वैश्विक वित्तीय बाजारों में निवेशक आगामी आर्थिक आंकड़ों का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, जो केंद्रीय बैंकों की भविष्य की ब्याज दर नीतियों की दिशा तय करेंगे। इस समय निवेशकों का सबसे ज्यादा ध्यान अमेरिका के आगामी उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) डेटा पर केंद्रित है। यह मुद्रास्फीति आंकड़ा अगले सप्ताह होने वाली फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) की बैठक के लिए बेहद निर्णायक माना जा रहा है। मजबूत श्रम बाजार के आंकड़ों ने सितंबर में ब्याज दर वृद्धि की 60% संभावना को बनाए रखा है, लेकिन केवल रोजगार डेटा निवेशकों को किसी एक स्पष्ट दिशा में ले जाने में सक्षम नहीं रहा है। यही वजह है कि अब मुद्रास्फीति के आंकड़े बाजार की अल्पकालिक दिशा तय करने वाले सबसे महत्वपूर्ण कारक बन गए हैं।
फेडरल रिजर्व की नीति और डीबीएस बैंक के मुद्रास्फीति अनुमान
डीबीएस बैंक के विश्लेषकों का मानना है कि पिछले कुछ समय के मुद्रास्फीति आंकड़े काफी नियंत्रित रहे हैं। इसकी मुख्य वजह परिवहन घटकों की कीमतों में उम्मीद से कम बढ़ोतरी होना है। इसके अलावा, अर्थव्यवस्था के व्यापक क्षेत्रों में मूल्य दबाव फैलने के कोई संकेत नहीं दिखे हैं। ब्याज दर नीति पर संभावित असर का आकलन करते हुए डीबीएस के विश्लेषकों ने स्पष्ट आंकड़े पेश किए हैं। उनके अनुसार, मौसमी रूप से समायोजित CPI में 0.4% MoM की बढ़ोतरी और कोर CPI में 0.3% MoM की वृद्धि वह न्यूनतम स्तर होगा, जो निवेशकों को जल्द ब्याज दरें बढ़ाए जाने की संभावना को मजबूत करने के लिए प्रेरित कर सकता है।
इसके विपरीत, यदि मुख्य CPI और कोर CPI दोनों आंकड़े 0.2% MoM पर रहते हैं, तो निकट भविष्य में ब्याज दरें बढ़ाए जाने की संभावना घटकर शून्य के करीब पहुंच सकती है। यील्ड कर्व के नजरिए से देखें तो अल्पकालिक अमेरिकी डॉलर ब्याज दरों में पहले से ही कड़े रुख का असर शामिल दिख रहा है। 2-वर्षीय अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड 4.4% के आसपास बनी हुई है, जो फेडरल रिजर्व की सख्त मौद्रिक नीति की संभावनाओं को दर्शाती है। इसमें कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों से उत्पन्न चिंताओं का असर भी शामिल है, जहाँ ब्रेंट क्रूड 99 USD प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा है।
विदेशी मुद्रा बाजार: AUD/USD और USD/JPY की चाल
अमेरिकी मुद्रास्फीति रिपोर्ट से पहले विदेशी मुद्रा बाजार में भी मिश्रित गतिविधियां देखने को मिल रही हैं। AUD/USD मुद्रा जोड़ी ने बुधवार को एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान 0.7200 के स्तर से ऊपर मजबूती बनाए रखी। चीन से आए तेज CPI और PPI आंकड़ों के बावजूद ऑस्ट्रेलियाई डॉलर पर कोई खास असर नहीं पड़ा। इसके बजाय, रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया (RBA) द्वारा ब्याज दरें बढ़ाए जाने की बढ़ती उम्मीदों और जापानी येन में आई मजबूती से अमेरिकी डॉलर में दिखी कमजोरी के कारण ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को समर्थन मिल रहा है।
दूसरी ओर, USD/JPY मुद्रा जोड़ी में मंदी का रुख बना हुआ है और यह बुधवार को यूरोपीय कारोबारी सत्र में 153.50 के आसपास कारोबार कर रही है। तानकन व्यावसायिक सर्वेक्षण से मिले मजबूत संकेतों ने बैंक ऑफ जापान (BoJ) की नीति को सामान्य बनाने के फैसले को बल दिया है, जिससे जापानी येन मजबूत हुआ है। इसके परिणामस्वरूप, यह मुद्रा जोड़ी मंगलवार को दर्ज किए गए लगभग सात महीने के निचले स्तर के करीब बनी हुई है, क्योंकि अमेरिकी डॉलर में चौतरफा कमजोरी देखी जा रही है।
सोने में रिकवरी और पाई नेटवर्क इकोसिस्टम की प्रगति
कमोडिटी बाजार में सोने ने तीन दिनों की गिरावट के सिलसिले को तोड़ते हुए एक सप्ताह के निचले स्तर से रिकवरी की है। बुधवार को यूरोपीय सत्र की शुरुआत में सोना $4,400 प्रति औंस के स्तर को पार कर गया। सोने की कीमतों में यह तेजी अमेरिकी डॉलर में आई गिरावट के कारण देखने को मिली है, जो जापानी येन की मजबूती के चलते पिछले दो हफ्तों से अधिक के निचले स्तर पर आ गया है।
डिजिटल एसेट बाजार में पाई नेटवर्क (PI) ने बुधवार को अपनी रिकवरी जारी रखी और यह $0.098 से ऊपर कारोबार कर रहा है। इस सप्ताह की शुरुआत में 50-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) के पास सपोर्ट मिलने के बाद PI टोकन में तेजी आई है। यह सुधार पाई कोर टीम के उस बयान के बाद देखने को मिला है, जिसमें उन्होंने नेटवर्क पर एप्लिकेशन स्तर की उपयोगिता बढ़ाने के लिए डेवलपर इकोसिस्टम को मजबूत करने पर जोर दिया है।
ऊर्जा बाजार का हाल और क्रूड ऑयल (CL=F) का तकनीकी विश्लेषण
ऊर्जा बाजार में रिफाइंड उत्पादों के स्प्रेड में बड़ा बदलाव देखा जा रहा है। हालांकि कच्चा तेल बाजार पिछले महीनों की तुलना में शांत नजर आ रहा है, लेकिन डीजल बाजार अलग संकेत दे रहा है। US डीजल क्रैक स्प्रेड, जो WTI क्रूड के मुकाबले अल्ट्रा-लो सल्फर डीजल फ्यूचर्स का प्रीमियम होता है, इतिहास में पहली बार $100 प्रति बैरल से ऊपर निकल गया और $102.00 प्रति बैरल के रिकॉर्ड स्तर को छू गया।
क्रूड ऑयल (CL=F) का लाइव मार्केट डेटा मजबूत तेजी का संकेत देता है। 9 सितंबर 2026 के क्लोज-बेल सत्र में कच्चा तेल $94.69 प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है, जो पिछले बंद भाव $93.03 से 1.78% की बढ़ोतरी को दर्शाता है। पिछले 52 हफ्तों के दौरान कच्चे तेल की कीमत $54.98 से $119.48 प्रति बैरल के दायरे में रही है। 14-दिवसीय रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) 70 पर है, जो संपत्ति के ओवरबॉट जोन में होने का संकेत देता है। MACD इंडिकेटर 2.87 पर है, जबकि सिग्नल लाइन 1.95 पर है, जिससे 0.91 का पॉजिटिव हिस्टोग्राम बन रहा है।
मूविंग एवरेज लंबी अवधि में तेजी के रुझान की पुष्टि करते हैं। यहाँ 50-दिवसीय EMA $84.87 पर है, जो 200-दिवसीय EMA $77.26 से ऊपर रहकर गोल्डन क्रॉस पैटर्न बना रहा है। 20-दिवसीय EMA $87.36 पर है, जबकि 50-दिवसीय SMA $81.91 और 200-दिवसीय SMA $79.15 पर स्थित है। कच्चे तेल की कीमत $94.45 के अपर बोलिंगर बैंड को पार कर गई है। तकनीकी स्तरों के अनुसार दैनिक पिवट पॉइंट $94.43 पर है, जिसमें पहला रेजिस्टेंस R1 $95.11 और दूसरा रेजिस्टेंस R2 $95.52 पर है। वहीं नीचे की तरफ पहला सपोर्ट S1 $94.02, दूसरा सपोर्ट S2 $93.34 और 20-दिवसीय मुख्य सपोर्ट $79.62 के पास स्थित है। 14-दिवसीय एवरेज ट्रू रेंज (ATR) 3.49 है, जो दैनिक उतार-चढ़ाव को दर्शाता है।



















