दीपावली का पावन पर्व जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है, वैसे-वैसे सूर्यनगरी जोधपुर के बाजारों की रंगत और रौनक में लगातार इजाफा देखने को मिल रहा है। इस साल अपने घरों को बेहद आकर्षक और पारंपरिक अंदाज में संवारने के लिए लोग स्थानीय हस्तशिल्प और हैंडीक्राफ्ट उत्पादों की बंपर खरीदारी कर रहे हैं। बाजार के चप्पे-चप्पे पर सजे रंग-बिरंगे सजावटी सामान, नायाब कलात्मक आकृतियां, पारंपरिक कलाकृतियां और अनूठी डिजाइन वाले उत्पाद ग्राहकों को अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं। शहर के मुख्य व्यावसायिक केंद्रों से लेकर दूर-दराज के रिहायशी इलाकों तक दुकानों पर खरीदारों का तांता लगा हुआ है। इस त्योहारी सीजन में स्थानीय कारीगरों के हाथों की कला और उनके नायाब हुनर से तैयार सामान हर घर की सजावट में खास और अनूठी जगह बनाते नजर आ रहे हैं।
पारंपरिक कला और आधुनिक सजावट का मेल
दीपावली के इस बड़े अवसर पर अपने आशियानों को नया और मनमोहक रूप देने के लिए लोग इस बार खास तौर पर पारंपरिक हस्तशिल्प को अपनी पहली पसंद बना रहे हैं। बाजार में लकड़ी, मिट्टी, धातु समेत कई अन्य सामग्रियों से खूबसूरती के साथ तैयार किए गए सजावटी उत्पादों की मांग में जबरदस्त तेजी बनी हुई है। इन उत्पादों की बारीक कारीगरी और मनमोहक डिजाइन देखने वालों का मन मोह रहे हैं। आधुनिक सजावट के तमाम विकल्पों के बीच पारंपरिक कलात्मकता का यह अनूठा संगम ग्राहकों को बेहद पसंद आ रहा है और वे दिल खोलकर खरीदारी कर रहे हैं।
प्रमुख बाजारों में उमड़ रही खरीदारों की भीड़
सूर्यनगरी के विभिन्न इलाकों जैसे सरदारपुरा, रातानाडा, सूरसागर और त्रिपोलिया बाजार में दीपावली की खरीदारी को लेकर जबरदस्त उत्साह का माहौल देखा जा सकता है। सुबह से लेकर देर शाम तक इन बाजारों की दुकानों पर ग्राहकों की भारी चहल-पहल बनी हुई है। अपने पूरे परिवार के साथ खरीदारी करने पहुंच रहे लोग अपनी पसंद, जरूरत और बजट के अनुसार विभिन्न प्रकार के सजावटी सामानों की टोकरियां भर रहे हैं। बाजारों में उमड़ती इस बेतहाशा भीड़ को देखकर स्थानीय व्यापारियों के चेहरे पर भी बड़ी मुस्कान और चमक दिखाई दे रही है, क्योंकि उन्हें इस बार बेहतरीन कारोबार की पूरी उम्मीद है।
चौपासनी से प्रतापनगर तक सजावट का जोर
शहर के चौपासनी, सालावास और प्रतापनगर सहित अन्य तमाम प्रमुख क्षेत्रों में भी हैंडीक्राफ्ट और सजावटी सामान की दुकानों पर ग्राहकों का तांता लगा हुआ है। लोग अपने घरों के मुख्य द्वार, आंगन, बैठक कक्ष और अन्य कमरों को सजाने के लिए खास और अलग-अलग डिजाइन के उत्पादों को चुन रहे हैं। इस त्योहारी सीजन को भुनाने और ग्राहकों की बदलती पसंद को ध्यान में रखते हुए दुकानदारों ने भी अपनी दुकानों पर देश-विदेश में प्रसिद्ध इस शहर के विभिन्न प्रकार के नायाब सजावटी सामान प्रचुर मात्रा में उपलब्ध करवा रखे हैं ताकि हर ग्राहक की जरूरत पूरी हो सके।
स्थानीय कारीगरों और हुनरमंदों को मिल रहा बढ़ावा
इस साल दीपावली की इस भव्य खरीदारी के दौरान स्थानीय हस्तशिल्प की चमक एक अलग ही स्तर पर नजर आ रही है। सदियों पुरानी पारंपरिक कला को सहेजकर और संवारकर तैयार किए गए ये उत्पाद न केवल आम लोगों के घरों की सुंदरता में चार चांद लगा रहे हैं, बल्कि स्थानीय कारीगरों और इस हस्तशिल्प कारोबार से जुड़े तमाम मेहनतकश लोगों को बाजार में आगे बढ़ने के बेहतरीन और सुनहरे अवसर भी प्रदान कर रहे हैं। त्योहारी मौसम के चलते मांग में आए इस बड़े उछाल से व्यापारियों और दस्तकारों को अच्छी खासी बिक्री की पूरी उम्मीद है। संक्षेप में कहें तो, दीपावली की मुख्य रोशनी बिखरने से पहले ही जोधपुर के बाजार इन रंग-बिरंगे और पारंपरिक हस्तशिल्प उत्पादों की बदौलत पूरी तरह से जगमगाने लगे हैं।
















