अपूर्वा मुखीजा का किसिंग वीडियो वायरल, जानें कौन हैं उनके रूमर्ड बॉयफ्रेंड अमीन जैजUS CPI आंकड़ों से तय होगी फेड की ब्याज दर नीति, कच्चे तेल और सोने में दर्ज हुई हलचलवैश्विक बाजार हलचल: यूरो और येन में उतार-चढ़ाव के बीच सोना 4,400 डॉलर के पार, डीजल स्प्रेड ने बनाया नया रिकॉर्डउत्तराखंड के हल्द्वानी में गौला नदी का पानी पटरियों तक पहुंचा, बनभूलपुरा रेलवे जमीन अतिक्रमण मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने जल्द सुनवाई का दिया आश्वासनसीतामढ़ी में सांस्कृतिक विरासत का डिजिटल संरक्षण और 10 सितंबर से किसानों के लिए वर्मीकंपोस्ट ट्रेनिंग की नई शुरुआतभीलवाड़ा के खेतों में तेजी से फैल रही गाजर घास, फसल उत्पादन 40 प्रतिशत तक घटने का मंडराया खतरामहाराष्ट्र में प्रतियोगी परीक्षा लीक विवाद गहराया, शिवसेना यूबीटी ने राज्य सरकार को दी गंभीर अंजाम भुगतने की चेतावनीकनाडा में एमी विर्क की कार पर फायरिंग के बाद राहत, ये हैं उनके 5 सबसे ज्यादा देखे गए गानेलस्ट स्टोरीज 3 का धमाकेदार ट्रेलर जारी, 18 सितंबर को नेटफ्लिक्स पर दस्तक देगी चार निर्देशकों की अनोखी एंथोलॉजीबेन शेल्टन ने 5 सेट के मैराथन मुकाबले में डिफेंडिंग चैंपियन कार्लोस अल्कारेज को हराकर सेमीफाइनल में बनाई जगह
पंजाब में सरकारी कर्मचारियों ने वापस ली हड़ताल, केएपी सिन्हा के साथ बैठक में डीए पर बनी बातपंजाब
9 सित॰ 2026, 1:20 pm (1 घंटे पहले)· 3

पंजाब में सरकारी कर्मचारियों ने वापस ली हड़ताल, केएपी सिन्हा के साथ बैठक में डीए पर बनी बात

पंजाब सरकार और कर्मचारी यूनियनों के बीच मुख्य सचिव केएपी सिन्हा की बैठक में महंगाई भत्ते पर सहमति बन गई है। इसके बाद कर्मचारियों ने 11 सितंबर तक प्रस्तावित सामूहिक छुट्टी और हड़ताल का फैसला वापस ले लिया।

पंजाब में महंगाई भत्ते (DA) को लेकर सरकारी कर्मचारियों और राज्य सरकार के बीच बना गतिरोध समाप्त हो गया है। चंडीगढ़ में मुख्य सचिव केएपी सिन्हा के साथ हुई एक अहम प्रशासनिक बैठक के बाद कर्मचारी संगठनों ने हड़ताल खत्म करने और काम पर वापस लौटने का आधिकारिक फैसला किया है।

प्रशासनिक वार्ता और नोटिस वापसी पर सहमति

कर्मचारी प्रतिनिधियों और मुख्य सचिव केएपी सिन्हा के बीच हुई इस सकारात्मक वार्ता में कर्मचारियों की प्रमुख मांगों पर चर्चा की गई। बैठक के दौरान सरकार ने 27 अगस्त को आंदोलनकारी कर्मचारियों को जारी किए गए 'शो कॉज नोटिस' को वापस लेने का स्पष्ट आश्वासन दिया। इसके अतिरिक्त, कर्मचारियों के लंबित प्रशासनिक मुद्दों को हल करने के लिए जल्द ही मुख्यमंत्री के साथ एक विशेष बैठक आयोजित करने पर भी सहमति व्यक्त की गई।

ये भी पढ़ें

सामूहिक छुट्टी और हड़ताल का फैसला वापस

कर्मचारी यूनियनों ने अपनी मांगों के समर्थन में सबसे पहले 8 सितंबर को एक दिवसीय हड़ताल का आह्वान किया था। मांगें पूरी न होने पर उन्होंने आंदोलन को तेज करते हुए सामूहिक छुट्टी लेकर 11 सितंबर तक काम पूरी तरह ठप रखने का फैसला किया था। हालांकि, मुख्य सचिव के साथ हुई बैठक में बनी सहमति के बाद प्रस्तावित आंदोलन को पूरी तरह रद्द कर दिया गया है।

