राजस्थान के जयपुर से सामने आई एक बड़ी घटना में बहरोड़ कोतवाली थाने से गुरुवार रात को तीन आरोपी पुलिस की गिरफ्त से भाग निकलने में कामयाब हो गए। इन तीनों संदिग्धों को चोरी के एक मामले में पकड़ा गया था और थाने के स्वागत कक्ष में बैठाकर रखा गया था। लेकिन तीनों शातिर आरोपियों ने स्वागत कक्ष के जंगले की लोहे की जाली को उखाड़ फेंका और पुलिस को पूरी तरह चकमा देकर वहां से फरार हो गए। इस बड़ी घटना की भनक लगते ही पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में पुलिस की कई विशेष टीमों को फरार आरोपियों की तलाश में उनके संभावित ठिकानों पर दबिश देने के लिए रवाना कर दिया गया। थाने के भीतर हुई इस सुरक्षा चूक के सामने आने के बाद स्थानीय पुलिस अधिकारियों ने पूरी तरह से चुप्पी साध ली है और मीडिया से कुछ भी बोलने से बच रहे हैं।
सिलेंडर चोरी के मामले में पकड़े गए थे आरोपी
प्राप्त जानकारी के अनुसार यह पूरा मामला सिलेंडर चोरी की वारदात से जुड़ा हुआ है। इसी सिलसिले में दो युवकों समेत कुल तीन लोगों को गुरुवार के दिन शांति भंग करने के आरोप में हिरासत में लिया गया था। पुलिस ने शुरुआती पूछताछ और औपचारिकताएं पूरी करने के बाद तीनों को रात के वक्त बहरोड़ कोतवाली थाने के स्वागत कक्ष में ताला लगाकर रखा था। रात के करीब 9 बजे का समय था जब इन आरोपियों ने योजनाबद्ध तरीके से स्वागत कक्ष के जंगले की लोहे की जाली को उखाड़ दिया और मौके से भाग खड़े हुए। जैसे ही थाने के संतरी और अन्य पुलिसकर्मियों को आरोपियों के फरार होने की इस बात की सूचना मिली, उनके होश उड़ गए। उन्होंने बिना किसी देरी के तुरंत अपने आलाधिकारियों को इस गंभीर घटना की पूरी जानकारी दी।
पुलिस टीमों का सर्च ऑपरेशन जारी
घटना के तुरंत बाद पुलिस हरकत में आई और आसपास के तमाम इलाकों में तीनों की तलाश के लिए सघन सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया गया, लेकिन काफी कोशिशों के बाद भी उनका कोई सुराग हाथ नहीं लगा। इसके बाद आरोपियों के छिपने के सभी संभावित ठिकानों पर अलग-अलग पुलिस टीमों को भेजकर ताबड़तोड़ दबिश दी गई। हालांकि, देर रात तक चले इन छापों के बावजूद तीनों आरोपियों का कोई पता नहीं चल सका। हैरानी की बात यह है कि इस पूरे मामले के संबंध में जब मीडियाकर्मियों ने थानाधिकारी और अन्य जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों से बात करनी चाही, तो उन्होंने किसी भी तरह की जानकारी देने से साफ इनकार कर दिया।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल और संभावित कार्रवाई
कोतवाली थाने के स्वागत कक्ष जैसे संवेदनशील स्थान से आरोपियों के इस तरह फरार हो जाने की खबर जैसे ही बाहर आई, यह सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो गई। इस घटना ने पुलिस थाने की सुरक्षा व्यवस्था और कैदियों की निगरानी के तरीकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शुक्रवार की दोपहर तक पुलिस महकमा आरोपियों को पकड़ने के लिए कई संभावित ठिकानों पर दबिश दे चुका था, लेकिन पुलिस के हाथ अभी तक खाली ही हैं। सूत्रों के अनुसार इस भारी लापरवाही को देखते हुए घटना के समय ड्यूटी पर तैनात रहे पुलिसकर्मियों पर जल्द ही विभागीय कार्रवाई की गाज गिर सकती है।



















