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राजस्थान के श्रीगंगानगर में अक्टूबर की तपिश ने तोड़े रिकॉर्ड, पारा 40.6 डिग्री पहुंचाराजस्थान
4 अक्तू॰ 2026, 7:31 pm (55 मिनट पहले)· 0

राजस्थान के श्रीगंगानगर में अक्टूबर की तपिश ने तोड़े रिकॉर्ड, पारा 40.6 डिग्री पहुंचा

राजस्थान के सीमावर्ती जिले श्रीगंगानगर में अक्टूबर महीने में भीषण गर्मी लौट आई है, जहां दिन का तापमान 40.6 डिग्री सेल्सियस और रात का पारा 26 डिग्री सेल्सियस के करीब दर्ज हुआ.

राजस्थान के सीमावर्ती कृषि बाहुल्य जिले श्रीगंगानगर में मौसम के मिजाज ने अचानक करवट ले ली है, जिससे अक्टूबर के महीने में भी लोगों को भीषण गर्मी का सामना करना पड़ रहा है. आमतौर पर इस महीने में मौसम में हल्की ठंडक की शुरुआत होने लगती है, लेकिन इस समय इलाके में लू जैसे हालात बन रहे हैं. दिन के समय कड़कड़ाती धूप और अत्यधिक उमस ने आम जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है. घरों और दफ्तरों में बंद होने की कगार पर पहुंच चुके पंखे, कूलर और एयर कंडीशनर एक बार फिर पूरी रफ्तार से चलने लगे हैं.

तेज धूप और उमस से दैनिक दिनचर्या प्रभावित

मौसम में आए इस अप्रत्याशित बदलाव का सीधा असर नागरिकों की रोजमर्रा की जिंदगी पर दिखाई दे रहा है. सुबह की शुरुआत होते ही आसमान एकदम साफ रहता है और सूरज की किरणें तीखी धूप में बदल जाती हैं. दोपहर ढलते-ढलते सड़कों पर गर्म हवाएं चलने लगती हैं, जिसके कारण प्रमुख बाजारों, चौराहों और सार्वजनिक स्थलों पर सामान्य दिनों की तुलना में आवाजाही काफी घट गई है. लोग बहुत जरूरी काम होने पर ही दोपहर के समय बाहर निकल रहे हैं.

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विशेष रूप से खेतों में काम करने वाले किसानों और खुले आसमान के नीचे पसीना बहाने वाले दिहाड़ी मजदूरों के लिए यह स्थिति बेहद कठिन बन गई है. भारी उमस और तेज धूप के कारण शारीरिक थकावट तेजी से बढ़ रही है और काम करना मुश्किल हो रहा है. मौसम विभाग के अनुसार, इस पूरे इलाके की विशेष भौगोलिक स्थिति और मौजूदा मौसमी दशाओं के तालमेल की वजह से तापमान में यह भारी उछाल देखा जा रहा है.

रविवार को दर्ज हुआ प्रदेश का दूसरा सर्वाधिक तापमान

मौसम विज्ञान केंद्र के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, रविवार को श्रीगंगानगर में अधिकतम तापमान 40.6 डिग्री सेल्सियस के स्तर तक जा पहुंचा. यह स्तर सामान्य औसत से काफी अधिक है, जिसने क्षेत्र में तेज गर्मी का अहसास कराया है. दिनभर चिलचिलाती धूप के साथ उच्च आर्द्रता बनी रहने से लोगों का घर से कदम निकालना दूभर हो गया. दोपहर के वक्त जो लोग रास्तों पर थे, वे पेड़ों की छांव और ठंडे पेय पदार्थों का सहारा खोजते नजर आए. यह दर्ज तापमान पूरे राजस्थान राज्य में रिकॉर्ड किए गए सबसे अधिक तापमानों की सूची में दूसरे स्थान पर रहा, जो बताता है कि सीमांत क्षेत्र में गर्मी का प्रभाव कितना प्रचंड है.

गर्म रातों ने बढ़ाई बेचैनी, राहत के आसार नहीं

दिन की चिलचिलाती धूप के बाद रात के वक्त भी मौसम कोई खास राहत नहीं दे पा रहा है. जिले में रात का न्यूनतम तापमान लगभग 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है. दिनभर तेज धूप से तपने वाली धरती और वातावरण रात के समय भी अपनी ऊष्मा नहीं छोड़ पा रहे हैं. वातावरण में नमी होने के कारण भारी उमस पैदा हो रही है, जिससे रात के समय भी सुकून की नींद लेना मुश्किल हो रहा है. लोग चैन की नींद सोने के लिए लगातार कूलर और एसी पर निर्भर हैं.

मौसम विशेषज्ञों का विश्लेषण है कि जब तक कोई नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय नहीं होता या वायुमंडल में कोई बड़ा मौसमी परिवर्तन नहीं आता, तब तक दिन और रात के पारे में गिरावट की उम्मीद कम है. जब तक मौसमी चक्र में नया बदलाव नहीं आता, तब तक इस क्षेत्र के बाशिंदों को इस असामान्य और तीखी गर्मी को झेलने के लिए तैयार रहना होगा.

सवाल-जवाब

श्रीगंगानगर में रविवार को अधिकतम तापमान कितना दर्ज किया गया?
मौसम विभाग की आधिकारिक जानकारी के अनुसार रविवार को श्रीगंगानगर में अधिकतम तापमान 40.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया.
राजस्थान भर में तापमान के मामले में श्रीगंगानगर किस स्थान पर रहा?
श्रीगंगानगर में दर्ज 40.6 डिग्री तापमान राजस्थान में रिकॉर्ड किए गए आंकड़ों में दूसरा सबसे अधिक तापमान रहा.
जिले में रात का न्यूनतम तापमान कितना बना हुआ है?
जिले में रात का न्यूनतम तापमान लगभग 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास स्थिर बना हुआ है.
इस तेज गर्मी का सबसे अधिक असर किन लोगों पर पड़ रहा है?
खुले आसमान के नीचे काम करने वाले किसानों और दिहाड़ी मजदूरों पर इसका सबसे बुरा असर पड़ रहा है, जिन्हें तेज धूप और उमस से थकावट झेलनी पड़ रही है.
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार गर्मी से राहत कब तक मिल सकती है?
विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक कोई नया पश्चिमी विक्षोभ या मौसमी बदलाव सक्रिय नहीं होता, तब तक तापमान में इसी तरह की तेजी बनी रहेगी.
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टिप्पणियाँ 2

Karan Malhotra@karan-malhotra·3 मिनट पहले

अक्टूबर में ऐसी गर्मी देखकर पिछले साल की वो यात्रा याद आ गई जब वहां चिलचिलाती धूप में गाड़ी का एसी भी जवाब दे गया था।

Rohan Verma@rohan-verma·3 मिनट पहले

करण भाई, आपकी बात सही है, अक्टूबर में 40 डिग्री पार होना वाकई हैरान करने वाला है।

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