महंगाई भत्ते में वृद्धि और अदालती सुनवाई

उल्लेखनीय है कि सरकार ने प्रदेश के कर्मचारियों के महंगाई भत्ते को 42 फीसदी से बढ़ाकर 60 फीसदी करने का ऐलान किया था। इस बढ़ोतरी से राज्य के लगभग 85 हजार कर्मचारियों को केंद्रीय कर्मचारियों के समान डीए दर का लाभ मिलना तय हुआ। इस दौरान डीए बकाए से जुड़ा मामला पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में भी विचाराधीन रहा, जहां अदालत ने बकाए के भुगतान को लेकर कड़ा रुख अपनाया था। प्रशासनिक वार्ता में सहमति बनने से हजारों कर्मचारियों को बड़ी राहत मिली है।

सवाल-जवाब

पंजाब में सरकारी कर्मचारियों ने अपनी हड़ताल क्यों वापस ली?
मुख्य सचिव केएपी सिन्हा के साथ हुई बैठक में 'शो कॉज नोटिस' वापस लेने और मांगों पर सकारात्मक आश्वासन के बाद कर्मचारियों ने हड़ताल खत्म कर दी।
पंजाब सरकार ने कर्मचारियों का महंगाई भत्ता कितना बढ़ाया है?
पंजाब सरकार ने कर्मचारियों के महंगाई भत्ते को 42 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 प्रतिशत कर दिया है।
सरकारी कर्मचारियों को जारी नोटिस पर क्या फैसला हुआ है?
सरकार ने 27 अगस्त को कर्मचारियों को जारी किए गए 'शो कॉज नोटिस' को वापस लेने का भरोसा दिया है।
कर्मचारी यूनियनों की अगली बैठक किसके साथ होगी?
लंबित प्रशासनिक मुद्दों की समीक्षा के लिए जल्द ही कर्मचारी नेताओं की मुख्यमंत्री के साथ एक विशेष बैठक होगी।
कर्मचारियों की हड़ताल की प्रारंभिक योजना क्या थी?
कर्मचारियों ने पहले 8 सितंबर को हड़ताल और मांगें न मानने की स्थिति में 11 सितंबर तक सामूहिक छुट्टी पर जाने की घोषणा की थी।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Rohan Verma@rohan-verma·55 मिनट पहले

मुख्य सचिव के स्तर पर समय रहते संवाद स्थापित होने से पंजाब में प्रशासनिक कामकाज ठप होने से बच गया है। हालांकि, केवल डीए बढ़ोतरी और नोटिस वापसी से कर्मचारियों का संतोष लंबे समय तक टिकेगा, ऐसा कहना जल्दबाजी होगी क्योंकि एरियर और लंबित प्रशासनिक मुद्दों पर मुख्यमंत्री के साथ होने वाली आगामी बैठक ही इस बात का निर्धारण करेगी कि राज्य में कर्मचारी राजनीति का रुख आगे क्या होगा।

Karan Malhotra@karan-malhotra·55 मिनट पहले

रोहन वर्मा के विश्लेषण को आगे बढ़ाते हुए यह समझना होगा कि अदालती निगरानी और प्रशासनिक दबाव के बीच यह समझौता सरकार के लिए एक अस्थायी राहत मात्र है। चूंकि पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में डीए एरियर का मामला पहले से विचाराधीन है, इसलिए यह देखना बेहद अहम होगा कि मुख्यमंत्री स्तर पर होने वाली आगामी बैठक में सरकार बकाए के भुगतान पर क्या ठोस वित्तीय खाका पेश करती है। अगर लंबित प्रशासनिक मुद्दों पर समयबद्ध और संतोषजनक निर्णय नहीं हुआ, तो राज्य के करीब 85 हजार कर्मचारियों का यह असंतोष फिर से कानूनी और सड़क मार्ग पकड़ सकता है, जिससे प्रशासनिक स्थिरता पर दोबारा संकट आ सकता है.

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR