टोंक जिले में एक चर्चित राजनीतिक मामले से जुड़ी अहम गतिविधि सामने आई है, जिसके तहत नरेश मीणा को स्वास्थ्य लाभ मिलने के बाद वापस टोंक जेल में दाखिल करवा दिया गया है। पिछले कुछ दिनों से उनकी मेडिकल स्थिति और अस्पतालों में इलाज का दौर लगातार सुर्खियों में बना हुआ था। अब जब उनकी सेहत में सुधार दर्ज किया गया, तो पुलिस और प्रशासन ने बिना किसी देरी के उन्हें वापस जेल भेजने की प्रक्रिया को पूरी सुरक्षा के बीच अंजाम दिया। इस पूरी गतिविधि के दौरान कानून और शांति व्यवस्था कायम रखना प्रशासन की सबसे बड़ी प्राथमिकता रही।
याद दिला दें कि यह पूरा घटनाक्रम तब शुरू हुआ जब न्यायिक हिरासत में रह रहे नरेश मीणा की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी। इसके तुरंत बाद उन्हें स्थानीय स्तर पर टोंक के सआदत अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने उनका स्वास्थ्य परीक्षण किया। लेकिन हालत की गंभीरता को भांपते हुए चिकित्सकों ने उन्हें सआदत अस्पताल के आईसीयू वार्ड से निकालकर बेहतर इलाज के लिए जयपुर के एसएमएस अस्पताल भेजने का फैसला किया। जयपुर के इस प्रतिष्ठित संस्थान में विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में उनका काफी दिनों तक इलाज चला, जिसके बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
जयपुर से वापसी का सफर पूरी तरह से सुरक्षा घेरे के तहत तय किया गया, ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या विरोध के हालात से बचा जा सके। पुलिस प्रशासन ने भारी अमले की तैनाती के बीच काफिले को जयपुर से टोंक की ओर रवाना किया। सफर के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी लगातार इस मूवमेंट पर नजर रखे हुए थे ताकि वाहन सुरक्षित तरीके से अपने गंतव्य तक पहुंच सकें।
टोंक जेल परिसर में बढ़ाई गई सुरक्षा व्यवस्था
जैसे ही भारी पुलिस सुरक्षा के साथ काफिला टोंक पहुंचा, वह सीधे जिला कारागृह के बाहर आकर रुका। जेल के भीतर और बाहर दोनों ही जगहों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया था ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने पहले से ही बैरिकेडिंग और नियंत्रण के पुख्ता उपाय कर रखे थे। प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों की संयुक्त निगरानी में तमाम जरूरी कागजी और चिकित्सीय प्रक्रियाएं पूरी की गईं, जिसके बाद नरेश मीणा को सुरक्षित तरीके से वापस टोंक जेल के अंदर शिफ्ट कर दिया गया।





















