हरियाणा के चरखी दादरी जिले में सदर थाना पुलिस ने एक 14 वर्षीय किशोर के कथित अपहरण की गुत्थी को सुलझाते हुए चौंकाने वाला खुलासा किया है। पुलिस की तफ्तीश में सामने आया है कि बच्चे के पिता ने ही अपने सगे रिश्तेदारों को जमीनी विवाद में फंसाने और उन पर दबाव बनाने की नीयत से यह पूरी साजिश रची थी। पिता ने अपने बेटे को घर के ही एक कमरे में बंद कर रखा था और बाहर झूठे अपहरण की कहानी फैला दी थी। पुलिस ने बच्चे को सुरक्षित बरामद कर आरोपी पिता पर कानूनी शिकंजा कस दिया है।
रिश्तेदारों को फंसाने के लिए गढ़ी गई झूठी कहानी
इस पूरे मामले की शुरुआत तब हुई जब झज्जर जिले के गांव सुंदरहेटी निवासी रमाकांत ने पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि 23 अगस्त को दोपहर के समय समसपुर रोड पर 152डी पुल के पास सफेद रंग की स्विफ्ट कार में सवार दो अज्ञात युवकों ने उसके 14 साल के बेटे अंश का जबरन अपहरण कर लिया। घटना की सूचना मिलते ही चरखी दादरी सदर थाना पुलिस ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तुरंत अपहरण की धाराओं में केस दर्ज किया और तफ्तीश शुरू की।
पुलिस की सख्त पूछताछ में खुला राज
पुलिस टीम ने जब मामले की गहनता से पड़ताल शुरू की, तो शिकायतकर्ता पिता रमाकांत के बयानों में कई विरोधाभास नजर आए। पुलिस को उस पर संदेह हुआ और जब उससे कड़ाई से पूछताछ की गई तो सच सामने आ गया। पूछताछ के दौरान रमाकांत ने स्वीकार किया कि उसका अपने रिश्तेदारों विकास और विपिन के साथ पुराना जमीनी विवाद और कोर्ट केस चल रहा है। इसी रंजिश का बदला लेने और उन्हें झूठे आपराधिक मुकदमे में फंसाने के लिए उसने अपने ही बेटे अंश को घर के कमरे में छिपा दिया था। पिता ने बच्चे को सख्त हिदायत दी थी कि वह कमरे से बाहर न निकले।
अदालत में बयान दर्ज, आरोपी पिता पर कानूनी कार्रवाई
मामले की जानकारी देते हुए डीएसपी कप्तान सिंह ने बताया कि पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अंश को उसके अपने ही घर से सकुशल बरामद कर लिया है। इसके बाद बच्चे को अदालत में ले जाकर नियमानुसार उसके बयान दर्ज करवाए गए। पुलिस ने झूठी सूचना देने, पुलिस को गुमराह करने और आपराधिक षड्यंत्र रचने के आरोप में आरोपी पिता रमाकांत के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।





















