क्रिकेट के मैदान पर भारत और न्यूजीलैंड की भिड़ंत हमेशा से ही बेहद रोमांचक रही है, लेकिन वर्ष 2026 भारतीय टीम के लिए ऐतिहासिक पन्नों में दर्ज हो गया है। कीवी टीम के खिलाफ एक ही कैलेंडर वर्ष में 11 मैचों में जीत दर्ज कर भारतीय खिलाड़ियों ने एक नया और बड़ा विश्व कीर्तिमान स्थापित कर दिया है।
न्यूजीलैंड के खिलाफ खेले गए दूसरे वनडे मुकाबले में डकवर्थ-लुईस नियम के तहत मिली 4 रन की बेहद करीबी और रोमांचक जीत ने इस नए रिकॉर्ड की नींव रखी। पांच मैचों की इस वनडे सीरीज का यह दूसरा मुकाबला 2026 के भीतर न्यूजीलैंड के विरुद्ध भारत की 11वीं विजय साबित हुआ। इसके साथ ही, भारत ने किसी एक साल में न्यूजीलैंड को सभी प्रारूपों को मिलाकर सर्वाधिक बार हराने का कारनामा कर दिखाया है।
ऑकलैंड और वेलिंगटन में बारिश के बीच रोमांचक मुकाबले
साल 2026 के शुरुआती महीनों से ही दोनों टीमों के बीच तीनों फॉर्मेट में जबरदस्त मुकाबला देखने को मिला है। वनडे मुकाबलों की बात की जाए तो भारतीय टीम ने खेले गए कुल पांच मैचों में से तीन में जीत हासिल की है। साल की शुरुआत जनवरी के महीने में बड़ौदा और राजकोट के मैचों से हुई थी, जहां शुरुआती मुकाबलों में न्यूजीलैंड ने बढ़त बनाई थी। हालांकि इंदौर के तीसरे वनडे में जोरदार वापसी करते हुए भारत ने 41 रनों से जीत दर्ज की। इसके बाद नवंबर में न्यूजीलैंड दौरे पर मौसम का मिजाज बदला रहा, जहां ऑकलैंड में खेले गए पहले वनडे में भारत ने पांच विकेट से बाजी मारी। इसके ठीक बाद वेलिंगटन में हुए दूसरे वनडे में डकवर्थ-लुईस नियम के आधार पर चार रनों की रोमांचक जीत हासिल कर टीम ने अपनी स्थिति मजबूत कर ली।
टी-20 प्रारूप में भारतीय टीम का एकतरफा दबदबा
छोटे फॉर्मेट यानी टी-20 इंटरनेशनल में तो भारतीय टीम का दबदबा पूरी तरह से एकतरफा नजर आया। वर्ष 2026 के दौरान न्यूजीलैंड के खिलाफ खेले गए कुल 11 टी-20 मैचों में से भारतीय टीम ने आठ मुकाबलों में शानदार जीत अपने नाम की। साल की शुरुआत में भारतीय जमीन पर खेली गई पांच मैचों की सीरीज में भारत ने 4-1 से कब्जा जमाया था। नागपुर, रायपुर, गुवाहाटी और तिरुवनंतपुरम के मैदानों पर भारत ने कीवी टीम को मात दी, जबकि विशाखापट्टनम में मेहमान टीम को एकमात्र सांत्वना जीत नसीब हुई। इसके अलावा मार्च 2026 में अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए टी-20 विश्व कप के खिताबी मुकाबले में भारत ने न्यूजीलैंड को 96 रनों से करारी शिकस्त देकर ट्रॉफी पर कब्जा किया और पूरे देश को जश्न का मौका दिया।
ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के पुराने रिकॉर्ड पीछे छूटे
भारतीय टीम की इस रिकॉर्ड-तोड़ सफलता ने रिकी पोंटिंग की कप्तानी वाले उस पुराने ऑस्ट्रेलियाई दौर की याद दिला दी, जिसने 2005 में न्यूजीलैंड को एक साल में 10 बार हराया था। इसके अलावा साल 2008 में इंग्लैंड की टीम भी कीवी टीम के खिलाफ नौ जीत दर्ज करने में सफल रही थी। लेकिन भारतीय टीम ने इन सभी दिग्गजों को पीछे छोड़ते हुए नया मुकाम हासिल किया है। विश्लेषकों का मानना है कि जहां 2005 में ऑस्ट्रेलिया ने 12 मुकाबलों में से 10 जीते थे, वहीं भारत को 11वीं जीत के लिए 16 मैच खेलने पड़े। इसके बावजूद आधुनिक दौर में न्यूजीलैंड जैसी लगातार बेहतर प्रदर्शन करने वाली टीम को इतनी बार हराना इस उपलब्धि को और भी खास बनाता है। अक्टूबर महीने में क्राइस्टचर्च और वेलिंगटन में शुरुआती टी-20 मुकाबले जीतकर भारत ने अपनी इस ऐतिहासिक श्रेष्ठता पर पक्की मुहर लगा दी।



















