पंजाब के मानसा में एंटी ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा का रविवार को उनके पैतृक गांव में गमगीन माहौल के बीच अंतिम संस्कार संपन्न हो गया। उनकी हत्या आज से 26 दिन पहले नशीले पदार्थों की बिक्री के खिलाफ आवाज उठाने पर कर दी गई थी। जब उनकी हत्या हुई थी, तब वह सोशल मीडिया पर लाइव प्रसारण कर रहे थे। इस सनसनीखेज घटना के बाद पूरे राज्य में भारी विरोध-प्रदर्शन देखने को मिले थे और राजनीतिक सरगर्मी भी काफी बढ़ गई थी। पीजीआईएमईआर में पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शनिवार को उनका शव चंडीगढ़ से मानसा लाया गया था। इस अंतिम विदाई के समय भारी संख्या में आम लोग और समर्थक मौजूद रहे। उनका अंतिम संस्कार चकेरिया रोड पर स्थित उनके निजी खेतों में किया गया।
दिनदहाड़े बाजार में हुई थी गोली मारकर हत्या
यह पूरी घटना 13 अक्टूबर की है, जब मानसा शहर के एक भीड़भाड़ वाले बाजार में स्थित एक मेडिकल स्टोर के बाहर परविंदर सिंह झोटा पर गोलियां चलाई गई थीं। उस वक्त वह अपने मोबाइल पर लाइव थे और दिनदहाड़े हुई इस वारदात से हड़कंप मच गया था। आरोपी मेडिकल स्टोर के मालिक ने उन्हें इसलिए निशाना बनाया क्योंकि उन्होंने वहां अवैध रूप से ड्रग्स बेचने का विरोध किया था। हालांकि इस मामले में पुलिस ने आरोपी को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था। अंतिम संस्कार से पहले उनके आवास पर भी श्रद्धांजलि देने वालों का तांता लगा रहा और लोगों ने उनके संघर्ष को याद किया।
परिजनों ने 22 दिनों तक चलाया था कड़ा धरना
हत्या की इस घटना के बाद से ही पीड़ित परिवार और कई संगठन न्याय की मांग को लेकर लगातार धरने पर बैठे थे। परिवार ने पिछले बुधवार यानी 4 नवंबर को पंजाब सरकार के नुमाइंदों के साथ बैठक के बाद अपना 22 दिन लंबा धरना समाप्त करने का फैसला किया था और शव के पोस्टमार्टम के लिए अपनी सहमति दी थी। इसके बाद शुक्रवार सुबह उनके पार्थिव शरीर को मानसा के सिविल अस्पताल के शवगृह से पीजीआईएमईआर, चंडीगढ़ के लिए स्थानांतरित किया गया था। न्याय मिलने की आस में परिवार लगातार मानसा में विरोध प्रदर्शन कर रहा था।
पिता ने युवाओं से की नशे के खिलाफ खड़े होने की अपील
अतिम संस्कार के दौरान परविंदर सिंह झोटा के पिता भीम सिंह ने पंजाब की युवा पीढ़ी से नशीली चीजों का सेवन पूरी तरह छोड़ने की शपथ लेने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि उनके बेटे ने इस सामाजिक बुराई का खात्मा करने की लड़ाई में अपनी जान कुर्बान कर दी। उन्होंने बताया, "मैं ज्वाइंट एक्शन कमेटी का धन्यवाद करता हूं, जो इस पूरे समय हमारे साथ खड़ी रही।" आपको बता दें कि इस समिति को परविंदर सिंह झोटा इंसाफ एक्शन कमिटी के नाम से भी जाना जाता है, जिसमें कई सामाजिक संगठन और कार्यकर्ता शामिल हैं। इस समूह का गठन मानसा में हुई इस हत्या के ठीक बाद किया गया था ताकि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाया जा सके।



















