जयपुर के भट्टा बस्ती इलाके से एक ऐसा वाकया सामने आया है जिसने प्रशासनिक लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहाँ स्थित एक सरकारी स्कूल पर लंबे समय से ताला लटका हुआ है, जिसके चलते बच्चों की पढ़ाई पूरी तरह ठप हो चुकी है। इस हालात ने स्थानीय स्तर पर राजनीतिक सरगर्मी तेज कर दी है। बच्चों के भविष्य को खतरे में देख कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं ने इस मामले में दखल देते हुए मोर्चा संभाल लिया है। CJP की एक प्रतिनिधि टीम ने भट्टा बस्ती के न्यू संजय नगर स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय का औचक निरीक्षण किया और ज़मीनी हक़ीक़त का जायजा लिया। इस दौरान वहाँ मौजूद स्थानीय लोगों और बच्चों के अभिभावकों में भी गहरा असंतोष देखा गया, जो इस समस्या से लंबे अर्से से जूझ रहे हैं।
भट्टा बस्ती के न्यू संजय नगर में बना यह राजकीय प्राथमिक विद्यालय काफी समय से बंद हालत में है। जब CJP के पदाधिकारी और कार्यकर्ता पूरी तैयारी के साथ इस स्कूल परिसर में पहुँचे, तो उन्होंने पाया कि मुख्य गेट पर ताला जड़ा हुआ है और पूरा परिसर वीरान पड़ा है। स्कूल के कमरों और खेल के मैदान की दुर्दशा साफ बयाँ कर रही थी कि लंबे समय से यहाँ कोई शैक्षणिक गतिविधि नहीं हुई है। इस तालाबंदी के कारण स्थानीय बच्चों की पढ़ाई की गाड़ी पूरी तरह पटरी से उतर चुकी है और उनका भविष्य अनिश्चितता के अंधेरे में धकेल दिया गया है।
मौके पर पहुँची CJP की टीम ने प्रशासन और शिक्षा विभाग के रवैये पर कड़ी आपत्ति जताई। पार्टी प्रतिनिधियों ने दो टूक शब्दों में मांग की है कि स्कूल के ताले तत्काल प्रभाव से खोले जाने चाहिए। उनका तर्क है कि एक सरकारी शिक्षण संस्थान का इस तरह बंद रहना सीधे तौर पर गरीब परिवारों के बच्चों के मौलिक अधिकारों पर कुठाराघात है। स्कूल बंद रहने की वजह से कई बच्चों की पढ़ाई बीच में ही छूट चुकी है और वे पढ़ाई छोड़ने यानी ड्रॉप आउट होने की विवशता झेल रहे हैं। हालात की गंभीरता को देखते हुए CJP टीम ने उन अभिभावकों से भी व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की जिनके बच्चे स्कूल बंद होने के कारण पढ़ाई छोड़ चुके हैं। टीम ने परिवारों की मुश्किलें सुनीं और उन्हें भरोसा दिलाया कि बच्चों की पढ़ाई को दोबारा पटरी पर लाने के लिए हरसंभव प्रयास किया जाएगा।
शिक्षा व्यवस्था सुचारु करने का अल्टीमेटम
जैसे ही CJP टीम के स्कूल पहुँचने की खबर इलाके में फैली, बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक और अभिभावक वहाँ जमा हो गए। जनता ने पार्टी के सामने अपनी पीड़ा रखते हुए बताया कि स्कूल बंद होने से उन्हें अपने मासूम बच्चों को काफी दूर स्थित निजी या अन्य सरकारी स्कूलों में भेजने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। इससे उनकी आर्थिक स्थिति पर भी अनावश्यक बोझ पड़ रहा है। स्थानीय निवासियों ने स्कूल को तुरंत खुलवाने की मांग का पुरजोर समर्थन किया। CJP ने स्कूल की बदहाली और तालाबंदी का कड़ा विरोध करते हुए प्रशासन को अल्टीमेटम दिया है कि यदि जल्द ही ताले नहीं खोले गए और शिक्षण कार्य सुचारु नहीं किया गया, तो पार्टी और स्थानीय लोग मिलकर एक बड़ा और उग्र आंदोलन करेंगे।





















