राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के मांडल क्षेत्र में नानकपुरा के पास एक भीषण सड़क हादसा सामने आया, जहां दो भारी ट्रकों के बीच आमने-सामने की जोरदार टक्कर हो गई। भिड़ंत इतनी जबरदस्त थी कि देखते ही देखते एक ट्रक में अचानक विकराल आग लग गई और लपटें उठने लगीं। जिस ट्रक में आग भड़की, उसमें शराब की पेटियां भरी हुई थीं। लपटों से घिरे केबिन में वाहन के चालक और खलासी दोनों भीतर ही फंस गए, जिससे उनकी जान पर गंभीर संकट बन आया।
जलते वाहन से पुलिस और एंबुलेंस कर्मियों ने किया रेस्क्यू
घटना के समय मौके पर मौजूद नानकपुरा चौकी के कांस्टेबल देवेंद्र सिंह और 108 एंबुलेंस पायलट प्रभु प्रजापत ने त्वरित सूझबूझ और साहस का परिचय दिया। उन्होंने अपनी व्यक्तिगत सुरक्षा की परवाह किए बिना धधकते हुए केबिन में प्रवेश करने का प्रयास किया और अंदर फंसे चालक सियाराम व खलासी किशन को सुरक्षित खींचकर बाहर निकाला। दोनों घायल व्यक्ति कोटपुतली के निवासी बताए गए हैं। रेस्क्यू के फौरन बाद उन्हें हाईवे एंबुलेंस के जरिए भीलवाड़ा स्थित महात्मा गांधी जिला चिकित्सालय पहुंचाया गया, जहां दोनों का उपचार जारी है।
दमकल ने बुझाई आग, हाईवे पर लगा 3 किलोमीटर लंबा जाम
टक्कर और आगजनी की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की गाड़ियां तुरंत घटनास्थल पर पहुंचीं और कर्मियों ने मशक्कत के बाद लपटों पर पूरी तरह काबू पाया। हादसे की वजह से हाईवे पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और करीब 3 किलोमीटर लंबा ट्रैफिक जाम बन गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कांस्टेबल राम प्रसाद कुमावत ने मौके पर पहुंचकर यातायात व्यवस्था को संभाला और फंसे हुए वाहनों को धीरे-धीरे आगे बढ़ाकर आवागमन सुचारू कराया। समय पर पुलिस, एंबुलेंस कर्मियों और फायर ब्रिगेड के त्वरित एक्शन से एक बड़ी अनहोनी टल गई।





















