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बीकानेर में विदेशी पर्यटकों की धूम, रेगिस्तान की सैर और लोक धुनों पर थिरक रहे सैलानीराजस्थान
8 नव॰ 2026, 7:28 am (4 मिनट पहले)· 0

बीकानेर में विदेशी पर्यटकों की धूम, रेगिस्तान की सैर और लोक धुनों पर थिरक रहे सैलानी

सर्दियों की शुरुआत के साथ ही बीकानेर में विदेशी पर्यटकों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है। यहां पहुंचने वाले सैलानी ऐतिहासिक इमारतों के दीदार के साथ राजस्थानी लोक संस्कृति और पारंपरिक जीवन शैली में पूरी तरह रच-बस रहे हैं।

सर्दियों का मौसम दस्तक देते ही रेगिस्तान की गोद में बसे बीकानेर में विदेशी पर्यटकों की चहल-पहल साफ तौर पर देखी जा सकती है। यहां आने वाले सैलानी केवल प्राचीन किलों और ऐतिहासिक स्मारकों को देखने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे पूरी तरह से राजस्थानी संस्कृति के रंग में रंगते हुए नजर आ रहे हैं। दिन के वक्त सुनहरे रेतीले धोरों पर ऊंट की सवारी का मजा लेना और रात के समय पारंपरिक खानपान के साथ देसी गानों पर थिरकना इन दिनों आम बात हो गई है। विदेशी मेहमानों का यह अनूठा और देसी अंदाज स्थानीय निवासियों के लिए भी खासा आकर्षण का विषय बना हुआ है।

रायसर के धोरों में गूंज रहा विदेशी पर्यटकों का उत्साह

बीकानेर के प्रसिद्ध रायसर के धोरों में इन दिनों बड़ी संख्या में विदेशी सैलानी प्राकृतिक सौंदर्य का लुत्फ उठा रहे हैं। शाम ढलते ही जब रेगिस्तान में राजस्थानी लोक संगीत गूंजता है, तो विदेशी मेहमान खुद को रोक नहीं पाते और देसी गानों की धुनों पर जमकर नृत्य करते हैं। भारतीय धुनों पर थिरकते इन सैलानियों के वीडियो सोशल मीडिया पर भी लोगों का ध्यान खींच रहे हैं। पर्यटन गाइड मोहम्मद जावेद के अनुसार, बीकानेर में विदेशी मेहमानों का आना अगस्त के महीने से ही शुरू हो जाता है। स्पेन और इटली जैसे देशों से लोग गर्मी के मौसम में भी छुट्टियां मनाने यहां पहुंचते हैं। हालांकि, अक्टूबर से फरवरी के बीच का समय यूरोपीय पर्यटकों के लिए मुख्य सीजन माना जाता है, जिसमें फ्रांस, जर्मनी, नीदरलैंड और बेल्जियम जैसे देशों से बड़ी संख्या में लोग बीकानेर का रुख करते हैं।

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हजारों की संख्या में पहुंच रहे सैलानी

गाइड मोहम्मद जावेद ने जानकारी दी है कि इस सीजन में अब तक लगभग 5 से 7 हजार विदेशी पर्यटक बीकानेर का दौरा कर चुके हैं। सुबह की पहली किरण के साथ ही ये सैलानी शहर के प्रमुख ऐतिहासिक स्थलों के भ्रमण पर निकल जाते हैं। इनमें लालगढ़ पैलेस, गजनेर पैलेस और शहर की मशहूर ऐतिहासिक रामपुरिया हवेलियां पर्यटकों की पहली पसंद बनी हुई हैं। इसके अलावा गजनेर झील की सुंदरता को निहारना और रायसर के धोरों में ऊंट सफारी का अनुभव करना उनके सफर का मुख्य हिस्सा है। शहर के प्राचीन मंदिरों और धरोहरों को देखकर वे यहां के समृद्ध इतिहास से भी भली-भांति परिचित हो रहे हैं। पारंपरिक खानपान और रहन-सहन उन्हें एक अलग ही अनुभव करा रहा है।

ग्रामीण पर्यटन को मिल रहा है नया बढ़ावा

भारत की प्राचीन अतिथि देवो भव की परंपरा और यहां के लोगों की आत्मीय मेहमाननवाजी विदेशी मेहमानों के दिलों पर गहरी छाप छोड़ रही है। इन सैलानियों को देश के रीति-रिवाजों, लोक संस्कृति और ग्रामीण जीवनशैली को बेहद करीब से देखने और समझने का अवसर मिल रहा है। अब विदेशी पर्यटकों का दायरा केवल शहर के भव्य महलों तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि वे गांवों और रेतीले इलाकों की जीवन शैली में भी खासी दिलचस्पी ले रहे हैं। ऊंट सफारी, लोक संगीत और ठेठ ग्रामीण परिवेश उनके इस सफर को यादगार बना रहा है। इसी का परिणाम है कि बीकानेर में ग्रामीण पर्यटन की संभावनाओं में लगातार विस्तार हो रहा है और यह शहर अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर अपनी एक अलग पहचान स्थापित कर रहा है।

सवाल-जवाब

बीकानेर में विदेशी पर्यटकों का सीजन कब शुरू होता है?
बीकानेर में विदेशी पर्यटकों का आगमन अगस्त महीने से शुरू हो जाता है, जबकि अक्टूबर से फरवरी के दौरान यूरोपीय देशों के पर्यटकों का मुख्य सीजन रहता है।
अब तक कितने विदेशी पर्यटक बीकानेर आ चुके हैं?
इस सीजन में अब तक लगभग 5 से 7 हजार विदेशी पर्यटक बीकानेर का दौरा कर चुके हैं।
विदेशी पर्यटकों के मुख्य आकर्षण के केंद्र कौन से हैं?
लालगढ़ पैलेस, गजनेर पैलेस, ऐतिहासिक रामपुरिया हवेलियां, गजनेर झील और रायसर के रेतीले धोरों में ऊंट सफारी पर्यटकों के मुख्य आकर्षण हैं।
किन देशों से सबसे ज्यादा पर्यटक बीकानेर पहुंच रहे हैं?
स्पेन, इटली, फ्रांस, जर्मनी, नीदरलैंड और बेल्जियम सहित कई यूरोपीय देशों से सैलानी बीकानेर आ रहे हैं।
पर्यटक रात के समय क्या गतिविधियां पसंद कर रहे हैं?
रात के समय विदेशी सैलानी पारंपरिक राजस्थानी भोजन का आनंद लेने के साथ देसी गानों और लोक संगीत की धुनों पर नृत्य कर रहे हैं।
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