश्काऑपरेशन सिंदूर के बाद सिंधु जल समझौता रद्द करने की चर्चा, जानें भारत और पाकिस्तान पर इसका क्या पड़ेगा असरधान के पौधों पर दोपहर में यूरिया का छिड़काव करने से 50 प्रतिशत तक नुकसान, शाहजहांपुर के वैज्ञानिक ने बताई सही विधिनिवेशकों के भारी समर्थन के साथ बंद हुआ शिपरॉकेट आईपीओ, 99.38 गुना बोली लगने के बाद 19 अगस्त को लिस्टिंगफिल्ममेकर अनुराग कश्यप ने शुभ्रा शेट्टी संग 20 वर्ष के उम्र अंतर और 11 साल पुराने रिश्ते पर की बेबाक बातचीतरॉकिंग स्टार यश ने टॉक्सिक में इंटिमेट सीन्स और वल्गैरिटी के आरोपों पर तोड़ी चुप्पी, बोले किस भी नहीं कियाअगरतला में स्वतंत्रता दिवस पर मुख्यमंत्री माणिक साहा ने त्रिपुरा की छह साल में दोगुनी हुई अर्थव्यवस्था का ब्यौरा दियाभारत की आजादी पर खरीदा ₹1000 का सोना आज कितना अमीर बना देता? जानिए 80 वर्षों में पीली धातु का सफर
फिरोजपुर में ड्यूटी पर तैनात बरनाला के 22 वर्षीय अग्निवीर कुलविंदर सिंह वीरगति को प्राप्त, काहनेके गांव में गम का माहौलपंजाब
15 अग॰ 2026, 1:19 pm (3 घंटे पहले)· 0

फिरोजपुर में ड्यूटी पर तैनात बरनाला के 22 वर्षीय अग्निवीर कुलविंदर सिंह वीरगति को प्राप्त, काहनेके गांव में गम का माहौल

पंजाब के बरनाला जिले से ताल्लुक रखने वाले 22 वर्षीय अग्निवीर जवान कुलविंदर सिंह फिरोजपुर में ड्यूटी के दौरान वीरगति को प्राप्त हो गए, जिससे उनके पैतृक गांव काहनेके में शोक की लहर दौड़ गई।

पंजाब के बरनाला जिले से एक अत्यंत दुखद खबर सामने आई है, जहां फिरोजपुर में अपनी सैन्य सेवा निभा रहे 22 वर्षीय अग्निवीर जवान कुलविंदर सिंह देश की सुरक्षा के दौरान वीरगति को प्राप्त हो गए हैं। उनकी अचानक हुई शहादत की सूचना जैसे ही उनके पैतृक गांव पहुंची, वहां गहरा शोक छा गया। इस दुखद हादसे के बाद पूरे इलाके में मातमी सन्नाटा फैला हुआ है और शहीद सैनिक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में गमगीन माहौल के कारण लोगों ने सम्मान स्वरूप अपने घरों में चूल्हा तक नहीं जलाया है।

मात्र 22 वर्ष की उम्र में देश के लिए न्योछावर किए प्राण

अग्निवीर कुलविंदर सिंह का जन्म और पालन-पोषण पंजाब के बरनाला जिले में भदौड़ विधानसभा क्षेत्र के तहत स्थित गांव काहनेके में हुआ था। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा गांव के ही सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल से पूरी की थी और 12वीं कक्षा पास करने के बाद सेना में जाने का सपना साकार किया। लगभग चार वर्ष पूर्व देश भक्ति और सेवा के अटूट जज्बे से प्रेरित होकर वे भारतीय सेना में बतौर अग्निवीर भर्ती हुए थे। इतनी कम उम्र में सेना में शामिल होकर उन्होंने न केवल देश की रक्षा का जिम्मा संभाला, बल्कि अपने परिवार के लिए भी एक मजबूत संबल बने।

ये भी पढ़ें

माता-पिता का एकमात्र आर्थिक आधार थे जांबाज कुलविंदर

कुलविंदर सिंह एक बेहद साधारण और आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि से ताल्लुक रखते थे। कम उम्र में ही उन्होंने अपने पूरे परिवार का भार अपने मजबूत कंधों पर उठा लिया था। वे अपने वृद्ध माता-पिता के एकमात्र सहारे थे और उनकी सैन्य सेवा से मिलने वाली आय ही पूरे घर का मुख्य आधार थी। अचानक हुई इस दुखद घटना ने उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ तोड़ दिया है, जिससे हर कोई स्तब्ध है। वीर जवान का अंतिम संस्कार आज पूरे सैन्य और प्रशासनिक सम्मान के साथ उनके पैतृक गांव में किया जाएगा।

