पितृपक्ष 2026 में बिना बेटे के भी संभव है श्राद्ध कर्म, जानिए गरुड़ पुराण के मुख्य नियम28 अगस्त 2026 के चंद्र ग्रहण पर बन रहा राहु और चंद्रमा का ग्रहण योग, इन छह राशियों पर पड़ेगा सबसे ज्यादा असरमूलांक 9 अंकराशि 19 अगस्त 2026: मंगल के प्रभाव में न करें जल्दबाजी, करियर और पैसों के फैसलों में बरतें सावधानीतुलसीदास जयंती पर अरविंद केजरीवाल ने दी श्रद्धांजलि, रामचरितमानस के रचयिता को किया नमनगॉल टेस्ट के दौरान ऑन-एयर आपस में उलझे संजय मांजरेकर और मुरली कार्तिक, लाइव ब्रॉडकास्ट में हुए व्यक्तिगत कमेंट्सइंदौर के खजराना गणेश मंदिर में बना नया कीर्तिमान, 40 दानपेटियों से निकले 1.81 करोड़ रुपयेगंगा के उफान के बीच मिर्जापुर में उतरी प्राचीन पाल नौका यात्रा, निषाद समुदाय के नाविकों ने दिखाई अपनी सांस्कृतिक कलाझारखंड सरकार ने 2014 से आयोजित 44 भर्ती परीक्षाएं कीं रद्द, आउटसोर्स एजेंसी TDPL ब्लैकलिस्टगॉल टेस्ट में ऋषभ पंत की आक्रामक पारी, शुभमन गिल को पछाड़ WTC में बने भारत के सबसे सफल बल्लेबाजभारत बांग्लादेश संबंधों में नई गर्माहट, मोदी और रहमान की बैठक से सुलझेंगे लंबित मुद्दे
धौलपुर में जच्चा की मौत के बाद हंगामा, परिजनों ने कलेक्ट्रेट परिसर में रखा शवराजस्थान
22 जुल॰ 2026, 2:22 am (28 दिन पहले)· 0

धौलपुर में जच्चा की मौत के बाद हंगामा, परिजनों ने कलेक्ट्रेट परिसर में रखा शव

धौलपुर के जिला अस्पताल में डिलीवरी के बाद 30 साल की महिला की मौत हो गई, जिसके बाद गुस्साए परिजनों ने शव कलेक्ट्रेट परिसर में रखकर प्रदर्शन किया। कलेक्टर ने मामले की निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया है।

राजस्थान के धौलपुर जिला अस्पताल में प्रसव के कुछ घंटों बाद एक 30 साल की महिला की मौत हो गई, जिसके बाद परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित परिवार वाले शव को लेकर सीधे कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचे और वहीं धरना देकर बैठ गए। परिवार का आरोप है कि अस्पताल के डॉक्टरों और स्टाफ ने वक्त रहते ध्यान नहीं दिया, जिसकी वजह से महिला को जान गंवानी पड़ी।

कौन थी मृतका, परिजनों ने क्या आरोप लगाए

मृतका सपना (30) बाड़ी उपखंड के गडरपुरा गांव की रहने वाली थीं और आच्छेलाल की पत्नी थीं। जानकारी के मुताबिक महिला की सेहत पहले से ही नाजुक बनी हुई थी। मौत की खबर फैलते ही रिश्तेदार और गांव के लोग भड़क उठे और उन्होंने अस्पताल प्रशासन पर सीधा लापरवाही का आरोप मढ़ दिया। आक्रोशित परिजनों ने कलेक्ट्रेट के गेट पर शव रखकर दोषी कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग उठाई।

ये भी पढ़ें

हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी, दो दिन में दो बार भर्ती होने की कहानी

मामले ने तूल पकड़ा तो जिला कलेक्टर श्रीनिधि बीटी को खुद सामने आकर पूरी स्थिति साफ करनी पड़ी। कलेक्टर के मुताबिक सपना की प्रेग्नेंसी जटिल और समय-पूर्व यानी प्री-मेच्योर श्रेणी में आती थी, जिसमें खतरा हमेशा ज्यादा बना रहता है। परिवार सोमवार को उसे लेकर अस्पताल पहुंचा था, लेकिन उस दिन डिलीवरी नहीं हुई और परिवार उसे वापस लेकर घर लौट गया। अगले दिन यानी मंगलवार को हालत बिगड़ने पर उसे दोबारा गंभीर अवस्था में अस्पताल लाया गया। इस बार महिला ने एक बेटी को जन्म दिया, लेकिन यह राहत ज्यादा देर टिक नहीं पाई। डिलीवरी के थोड़ी देर बाद ही उसे सीने में तेज दर्द उठा और तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी। डॉक्टरों ने प्राथमिक इलाज देकर उसे बड़े अस्पताल रेफर कर दिया, मगर वह रास्ता पूरा होने से पहले ही उसकी सांसें थम गईं।

पुलिस ने संभाला मोर्चा, कलेक्टर ने दिया जांच का भरोसा

कलेक्ट्रेट परिसर में जब हंगामा और नारेबाजी तेज हुई तो पुलिस फौरन मौके पर पहुंच गई। पुलिस अधिकारियों ने परिजनों से बातचीत कर मामला शांत कराया और शव को अपने अधिकार में लेकर दोबारा पोस्टमार्टम हेतु जिला अस्पताल की मोर्चरी भेजा। कलेक्टर श्रीनिधि बीटी ने भरोसा दिलाया कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होगी। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि इस पूरे घटनाक्रम में एंबुलेंस चालक की भूमिका और एक निजी नर्सिंग होम का रवैया भी शक के दायरे में है, जिसे बारीकी से खंगाला जाएगा। साथ ही कलेक्टर ने साफ किया कि कलेक्ट्रेट जैसी संवेदनशील जगह पर शव रखकर विरोध करना नियमों का उल्लंघन है और इसके लिए अलग से वैधानिक कार्रवाई भी की जाएगी।

सवाल-जवाब

मृतका कौन थीं?
मृतका की पहचान बाड़ी उपखंड के गडरपुरा गांव निवासी सपना (30), पत्नी आच्छेलाल के रूप में हुई है।
महिला की मौत कैसे हुई?
डिलीवरी के थोड़ी देर बाद सीने में तेज दर्द उठने पर हालत बिगड़ी और हायर सेंटर रेफर करते वक्त रास्ते में उसकी मौत हो गई।
परिजनों ने विरोध में क्या किया?
गुस्साए परिजन शव को कलेक्ट्रेट परिसर ले गए और वहां रखकर विरोध-प्रदर्शन किया।
प्रशासन ने क्या कदम उठाए?
कलेक्टर श्रीनिधि बीटी ने निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया और शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भेज दिया।
जांच में किसकी भूमिका संदिग्ध बताई गई है?
कलेक्टर के मुताबिक एंबुलेंस चालक और एक निजी नर्सिंग होम की भूमिका संदिग्ध लग रही है, जिसकी गहनता से जांच होगी।
कलेक्ट्रेट में शव रखकर प्रदर्शन करने पर क्या कार्रवाई होगी?
कलेक्टर ने कहा है कि इस कृत्य पर नियमानुसार अलग से कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR