आम जनता के स्वास्थ्य की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए पंजाब सरकार ने राज्यभर में एनालॉग पनीर पर पूर्ण प्रतिबंध घोषित कर दिया है। यह रोक एक साल की अवधि के लिए लागू की गई है और सरकारी आदेश के तहत इसे तुरंत प्रभाव से लागू कर दिया गया है। हाल ही में की गई जांच के दौरान 43 फीसदी सैंपल मानकों पर खरे नहीं उतरे और फेल पाए गए, जिसके बाद प्रशासन ने यह कड़ा कदम उठाया है।
उत्पादन, भंडारण और परिवहन पर पूर्ण रोक
सरकारी निर्देशों के अनुसार, राज्य में एनालॉग पनीर के उत्पादन, भंडारण, वितरण, परिवहन और बिक्री पर पूरी तरह पाबंदी रहेगी। इस आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, डेयरी कारोबारियों और विक्रेताओं के खरीद रिकॉर्ड की भी गहन जांच की जाएगी ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि नकली या एनालॉग पनीर बाजार में सप्लाई न हो सके।
अन्य राज्यों में भी कड़े कदम
एनालॉग पनीर और नकली दुग्ध उत्पादों को लेकर केवल पंजाब ही नहीं, बल्कि देश के कई अन्य राज्यों में भी कठोर फैसले लिए गए हैं। महाराष्ट्र सरकार ने एनालॉग पनीर की बिक्री पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा रखा है, जहां इसे बेचते हुए पकड़े जाने पर जेल की सजा और भारी जुर्माने का प्रावधान है। हिमाचल प्रदेश में भी इससे पहले ही एनालॉग पनीर की बिक्री पर रोक लगाई जा चुकी है।
वहीं हरियाणा सरकार ने भी एनालॉग पनीर पर प्रतिबंध लगाने के साथ-साथ भ्रामक ब्रांडिंग पर शिकंजा कसा है। हरियाणा में अब 'हवन का घी' या 'पूजा का घी' जैसे नामों से उत्पाद बेचने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है ताकि उपभोक्ताओं को शुद्धता के नाम पर भ्रमित न किया जा सके।




















