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छोटी दिवाली पर कितने दीपक जलाना होता है फलदायी, जानिए सही समय और पूजा के जरूरी नियमधर्म
8 नव॰ 2026, 6:36 am (2 मिनट पहले)· 1

छोटी दिवाली पर कितने दीपक जलाना होता है फलदायी, जानिए सही समय और पूजा के जरूरी नियम

छोटी दिवाली या नरक चतुर्दशी के मौके पर दीपदान का विशेष महत्व माना गया है। जानिए इस दिन कितने दीये जलाने चाहिए, सही समय क्या है और दीये कहां-कहां रखने चाहिए।

कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को छोटी दिवाली के रूप में मनाया जाता है, जिसे नरक चतुर्दशी भी कहा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस खास दिन पर शाम के समय घर की नाली के पास या मुख्य द्वार के बाहर एक विशेष दीया प्रज्वलित किया जाता है। इस दीपक को मृत्यु के देवता यमराज के निमित्त जलाया जाता है, जिसके पीछे यह विश्वास है कि इससे परिवार के किसी भी सदस्य पर अकाल मृत्यु का संकट नहीं मंडराता और नरक की यातनाओं से मुक्ति मिलती है। इसके अलावा इस पावन पर्व पर तेल की मालिश करके स्नान करने की भी प्राचीन परंपरा चली आ रही है।

नरक चतुर्दशी पर स्नान और तेल मालिश का महत्व

धार्मिक ग्रंथों और पुराणों में इस बात का उल्लेख मिलता है कि चतुर्दशी तिथि के दिन माता लक्ष्मी तैल यानी तेल में और पवित्र गंगा जल में वास करती हैं। यही वजह है कि इस दिन सुबह के समय तेल लगाकर स्नान करने का विधान है, जिससे साधक पर मां लक्ष्मी की विशेष कृपा बरसती है। इस दिन केवल स्नान और उबटन का ही नहीं बल्कि दीप जलाने का भी बहुत बड़ा धार्मिक महत्व होता है। लोग अपने घरों को रोशन करते हैं और बुरी शक्तियों को दूर भगाने के लिए कई जगहों पर दीपदान करते हैं।

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छोटी दिवाली 2026 दीये जलाने का शुभ मुहूर्त

पंचांग के अनुसार छोटी दिवाली के दिन संध्या के समय दीपक प्रज्वलित करने का शुभ मुहूर्त 7 नवंबर 2026 को शाम 05:32 बजे से शुरू होकर रात 08:09 बजे तक रहेगा। इस समयावधि के भीतर दीपदान करना अत्यंत फलदायी और शुभ माना जाता है।

छोटी दिवाली पर कितने दीये जलाने चाहिए?

सामान्य तौर पर छोटी दिवाली के अवसर पर अपनी श्रद्धा के अनुसार जितने चाहें उतने दीपक जलाए जा सकते हैं, लेकिन शास्त्रों और परंपराओं के अनुसार इस दिन कम से कम 14 दीये तो जरूर प्रज्वलित करने चाहिए। इन चौदह दीयों के अलावा एक अतिरिक्त दीपक मृत्यु के देवता यमराज के नाम का अलग से जलाया जाता है, जिसका विशेष विधान है।

घर में इन 14 जगहों पर रखें दीपक

  1. घर के मुख्य द्वार पर दीया रखें
  2. पूजा स्थल या मंदिर में प्रज्वलित करें
  3. दक्षिण दिशा की ओर एक दीपक रखें
  4. अध्ययन कक्ष यानी स्टडी रूम में जलाएं
  5. अपने कार्यस्थल पर दीप रखें
  6. किसी पवित्र वृक्ष के समीप प्रज्वलित करें
  7. घर के बाहर मुख्य परिसर में रखें
  8. रसोई घर यानी किचन में जलाएं
  9. घर के आंगन में दीप रखें
  10. तुलसी के पौधे के पास रखें
  11. घर की छत पर दीया जलाएं
  12. खिड़कियों के पास रखें
  13. जल स्रोत के पास दीप रखें
  14. अन्न भंडार या अनाज के पास रखें

दीपदान से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण नियम

  • दीपक प्रज्वलित करने के लिए हमेशा पारंपरिक मिट्टी के दीयों का ही उपयोग करना चाहिए।
  • दीपदान हमेशा प्रदोष काल के दौरान ही करना चाहिए क्योंकि यह समय पूजा-पाठ और दीये जलाने के लिए सबसे श्रेष्ठ माना गया है।
  • छोटी दिवाली की शाम को मृत्यु के देवता यमराज के नाम का एक दीपक अनिवार्य रूप से जलाना चाहिए, जिसे या तो मुख्य द्वार के बाहर रखा जाता है या फिर नाली के पास स्थापित किया जाता है।

सवाल-जवाब

छोटी दिवाली 2026 कब है?
छोटी दिवाली या नरक चतुर्दशी 7 नवंबर 2026 को मनाई जाएगी।
छोटी दिवाली पर दीये जलाने का शुभ समय क्या है?
दीपक जलाने का शुभ समय 7 नवंबर 2026 की शाम 05:32 बजे से रात 08:09 बजे तक रहेगा।
छोटी दिवाली पर कम से कम कितने दीये जलाने चाहिए?
इस दिन कम से कम 14 दीये और एक यमराज का दीया जरूर जलाना चाहिए।
यमराज का दीया कहां रखना चाहिए?
यमराज के नाम का दीपक घर के मुख्य द्वार के बाहर या नाली के पास रखना चाहिए।
किस प्रकार के दीयों का उपयोग करना चाहिए?
दीपदान के लिए हमेशा पारंपरिक मिट्टी के दीपक का ही उपयोग करना चाहिए।
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