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नरसिंहपुरा कचरा प्लांट विवाद: हनुमान बेनीवाल के हाईवे जाम के बाद प्रशासन ने मांगा 45 दिन का वक्तराजस्थान
1 अक्तू॰ 2026, 10:23 am (24 मिनट पहले)· 0

नरसिंहपुरा कचरा प्लांट विवाद: हनुमान बेनीवाल के हाईवे जाम के बाद प्रशासन ने मांगा 45 दिन का वक्त

श्रीगंगानगर के नरसिंहपुरा में कचरा निस्तारण प्लांट के विरोध में सांसद हनुमान बेनीवाल ने एनएच 62 पर धरना दिया, जिसके बाद प्रशासन ने कमेटी गठन कर 45 दिनों में समाधान निकालने का भरोसा दिलाया।

राजस्थान के श्रीगंगानगर में प्रस्तावित कचरा निस्तारण संयंत्र को लेकर स्थानीय ग्रामीणों और प्रशासन के बीच टकराव गहरा गया है। जिले के नरसिंहपुरा बारानी इलाके में स्थापित किए जाने वाले इस प्लांट के खिलाफ राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के राष्ट्रीय संयोजक और सांसद हनुमान बेनीवाल ने मोर्चा संभालते हुए आंदोलन तेज कर दिया है। बुधवार के दिन एक बड़ी महापंचायत का आयोजन किया गया, जो देर रात होते-होते नेशनल हाईवे पर एक व्यापक घेराव में बदल गई। सांसद बेनीवाल की अगुवाई में हजारों ग्रामीणों और पार्टी कार्यकर्ताओं ने गणेशगढ़ टोल प्लाजा पहुंचकर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया।

हाईवे पर लगा लंबा जाम, छावनी में बदला टोल प्लाजा

गणेशगढ़ टोल प्लाजा पर शुरू हुए इस आंदोलन का सीधा असर श्रीगंगानगर से निकलने वाले प्रमुख नेशनल हाईवे 62 पर देखने को मिला। भारी तादाद में लोगों के जुटने की वजह से इस मुख्य मार्ग पर यातायात पूरी तरह से रुक गया। करीब डेढ़ घंटे तक दोनों तरफ गाड़ियों की लंबी कतारें लगी रहीं और मुसाफिर फंसे रहे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सांसद हनुमान बेनीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर धरने की ताजा स्थिति साझा की और सरकार व जिला प्रशासन के रवैये की कड़ी आलोचना की। राष्ट्रीय राजमार्ग पर चक्काजाम की खबर मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में मौके पर 500 से ज्यादा पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया, जिससे समूचा इलाका पुलिस छावनी जैसा नजर आने लगा।

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मैराथन वार्ता और ग्रामीणों का सख्त रुख

सड़क पर बढ़ते जनदबाव और यातायात संकट को हल करने के लिए जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी देर रात खुद आंदोलन स्थल पर पहुंचे। इसके बाद प्रशासनिक दल और हनुमान बेनीवाल के बीच कई दौर की बातचीत चली। बातचीत के दौरान ग्रामीणों ने साफ शब्दों में कहा कि नरसिंहपुरा की जमीन पर किसी भी सूरत में कचरा निस्तारण प्लांट नहीं बनने दिया जाएगा। ग्रामीणों का तर्क था कि इस प्लांट से इलाके का पर्यावरण पूरी तरह खराब हो जाएगा और स्थानीय निवासियों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ेगा। सांसद ने दो टूक शब्दों में कह दिया कि जब तक समस्या का कोई ठोस और संतोषजनक समाधान नहीं निकाला जाता, तब तक टोल प्लाजा खाली नहीं किया जाएगा।

कमेटी गठन का वादा और 45 दिन की मोहलत

घंटों तक चली लंबी खींचतान और बढ़ते जनदबाव के बीच आखिरकार प्रशासनिक अधिकारियों को बैकफुट पर आना पड़ा। प्रशासन ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करने और संयंत्र के लिए कोई दूसरा मुफीद स्थान तलाशने के मकसद से डेढ़ महीने यानी 45 दिन का समय मांगा। इस दौरान एक विशेष जांच समिति बनाने का फैसला लिया गया, जिसमें ग्रामीणों के प्रतिनिधियों को भी जगह दी जाएगी। प्रशासन से लिखित आश्वासन मिलने के बाद हनुमान बेनीवाल ने टोल प्लाजा पर जारी धरना समाप्त करने का ऐलान किया। साथ ही उन्होंने चेतावनी भी दी कि यदि तय 45 दिनों के भीतर इस कचरा प्लांट को कहीं और स्थानांतरित करने का आदेश नहीं दिया गया, तो ग्रामीण फिर से इससे भी बड़ा और उग्र आंदोलन शुरू करेंगे।

सवाल-जवाब

हनुमान बेनीवाल ने किस मुद्दे को लेकर धरना दिया था?
हनुमान बेनीवाल ने श्रीगंगानगर जिले के नरसिंहपुरा बारानी क्षेत्र में प्रस्तावित कचरा निस्तारण प्लांट के विरोध में धरना दिया था।
यह चक्काजाम किस स्थान पर और कितनी देर तक चला?
यह चक्काजाम नेशनल हाईवे 62 पर स्थित गणेशगढ़ टोल प्लाजा पर हुआ, जिससे करीब डेढ़ घंटे तक वाहनों की आवाजाही ठप रही।
प्रशासन ने आंदोलनकारियों से कितना समय मांगा है?
प्रशासन ने मामले की जांच करने और प्लांट के लिए दूसरा विकल्प तलाशने हेतु 45 दिन यानी डेढ़ महीने का समय मांगा है।
धरने को समाप्त करने के लिए प्रशासन ने क्या आश्वासन दिया?
प्रशासन ने ग्रामीणों के प्रतिनिधियों को शामिल करते हुए एक विशेष कमेटी के गठन और वैकल्पिक जगह की तलाश का लिखित आश्वासन दिया।
कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर कितने पुलिसकर्मी पहुंचे थे?
स्थिति को नियंत्रित रखने और सुरक्षा के मद्देनजर घटनास्थल पर 500 से अधिक पुलिस जवानों को तैनात किया गया था।
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