पंजाब मंडी बोर्ड के चेयरमैन ने जताया गहरा शोक

घटना पर गहरा दुख प्रकट करते हुए पंजाब मंडी बोर्ड के चेयरमैन तरसेम सिंह ने शहीद जवान और उनके परिवार के प्रति अपनी हार्दिक संवेदनाएं व्यक्त की हैं। तरसेम सिंह ने बताया कि कुलविंदर सिंह एक बहादुर, अनुशासित और समर्पित सैनिक थे, जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों के बावजूद अपनी मेहनत से सेना में जगह बनाई थी। उन्होंने कहा कि इतनी कम उम्र में देश सेवा करते हुए वीरगति पाना पूरे क्षेत्र के लिए एक अपूरणीय क्षति है। स्थानिक नेतृत्व और प्रशासन इस मुश्किल समय में पीड़ित परिवार के साथ मजबूती से खड़ा है।

सवाल-जवाब

शहीद अग्निवीर कुलविंदर सिंह की उम्र कितनी थी और वे कहां के निवासी थे?
कुलविंदर सिंह 22 वर्ष के थे और वे पंजाब के बरनाला जिले में भदौड़ विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांव काहनेके के रहने वाले थे।
कुलविंदर सिंह की शहादत कहां और कैसे हुई?
कुलविंदर सिंह फिरोजपुर में भारतीय सेना की ड्यूटी पर तैनात थे, जहां अचानक हुई एक घटना के दौरान वे वीरगति को प्राप्त हुए।
अग्निवीर भर्ती से पहले कुलविंदर सिंह की शिक्षा और पारिवारिक पृष्ठभूमि क्या थी?
उन्होंने गांव के ही सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल से 12वीं की पढ़ाई पूरी की थी। वे एक साधारण व आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से आते थे और अपने माता-पिता का एकमात्र सहारा थे।
कुलविंदर सिंह भारतीय सेना में कब भर्ती हुए थे?
वे लगभग चार साल पहले देश सेवा के जज्बे से प्रेरित होकर सेना में बतौर अग्निवीर शामिल हुए थे।
पंजाब मंडी बोर्ड के चेयरमैन तरसेम सिंह ने इस घटना पर क्या प्रतिक्रिया दी?
तरसेम सिंह ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि कुलविंदर सिंह ने कम उम्र में ही परिवार की जिम्मेदारी संभाली थी और उनकी शहादत पूरे इलाके के लिए एक अपूरणीय क्षति है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Rohan Verma@rohan-verma·2 घंटे पहले

मात्र 22 वर्ष की आयु में फिरोजपुर में ड्यूटी के दौरान अग्निवीर कुलविंदर सिंह की शहादत और उनके परिवार की दयनीय आर्थिक स्थिति इस बात को रेखांकित करती है कि अल्पकालिक सैन्य सेवा योजनाओं में सेवारत जवानों के परिवारों के लिए सामाजिक सुरक्षा और दीर्घकालिक पुनर्वास का ढांचा कितना संवेदनशील होना चाहिए। वृद्ध माता-पिता के एकमात्र सहारे के असमय जाने से उत्पन्न यह शून्य प्रशासनिक और स्थानीय स्तर पर त्वरित एवं ठोस आर्थिक सहायता की मांग करता है, ताकि शोकाकुल परिवार भविष्य की अनिश्चितताओं से सुरक्षित रह सके।

Karan Malhotra@karan-malhotra·2 घंटे पहले

अग्निवीर कुलविंदर सिंह की फिरोजपुर में हुई शहादत के बाद उत्पन्न यह स्थिति नीतिगत स्तर पर एक गंभीर समीक्षा की मांग करती है। जब एक साधारण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवार का इकलौता कमाने वाला सदस्य कम उम्र में देश के लिए प्राण न्योछावर करता है, तो उसके वृद्ध माता-पिता के सामने आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो जाता है। ऐसे मामलों में केवल तात्कालिक शोक संवेदनाएँ पर्याप्त नहीं होतीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि प्रशासनिक और सैन्य स्तर पर मिलने वाली सहायता और अनुग्रह राशि बिना किसी देरी के सीधे परिवार तक पहुँचे, ताकि वे इस गहरी क्षति के बाद आर्थिक रूप से असहाय न हों।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR