राजस्थान के डूंगरपुर जिले के सागवाड़ा थाना क्षेत्र में एक बेहद सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जहां एक बेटे ने अपने ही पिता की जान ले ली और इस खौफनाक वारदात को एक दुर्घटना का रूप देने की कोशिश की। पुलिस ने इस पूरे मामले का खुलासा करते हुए आरोपी पुत्र कांतिलाल को गिरफ्तार कर लिया है। शुरुआती पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपी पर भारी कर्ज का बोझ था और वह उस कर्ज को उतारने के लिए पारिवारिक जमीन बेचना चाहता था। लेकिन मृतक गौतमलाल यादव इस जमीन को बेचने के सख्त खिलाफ थे, जिसके चलते दोनों के बीच विवाद हुआ और आरोपी ने कुल्हाड़ी से हमला कर दिया।
घटना की रात और अस्पताल का ड्रामा
सागवाड़ा के सीई मनीष कुमार के अनुसार, गोवाड़ी गांव के रहने वाले कांतिलाल ने 27 अगस्त की रात करीब 10 बजे अपने पिता गौतमलाल यादव को गंभीर हालत में सागवाड़ा के राजकीय चिकित्सालय में भर्ती कराया था। अस्पताल पहुंचते ही आरोपी ने डॉक्टरों और अपने परिवार के अन्य सदस्यों को यह झूठी कहानी सुनाई कि गौतमलाल अचानक घर की छत से नीचे गिर गए हैं, जिसके कारण उनके सिर पर गंभीर चोटें आई हैं। अस्पताल के डॉक्टरों ने तुरंत घायल गौतमलाल का इलाज शुरू किया, लेकिन उनकी हालत इतनी नाजुक थी कि इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इसके बाद परिजन उनके शव को रातोंरात अपने घर ले आए और अगली सुबह उनके अंतिम संस्कार की तैयारियां शुरू कर दी गईं।
श्मशान घाट पर खुला मौत का राज
अगले दिन सुबह जब परिजन और ग्रामीण शव को अंतिम संस्कार के लिए श्मशान घाट लेकर पहुंचे, तो वहां एक बड़ा और चौंकाने वाला राज खुला। अंतिम संस्कार की पारंपरिक रस्मों के दौरान जब मृतक के सिर पर बंधी पट्टियां हटाई गईं, तो वहां मौजूद लोगों की नजर सिर पर लगे गंभीर चोट के निशानों पर पड़ी। इन निशानों को देखकर ग्रामीणों को तुरंत संदेह हुआ कि छत से गिरने से इस तरह के गहरे और घातक घाव नहीं हो सकते। मामला पूरी तरह संदिग्ध लगने पर सतर्क ग्रामीणों ने बिना देर किए इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही थानाधिकारी मनीष खोईवाल के नेतृत्व में एक पुलिस टीम तुरंत श्मशान घाट पहुंच गई और शव को अपने कब्जे में लेकर अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया, जहां उसका पोस्टमार्टम कराया गया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुआ हत्या का खुलासा
चिकित्सकों द्वारा किए गए पोस्टमार्टम की रिपोर्ट में यह साफ हो गया कि गौतमलाल की मौत छत से गिरने से नहीं, बल्कि उनके सिर पर किसी धारदार हथियार से किए गए घातक हमले की वजह से हुई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आते ही पुलिस का शक और गहरा गया, क्योंकि परिजनों द्वारा रची गई हादसे की कहानी पूरी तरह झूठी साबित हो चुकी थी। इसके बाद पुलिस ने अपनी जांच का दायरा बढ़ाते हुए सारा शक मृतक के बेटे कांतिलाल पर केंद्रित किया। पुलिस ने तुरंत आरोपी को हिरासत में लिया और उससे सख्ती से पूछताछ शुरू कर दी। पुलिस द्वारा की गई कड़ी पूछताछ के दौरान आरोपी ने आखिरकार अपना जुर्म कबूल कर लिया और हत्या से जुड़े सभी राज खोल दिए।
भारी कर्ज और जमीन का विवाद बना मौत की वजह
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि उसने अपने पिता के सिर पर कुल्हाड़ी से तीन से चार बार जोरदार वार किए थे, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इस जानलेवा हमले के बाद आरोपी ने मामले को छिपाने और पुलिस की कार्रवाई तथा जेल जाने से बचने के लिए इसे छत से गिरने का हादसा बताने की साजिश रची थी। पुलिस की जांच में यह बात सामने आई है कि इस क्रूर हत्या के पीछे मुख्य कारण भारी कर्ज और पारिवारिक जमीन का विवाद था। आरोपी कांतिलाल ने कई अलग-अलग जगहों से भारी उधारी ले रखी थी और उस पर लगातार ब्याज का बोझ बढ़ता जा रहा था। अपने सिर पर चढ़े कर्ज को चुकाने के लिए वह पारिवारिक जमीन बेचना चाहता था, लेकिन गौतमलाल यादव इसका लगातार विरोध कर रहे थे। जमीन को लेकर पिता और पुत्र के बीच काफी समय से विवाद चल रहा था और इसी रंजिश के चलते आरोपी ने इस खौफनाक वारदात को अंजाम दे डाला।





















