भीलवाड़ा जिले में आगामी नगर निकाय चुनावों को लेकर चल रही सियासी हलचल इस बार किसी चुनावी रणनीति या जीत के दावों के बजाय अंदरूनी बगावत के कारण चर्चा का विषय बन गई है। चुनाव से ठीक पहले टिकट बंटवारे को लेकर सुगबुगाहट शुरू होते ही भारतीय जनता पार्टी के भीतर चल रहा असंतोष खुलकर सड़क पर आ गया है। स्थिति तब बेहद तनावपूर्ण हो गई जब जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं की कथित उपेक्षा से आहत होकर प्रताप नगर मंडल के लगभग सत्तर कार्यकर्ताओं ने एक साथ अपनी प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने का कड़ा कदम उठाया। एक साथ इतने बड़े पैमाने पर आए इन सामूहिक इस्तीफों ने स्थानीय राजनीतिक गलियारों में भारी खलबली पैदा कर दी है।
बीते रविवार का दिन भीलवाड़ा की स्थानीय राजनीति के लिहाज से काफी उठापटक और तनावपूर्ण गतिविधियों से भरा रहा। प्रताप नगर मंडल के दायरे में आने वाले करीब सत्तर पदाधिकारियों ने अपनी गहरी नाराजगी दर्ज कराते हुए अपने त्यागपत्र तैयार किए और सीधे प्रताप नगर मंडल अध्यक्ष राव नागेंद्र सिंह के आवास पर जा पहुंचे। इन सभी ने अपने इस्तीफे के कागजात मंडल अध्यक्ष को सौंप दिए, जो पार्टी संगठन के भीतर सुलग रहे असंतोष की आग को साफ तौर पर उजागर करता है। बागी कार्यकर्ताओं का मुख्य आरोप है कि निकाय चुनावों के लिए जिन उम्मीदवारों के नामों पर विचार किया जा रहा है या जिनकी चर्चाएं चल रही हैं, वे संगठन के मानदंडों पर बिल्कुल खरे नहीं उतरते हैं।
संगठन के वफादार सिपाहियों की अनदेखी का गंभीर आरोप
सामूहिक इस्तीफा देने वाले कार्यकर्ताओं का स्पष्ट रूप से कहना है कि पिछले कई वर्षों से वार्ड और बूथ स्तर पर कड़ी मेहनत करने वाले और पार्टी के प्रति पूरी तरह वफादार रहने वाले सिपाहियों की लगातार उपेक्षा की जा रही है। पार्टी के एक असंतुष्ट कार्यकर्ता ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए बताया कि वह पिछले बीस सालों से पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ भारतीय जनता पार्टी के सक्रिय कार्यकर्ता के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने दो टूक शब्दों में यह भी स्पष्ट किया कि उनका यह विरोध केवल टिकट न मिलने के व्यक्तिगत स्वार्थ से जुड़ा हुआ नहीं है, बल्कि असली पीड़ा इस बात की है कि जिन लोगों का संगठन के संघर्षों से दूर-दूर तक कोई नाता नहीं रहा, उन्हें आगे बढ़ाने की चर्चाएं चल रही हैं। कार्यकर्ताओं का यह भी मानना है कि यदि बाहरी या पैराशूट उम्मीदवारों को मैदान में उतारा गया, तो इससे पार्टी की मूल विचारधारा कमजोर होगी और कैडर का मनोबल टूट जाएगा।
मंडल अध्यक्ष का पक्ष और उच्च नेतृत्व से बड़ी उम्मीदें
इस पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रताप नगर मंडल अध्यक्ष राव नागेंद्र सिंह ने इस बात की पुष्टि की है कि उनके मंडल के करीब सत्तर कार्यकर्ताओं ने अपनी प्राथमिक सदस्यता से त्यागपत्र उन्हें सौंप दिए हैं, जिसमें कई प्रमुख पदाधिकारी भी शामिल हैं। हालांकि, स्थिति को स्पष्ट करते हुए उन्होंने यह भी कहा कि टिकट वितरण को लेकर अभी केवल नामों की अटकलें और चर्चाएं ही चल रही हैं, और पार्टी संगठन की ओर से अब तक कोई भी आधिकारिक सूची जारी नहीं की गई है। इसके बावजूद कार्यकर्ताओं का इस हद तक आक्रोशित होना एक गंभीर चिंता का विषय है। नाराज कार्यकर्ताओं ने पार्टी के वरिष्ठ और उच्च नेतृत्व से पुरजोर मांग की है कि उम्मीदवारों के चयन में केवल उन निष्ठावान कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता दी जानी चाहिए जिन्होंने विपरीत हालातों में भी पार्टी संगठन को सींचा है।





















