रामबन में भाजपा नेता सुनील कुमार शर्मा के काफिले की एस्कॉर्ट गाड़ी से बस की टक्कर, एसएचओ समेत चार जवान घायलअमेरिका के सिएटल में दिवाली समारोह के दौरान हिंदू विरोधी और नस्लभेदी प्रदर्शनइथियोपिया से दबोचा गया 5 लाख का इनामी गैंगस्टर अफरीदी, पंजाब पुलिस लाई भारतराजस्थान में नौ नवंबर को मौसम रहेगा पूरी तरह शुष्क, किसानों और पशुपालकों के लिए जरूरी निर्देश जारीआर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दुनिया में आ रहा है नया बवंडर, जानिए वर्ल्ड मॉडल्स के बारे में सब कुछचीन का झांगे डेनशिया पार्क क्यों कहलाता है इंद्रधनुषी पहाड़ों का अजूबा, जानिए इसके रंग बदलने का अनोखा विज्ञानदीपावली के जश्न के दौरान बीकानेर में बड़ा रेल हादसा, ट्रेन की चपेट में आने से तीन लोगों की मौतबीकानेर के चित्रकार ने दीपावली पर बनाईं सोने की कलम से तराशी गई मां लक्ष्मी की चरण पादुकाएंसमुद्री किराए में उछाल और भू-राजनीतिक संकट से निपटने के लिए अपने बेड़े में नए जहाज शामिल करेगा इंडियन ऑयलपंजाब डियर 50 रेंजर संडे लॉटरी के नतीजे घोषित, 21 लाख रुपये के बंपर इनाम के साथ जानिए क्लेम की पूरी प्रक्रिया
समुद्री किराए में उछाल और भू-राजनीतिक संकट से निपटने के लिए अपने बेड़े में नए जहाज शामिल करेगा इंडियन ऑयलव्यापार
8 नव॰ 2026, 5:37 pm (1 मिनट पहले)· 0

समुद्री किराए में उछाल और भू-राजनीतिक संकट से निपटने के लिए अपने बेड़े में नए जहाज शामिल करेगा इंडियन ऑयल

पश्चिम एशिया में जारी तनाव और हाजिर बाजार में शिपिंग दरों में भारी उछाल को देखते हुए इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन कच्चे तेल और LPG ट्रांसपोर्टेशन के लिए अपने खुद के कार्गो जहाज खरीदेगा।

पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार मार्गों पर मंडराते अनिश्चितता के बादलों के बीच भारत की सबसे बड़ी सरकारी तेल रिफाइनरी कंपनी इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन ने एक बड़ा रणनीतिक फैसला लिया है। अपनी ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला को झटकों से बचाने और आयात लागत पर नियंत्रण बनाए रखने के लिए कंपनी अब खुद के कच्चे तेल और लिक्विड पेट्रोलियम गैस (LPG) ले जाने वाले मालवाहक जहाजों का बेड़ा खरीदने जा रही है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जैसे अति-संवेदनशील समुद्री रास्तों में वाणिज्यिक जहाजों की आवाजाही पर पड़े प्रतिकूल असर और हाजिर बाजार में जहाजों के किराए में हुए अचानक इजाफे के कारण कंपनी को यह रक्षात्मक कदम उठाना पड़ रहा है।

बोर्ड की मंजूरी और टेंडर प्रक्रिया जारी

इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के निदेशक (वित्त) अनुज जैन ने हाल ही में दूसरी तिमाही के वित्तीय आंकड़े जारी होने के बाद विश्लेषकों से बातचीत करते हुए इस योजना की विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने कुछ कार्गो शिप खरीदने के प्रस्ताव को पहले ही अपनी मंजूरी दे दी थी। इस खरीद प्रक्रिया को अमलीजामा पहनाने के लिए कई महीने पहले ही टेंडर भी आमंत्रित किए जा चुके हैं। अनुज जैन का कहना था कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में देश की ऊर्जा कंपनियों को अपने शिपिंग तंत्र को मजबूत करने और समुद्री परिवहन पर अधिक निर्भरता हासिल करने की सख्त जरूरत है।

