धनतेरस के पावन पर्व के नजदीक आते ही करौली के सर्राफा बाजार में ग्राहकों की भारी भीड़ उमड़ रही है और हर तरफ खरीदारी का जबरदस्त उत्साह साफ दिखाई दे रहा है। पारंपरिक रूप से सोने और चांदी के गहने खरीदने का चलन तो हमेशा से रहा है, लेकिन इस बार बाजार का रुख थोड़ा बदला हुआ नजर आ रहा है। खरीदार पारंपरिक सिक्कों और बर्तनों से हटकर कुछ नए और अनोखे विकल्पों की तलाश में हैं, जिससे सराफा दुकानदारों के चेहरों पर भी रौनक लौट आई है। इस बार मुंबई से मंगाई गई चांदी की नई और आकर्षक डिजाइन वाली वस्तुएं ग्राहकों का सबसे ज्यादा ध्यान अपनी ओर खींच रही हैं।
चांदी का लेडीज पर्स बना महिलाओं की पहली पसंद
बाजार में इस त्योहारी सीजन के दौरान चांदी से बने नए उत्पादों में सबसे बड़ा आकर्षण लेडीज पर्स बनकर उभरा है। महिलाओं के बीच इस अनोखे आइटम को लेकर खासा क्रेज देखा जा रहा है और यह उनकी खरीदारी की सूची में सबसे ऊपर है। जेपी मार्केट फूटाकोट के जाने-माने सर्राफा व्यापारी दिनेश सर्राफ ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि नई डिजाइनर सीरीज में शामिल चांदी का यह पर्स इस बार सबसे ज्यादा बिक रहा है। दिखने में बेहद खूबसूरत होने के कारण महिलाएं इसे न केवल खुद के इस्तेमाल या धनतेरस की पूजा के लिए खरीद रही हैं, बल्कि एक-दूसरे को उपहार में देने के लिए भी इसकी खूब खरीदारी कर रही हैं।
पारले-जी बिस्कुट से लेकर लूडो सेट तक बाजार में मौजूद
सिर्फ पर्स ही नहीं बल्कि चांदी की दुनिया में कई ऐसे अजीबोगरीब और अनूठे आइटम उतारे गए हैं जिन्होंने खरीदारों को हैरान कर दिया है। बाजार में इस समय चांदी से बने पारले-जी बिस्कुट, पारंपरिक सिक्के, शतरंज का पूरा सेट, लूडो सेट, टाइटन घड़ी और कांच-कंघा सेट भी बड़ी संख्या में उपलब्ध हैं। ये सभी चीजें ग्राहकों के लिए आकर्षण का मुख्य केंद्र बनी हुई हैं। पारंपरिक मान्यताओं और वस्तुओं के साथ-साथ इन आधुनिक और रचनात्मक उत्पादों की भारी मांग ने इस बार के सर्राफा बाजार को पूरी तरह से अलग रंग दे दिया है। लोग अपनी पसंद के हिसाब से इन दिलचस्प चीजों को खुशी-खुशी घर ले जा रहे हैं।
पूजा के बर्तन और सजावटी सामानों की भी है धूम
त्योहार के मद्देनजर पूजा-पाठ और घर की सजावट से जुड़ी चांदी की चीजों की भी बाजार में कोई कमी नहीं है। दुकानों पर कमल के आकार के दीपक, गरुड़ घंटी, लेमन सेट, छोटी लुटिया, भगवान के लिए सिंहासन और झूले सजे हुए हैं। इसके अलावा लोग अपने घरों में बरकत और शुभता लाने के लिए चांदी के हाथी, कछुआ और मछली जैसे पारंपरिक सजावटी आइटम भी खरीद रहे हैं। धनतेरस के दिन चांदी खरीदने की पुरानी धार्मिक परंपरा और मान्यताओं के कारण इन सभी वस्तुओं की लगातार मांग बनी हुई है और कारीगरों की कलाकारी साफ झलकती है।
हर बजट के ग्राहकों के लिए उपलब्ध हैं विकल्प
व्यापारियों का कहना है कि इस बार ग्राहकों की जेब और उनके बजट का पूरा ख्याल रखा गया है, जिसके चलते बाजार में चांदी के सामानों की कई अलग-अलग रेंज उतारी गई हैं। इन सभी फैंसी और पारंपरिक आइटम्स की शुरुआती कीमत करीब 2 हजार रुपये है और यह 25 हजार रुपये तक जाती है। बहुत छोटे और किफायती बजट वाले सामान से लेकर बड़े व भारी डिजाइनर पीस तक उपलब्ध होने की वजह से हर वर्ग और तबके के ग्राहक अपनी क्षमता के अनुसार खुलकर खरीदारी कर रहे हैं।
बिक्री में और तेजी आने की उम्मीद
जैसे-जैसे धनतेरस का दिन पास आ रहा है, सर्राफा बाजारों में ग्राहकों के आने का सिलसिला लगातार तेज होता जा रहा है। स्थानीय दुकानदारों और व्यापारियों को पूरी उम्मीद है कि मुख्य त्योहार के दिन इन अनोखे चांदी के आइटम्स की बिक्री में और भी जबरदस्त उछाल देखने को मिलेगा। इस साल पारंपरिक सिक्कों और बर्तनों के साथ-साथ चांदी का लेडीज पर्स और मुंबई के नए डिजाइन वाले सामान ही करौली के इस पूरे बाजार की सबसे बड़ी पहचान बनकर उभरे हैं।

















