उत्तराखंड के हल्द्वानी शहर में स्थित बनभूलपुरा में रेलवे की 29 एकड़ जमीन से अतिक्रमण हटाने से जुड़े बहुचर्चित मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अपनी सुनवाई टाल दी है। हालांकि, मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने इस पर बहुत जल्द फैसला लेने का आश्वासन दिया है। सुनवाई के दौरान रेलवे की पैरवी कर रहे अधिवक्ता ने पीठ के समक्ष आपात स्थिति का उल्लेख करते हुए बताया कि गौला नदी का जलस्तर बढ़ने से पानी सीधे रेलवे पटरियों तक पहुंच चुका है। पटरियों को लगातार नुकसान पहुंच रहा है, इसलिए इस विषय पर शीघ्र अति शीघ्र निर्णय लिया जाना अत्यंत आवश्यक है। वहीं, मामले के याचिकाकर्ताओं ने भी कोर्ट से जल्द से जल्द सुनवाई पूरा करने का अनुरोध किया। इन दलीलों को सुनने के बाद मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने दोनों पक्षों को जल्द सुनवाई का भरोसा दिलाया है।
धामी सरकार की अर्जी और विस्थापन योजना का कानूनी पहलू
बनभूलपुरा क्षेत्र की 30 हेक्टेयर रेलवे भूमि पर काबिज लोगों से जुड़े इस मामले में उत्तराखंड की धामी सरकार ने भी सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल कर जल्द सुनवाई का आग्रह किया था। इससे पहले उत्तराखंड हाईकोर्ट ने रेलवे की दावा की गई जमीन से सभी तरह के अतिक्रमण तुरंत हटाने का स्पष्ट निर्देश दिया था। हाईकोर्ट के इस फैसले को चुनौती देते हुए स्थानीय प्रभावित लोगों ने शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाया था। याचिका पर विचार करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व में रेलवे प्रशासन और राज्य सरकार को निर्देश दिया था कि वे वहां रह रहे लोगों के पुनर्वास के लिए एक ठोस योजना तैयार करें। इसके तहत प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत आने वाले परिवारों की पहचान के लिए सर्वे कार्य पूरा किया जा चुका है।
3500 से अधिक मकान और 27 हजार लोगों की निगाहें
इस पूरे कानूनी विवाद पर बनभूलपुरा के लगभग 27 हजार लोगों की सीधे तौर पर नजरें टिकी हुई हैं। रेलवे की 30 हेक्टेयर जमीन पर 3500 से भी अधिक पक्के और कच्चे घर बनाकर लोग लंबे समय से रह रहे हैं। अदालत का अंतिम निर्णय यह तय करेगा कि इन हजारों परिवारों के रहने की व्यवस्था किस प्रकार की जाएगी और रेलवे अपनी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को सुरक्षित तरीके से कैसे आगे बढ़ाएगा।
सुरक्षा व्यवस्था सख्त: 300 पुलिसकर्मी और पीएसी तैनात
सुनवाई के दिन किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना या शांति भंग होने की आशंका को देखते हुए हल्द्वानी प्रशासन और पुलिस विभाग ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) मंजू नाथ टीसी ने सुरक्षा तैयारियों की जानकारी देते हुए बताया कि करीब 2 साल पहले जब एक छोटे से अतिक्रमण को हटाने का प्रयास किया गया था, तब अचानक हिंसा भड़क गई थी। उसी पुराने अनुभव को ध्यान में रखते हुए इस बार व्यापक सुरक्षा घेरा तैयार किया गया है। पूरे बनभूलपुरा इलाके को सुपर जोन में विभाजित कर दिया गया है। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों के नेतृत्व में 300 से अधिक पुलिसकर्मियों तथा पीएसी (PAC) की 2 कंपनियों की तैनाती की गई है। पुलिस का मुख्य ध्येय क्षेत्र में अमन चैन और कानून व्यवस्था बनाए रखना है।





