ये भी पढ़ें

'मेक इन इंडिया' के तहत घरेलू जहाज निर्माण की संभावनाएं

वैश्विक बाजार से जहाज खरीदने के साथ-साथ इंडियन ऑयल भारत में ही स्वदेशी जहाजों के निर्माण का विकल्प भी तलाश रही है। कंपनी सरकार के 'मेक इन इंडिया' अभियान के तहत भारतीय पोत कारखानों में नए मालवाहक जहाजों के निर्माण की व्यावहारिक संभावनाओं पर काम कर रही है। पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य व कूटनीतिक तनाव के चलते स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों के आवागमन में आई रुकावटों ने खुद की शिपिंग क्षमता बढ़ाने के महत्व को रेखांकित कर दिया है। वर्तमान में इंडियन ऑयल के पास दीर्घकालिक पट्टे पर लिए गए कच्चे तेल के 3 जहाज और LPG ढुलाई के लिए 9 जहाज परिचालन में हैं।

स्पॉट मार्केट की तुलना में चार्टर्ड जहाजों से भारी बचत

निश्चित अवधि के लिए किराए पर लिए गए जहाजों की वजह से कंपनी को हालिया वैश्विक शिपिंग संकट के दौरान मालभाड़े में बहुत बड़ी राहत मिली है। आंकड़ों के अनुसार, जहां हाजिर बाजार (स्पॉट मार्केट) में कच्चे तेल का समुद्री किराया बढ़कर 8 से 10 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल के ऊंचे स्तर पर पहुंच चुका है, वहीं इंडियन ऑयल के पहले से किराए पर तय जहाजों की लागत मात्र 2.00 से 2.50 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल आ रही है। इसी तरह LPG के मामले में, सामान्य परिस्थितियों में इसका मालभाड़ा लगभग 40 अमेरिकी डॉलर प्रति टन रहता था, जो वर्तमान में स्पॉट मार्केट में उछलकर 160 से 180 अमेरिकी डॉलर प्रति टन हो चुका है। इस चार गुना से अधिक की बढ़ोतरी से बचने के लिए ही इंडियन ऑयल अपने खुद के जहाजों का मालिकाना हक हासिल करने जा रही है।

सवाल-जवाब

इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन कार्गो शिप क्यों खरीद रहा है?
पश्चिम एशिया में तनाव के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में ढुलाई में दिक्कतें आ रही हैं और हाजिर बाजार में जहाजों का मालभाड़ा काफी बढ़ गया है, जिससे बचने के लिए कंपनी खुद के जहाज खरीद रही है।
कंपनी किस प्रकार के जहाजों का अधिग्रहण करेगी?
इंडियन ऑयल कच्चे तेल और लिक्विड पेट्रोलियम गैस (LPG) का परिवहन करने वाले बड़े मालवाहक जहाजों की खरीद करेगी।
वर्तमान में इंडियन ऑयल के पास कितने किराए के जहाज हैं?
वर्तमान में इंडियन ऑयल के पास निश्चित अवधि के पट्टे पर कच्चे तेल के 3 और LPG के 9 जहाज कार्यरत हैं।
LPG के मालभाड़े में कितना इजाफा हुआ है?
सामान्य परिस्थितियों में LPG का मालभाड़ा लगभग 40 अमेरिकी डॉलर प्रति टन रहता था, जो हाजिर बाजार में बढ़कर 160 से 180 अमेरिकी डॉलर प्रति टन तक पहुंच गया है।
क्या इंडियन ऑयल भारत में जहाज बनवाएगी?
हां, कंपनी केंद्र सरकार की 'मेक इन इंडिया' पहल के तहत भारत के स्वदेशी पोत कारखानों में जहाज निर्माण की संभावनाओं पर काम कर रही है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp