हवाई हमलों पर भड़का तालिबान, कहा दो दिन के भीतर पेशावर में फहरा सकते हैं अपना झंडादेवी लक्ष्मी का स्थाई वास चाहते हैं तो आचार्य चाणक्य के अनुसार घर में लाएं ये बुनियादी बदलावदार्जिलिंग के सेवोक में तीस्ता नदी पर 1176 करोड़ से बनेगा 6-लेन पुल, सिक्किम और पूर्वोत्तर की राह होगी आसानचोट से उबरकर कोर्ट पर लौटीं सोनाय कार्तल, चाइना ओपन में जीत के साथ किया आगाजव्रत के फलाहार में चाहिए सफेद और कुरकुरे चिप्स, तो खरीदारी के वक्त रखें इन जरूरी बातों का ध्यानकानपुर में अवैध हुक्का परोसने वालों पर बड़ा शिकंजा, 265 ठिकानों की पड़ताल के बाद 5 पर केस और 25 लोग हिरासत मेंलंबी बीमारी हराने के बाद काम पर लौटे बाइक टैक्सी चालक के साथ हादसा, डीटीसी बस की टक्कर में छात्रा की गई जानसर्वोच्च अदालत के न्यायाधीश के आरोपों पर पूर्व कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा का कड़ा जवाब, प्रक्रिया के तहत सवाल उठाने की दी नसीहतहरियाणा के पानीपत में श्मशान घाट पहुंचकर पुलिस ने चिता से हटाई विवाहिता की लाश, चुपचाप अंतिम संस्कार करने में जुटा था पतिघरेलू बाजार में महिंद्रा की यूटिलिटी गाड़ियों की मजबूत मांग, सितंबर में बिकीं 64092 एसयूवी
चिड़ावा के मुख्य बाजार में सांडों के संघर्ष से मची भगदड़, दुकानों में घुसे मवेशी और खौलता तेल सड़क पर गिराराजस्थान
1 अक्तू॰ 2026, 12:28 pm (25 मिनट पहले)· 0

चिड़ावा के मुख्य बाजार में सांडों के संघर्ष से मची भगदड़, दुकानों में घुसे मवेशी और खौलता तेल सड़क पर गिरा

झुंझुनूं के चिड़ावा बाजार में दो सांडों की भयानक भिड़ंत के बाद मिठाई और मोबाइल की दुकानों में अफरा-तफरी मच गई। गर्म जलेबी की कड़ाही पलटने से बड़ा हादसा टल गया, जबकि सांड के कान पर मिले टैग ने प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

राजस्थान के झुंझुनूं जिले में स्थित चिड़ावा कस्बे के व्यस्त मुख्य बाजार में बेसहारा मवेशियों के उपद्रव ने भारी अफरा-तफरी मचा दी। आम दिनों की तरह बाजार ग्राहकों की चहल-पहल से भरा हुआ था, तभी अचानक दो भारी-भरकम सांड आपस में भिड़ गए। दोनों पशु लड़ते-लड़ते इतने उग्र और बेकाबू हो गए कि सीधे सड़क किनारे स्थित एक मिठाई की दुकान के भीतर जा घुसे। इस अप्रत्याशित हमले से दुकान संचालक और उनके बेटे की जान पर बन आई, लेकिन वे दोनों बाल-बाल बचने में सफल रहे। हालांकि, दुकान के मुहाने पर रखा कड़ाही स्टैंड भीषण टक्कर से पलट गया, जिससे खौलता हुआ तेल और उसमें पक रही जलेबियां सड़क पर बिखर गईं।

दुकानों के भीतर मची अफरा-तफरी और जान बचाने की जद्दोजहद

मिठाई की दुकान में मचे कोहराम के तुरंत बाद भी सांडों का आक्रोश शांत नहीं हुआ। वहां से निकलते ही एक सांड पास में स्थित मोबाइल की दुकान में जबरन घुस गया। अचानक दुकान के भीतर विशालकाय पशु को आता देख मोबाइल व्यापारी और वहां मौजूद ग्राहक दहशत में आ गए और अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। बाजार में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। इसके बाद आसपास के व्यापारियों और स्थानीय नागरिकों ने हिम्मत जुटाकर लाठियों और रस्सियों की मदद से काफी देर तक मोर्चा संभाला। भारी मशक्कत के बाद सांड को सुरक्षित तरीके से दुकान से बाहर खदेड़ा जा सका। दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में यह पूरा घटनाक्रम रिकॉर्ड हो गया, जिसका वीडियो अब इंटरनेट पर भी तेजी से साझा किया जा रहा है।

कान पर लगे टैग ने खोली गौशाला और प्रशासनिक दावों की पोल

इस पूरे हंगामे के शांत होने के बाद जब स्थानीय लोगों और व्यापारियों ने सांड की जांच की, तो उसके कान पर एक आधिकारिक सरकारी टैग लगा हुआ पाया गया। कान में इस टैग के दिखते ही बाजार के कारोबारियों का गुस्सा भड़क उठा। व्यापारियों का स्पष्ट कहना है कि इस प्रकार का टैग तभी लगाया जाता है जब नगरपालिका बेसहारा पशुओं को अभियान चलाकर पकड़ती है और उन्हें श्रीकृष्ण गौशाला भेजती है। ऐसे में यह गंभीर सवाल खड़ा होता है कि यदि इस सांड को पहले ही पकड़कर गौशाला में दाखिल करवा दिया गया था, तो वह दोबारा शहर की घनी आबादी और भीड़भाड़ वाले मुख्य बाजार में कैसे पहुंच गया। इस खुलासे ने नगरपालिका प्रशासन और संबंधित गौशाला प्रबंधन के आपसी समन्वय व निगरानी तंत्र की गंभीर खामियों को उजागर कर दिया है।

व्यापार मंडल की कड़ी चेतावनी और स्थायी समाधान की गुहार

कस्बे के मुख्य बाजार में लगातार मंडराते बेसहारा पशुओं के आतंक से आम नागरिकों और कारोबारियों में गहरा असंतोष है। दुकानदारों का कहना है कि बाजारों में हर समय सांडों के झुंड डेरा जमाए रहते हैं, जिससे खरीदारी करने आने वाले ग्राहकों और व्यापारियों के मन में निरंतर भय बना रहता है। दुकानदारों को हर पल यह आशंका सताती है कि कोई बेकाबू जानवर अचानक उनकी दुकान में घुसकर संपत्ति को नुकसान न पहुंचा दे या किसी मासूम राहगीर को अपने सींगों से गंभीर रूप से चोटिल न कर दे। व्यापार मंडल ने साफ शब्दों में कहा कि प्रशासन द्वारा केवल कागजी औपचारिकता पूरी करने के लिए पशुओं को पकड़ना और फिर लावारिस छोड़ देना कोई स्थायी समाधान नहीं है।

व्यापारियों ने नगरपालिका और गौशाला प्रबंधन से मांग की है कि पकड़े गए सभी मवेशियों की कड़ी निगरानी सुनिश्चित की जाए और ऐसी सख्त व्यवस्था बने जिससे वे दोबारा मुख्य मार्गों पर न लौट सकें। इसके अलावा यह उत्तरदायित्व भी तय किया जाए कि गौशाला से पशुओं के बाहर आने की स्थिति में किसकी जवाबदेही होगी। स्थानीय कारोबारियों ने दो-टूक चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने इस खतरे के खिलाफ जल्द कोई ठोस और प्रभावी कदम नहीं उठाया, तो वे व्यापक स्तर पर उग्र आंदोलन शुरू करने को बाध्य होंगे।

ये भी पढ़ें

सवाल-जवाब

चिड़ावा के मुख्य बाजार में अचानक क्या हादसा हुआ?
बाजार में दो सांड आपस में लड़ते हुए एक मिठाई की दुकान और फिर पास की मोबाइल दुकान में घुस गए, जिससे भारी भगदड़ मच गई।
मिठाई की दुकान में किस तरह का नुकसान हुआ?
सांडों की टक्कर से बाहर रखा स्टैंड पलट गया और उबलते हुए तेल व जलेबियों से भरी कड़ाही सड़क पर बिखर गई, हालांकि दुकानदार बाल-बाल बच गए।
मोबाइल दुकान में घुसे सांड को कैसे बाहर निकाला गया?
स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों ने काफी मशक्कत के बाद लाठियों और रस्सियों के सहारे सांड को दुकान से बाहर निकाला।
सांड के कान पर लगे टैग को लेकर क्या विवाद खड़ा हुआ?
टैग से साबित हुआ कि सांड को नगरपालिका द्वारा पहले श्रीकृष्ण गौशाला भेजा गया था, जिससे सवाल उठा कि वह दोबारा बाजार में कैसे पहुंच गया।
स्थानीय व्यापारियों ने प्रशासन से क्या मांग की है?
व्यापारियों ने सांडों की आवाजाही पर स्थायी रोक लगाने, गौशाला व्यवस्था की सख्त निगरानी करने और सुधार न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Rohan Verma@rohan-verma·4 मिनट पहले

सांड के कान पर टैग देखकर गौशाला और नगरपालिका के दावों की पोल खुल गई। जब पशु पहले से पकड़ा जा चुका था, तो दोबारा बाजार में कैसे घूम रहा था?

Karan Malhotra@karan-malhotra·4 मिनट पहले

रोहन भाई, एकदम सही पकड़ा आपने। पिछले महीने जब मैं कवरेज के दौरान जयपुर के एक बाजार में था, तब भी ऐसा ही नजारा देखा था, गनीमत रही कि तब कोई खौलता तेल नहीं गिरा था।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp