अंबाला छावनी में 1857 के वीरों की याद में भव्य शहीद स्मारक तैयार, अमित शाह करेंगे लोकार्पणचक्रवात अर्नब के असर से उत्तर और मध्य भारत में बदलेगा मौसम, कई राज्यों में तेज आंधी और बारिश की चेतावनीभारतीय वायुसेना की कमान अब एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित के हाथों में, बने 29वें प्रमुखवित्तीय राशिफल 31 अक्टूबर: धन लाभ, कारोबार और निवेश को लेकर जानिए अपनी राशि की आर्थिक स्थितिपश्चिम चंपारण के 25 वर्षीय युवा ने बत्तख पालन को बनाया मुनाफे का मॉडल, अंडों की बिक्री से सालाना कमाई 60 लाख रुपये तक पहुंचीचंद्र और मंगल की युति से कर्क राशि में बना लक्ष्मी योग, नवंबर में तीन राशियों पर बरसेगा धनराजस्थान में चुनाव प्रचार की धुन में डूबीं मनभर बाई, सरपंच का नामांकन दाखिल करना ही भूलींमूलांक 2 अंकज्योतिष 31 अक्टूबर 2026: कागजी काम में बरतें अतिरिक्त सावधानी, भावनाओं पर नियंत्रण रखेगा दिन को संतुलितमूलांक 3 अंक ज्योतिष 31 अक्टूबर 2026: बृहस्पति और भाग्यांक 6 का मेल सुलझाएगा पुराने मनमुटावमूलांक 4 दैनिक अंकज्योतिष 31 अक्टूबर 2026: पुरानी तल्खियां भुलाकर नई शुरुआत करने का अवसर
जालोर के भीनमाल में स्थित है श्री हरि और महालक्ष्मी के विवाह का पवित्र स्थल, पुरानी काशी के रूप में भी प्रसिद्धराजस्थान
31 अक्तू॰ 2026, 7:22 am (2 घंटे पहले)· 0

जालोर के भीनमाल में स्थित है श्री हरि और महालक्ष्मी के विवाह का पवित्र स्थल, पुरानी काशी के रूप में भी प्रसिद्ध

पश्चिमी राजस्थान के जालोर जिले का भीनमाल शहर प्राचीन काल में श्रीमाल कहलाता था, जहां भगवान विष्णु और महालक्ष्मी के पाणिग्रहण संस्कार की धार्मिक मान्यता जुड़ी है।

पश्चिमी राजस्थान का जालोर जिला अपनी समृद्ध विरासत के लिए जाना जाता है, जहां का ऐतिहासिक भीनमाल शहर पौराणिक कथाओं और आध्यात्मिक आस्था का एक बड़ा केंद्र बना हुआ है। पुराने दौर में श्रीमाल के नाम से विख्यात रहा यह भूभाग आज भी अपने मंदिरों और प्राचीन मान्यताओं के जरिए गौरवशाली अतीत की गवाही देता है। यहां स्थापित भगवान विष्णु का ऐतिहासिक धाम केवल स्थानीय निवासियों के लिए ही नहीं, बल्कि दूर-दराज के श्रद्धालुओं के लिए भी गहरी श्रद्धा का स्थान बना हुआ है।

भगवान विष्णु और महालक्ष्मी के विवाह का पावन स्थल

इस पवित्र नगरी के बारे में लंबे समय से यह मान्यता चली आ रही है कि जगत के पालनहार भगवान विष्णु और धन की देवी महालक्ष्मी का विवाह इसी पुण्य भूमि पर संपन्न हुआ था। इसी पावन संदर्भ के कारण यह क्षेत्र श्री हरि और महालक्ष्मी के अलौकिक संबंध से प्रत्यक्ष जुड़ा माना जाता है। मंदिर के पुजारी महादेव बोहरा के अनुसार, यह धाम भगवान विष्णु को समर्पित है, जो महालक्ष्मी के पति हैं। उन्होंने यह भी बताया कि इस पावन क्षेत्र को ब्रह्म स्थल के नाम से पुकारा जाता है और आध्यात्मिक जगत में इसे पुरानी काशी का दर्जा भी प्राप्त है।

ये भी पढ़ें

प्राचीन श्रीमाल और महालक्ष्मी द्वारा नगर बसाने की कथा

अतीत के पन्नों में झांकें तो भीनमाल को मूल रूप से श्रीमाल के नाम से पहचाना जाता था। इस नगर का महत्व सिर्फ एक प्राचीन बसावट तक सीमित नहीं है, बल्कि यहां की धार्मिक परंपराएं इसे विशिष्ट पहचान दिलाती हैं। क्षेत्रीय लोककथाओं और मान्यताओं के मुताबिक, स्वयं देवी महालक्ष्मी ने इस नगर को बसाया था। इसी विश्वास के चलते भीनमाल को सुख, ऐश्वर्य और सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है। नगर में जीवन यापन करने वाले लोग इस दैवीय पृष्ठभूमि को अपनी सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान का आधार मानते हैं।

श्रीमाली ब्राह्मण, जैन और सोनी समाज की गहरी आस्था

श्रीमाल के इस ऐतिहासिक जुड़ाव के चलते भीनमाल शहर श्रीमाली ब्राह्मण, जैन और सोनी समाज के लिए अगाध श्रद्धा का केंद्र माना जाता है। इन तीनों ही समुदायों में भगवती महालक्ष्मी को कुलदेवी के रूप में पूजा जाता है और हर मांगलिक अवसर पर उनका स्मरण किया जाता है। राजस्थान के अलावा गुजरात, महाराष्ट्र तथा देश के अलग-अलग कोनों में बसे श्रीमाली समाज के लोग अपनी इस ऐतिहासिक और आध्यात्मिक विरासत को आज भी संजोए हुए हैं। श्री विष्णु और महालक्ष्मी के विवाह की पावन स्मृति, देवी द्वारा नगर बसाए जाने की गाथा और श्रीमाल के रूप में इसका समृद्ध अतीत आज भी इस नगरी को पूजनीय बनाए हुए है।

सवाल-जवाब

भीनमाल राजस्थान के किस जिले में स्थित है?
भीनमाल पश्चिमी राजस्थान के जालोर जिले में स्थित एक ऐतिहासिक और धार्मिक नगरी है।
प्राचीन समय में भीनमाल को किस नाम से जाना जाता था?
प्राचीन काल में इस शहर को श्रीमाल के नाम से जाना जाता था।
भीनमाल में किस दिव्य विवाह की मान्यता जुड़ी है?
मान्यता के अनुसार इसी स्थान पर भगवान विष्णु और देवी महालक्ष्मी का विवाह संपन्न हुआ था।
मंदिर के पुजारी के अनुसार इस स्थान के अन्य नाम क्या हैं?
पुजारी महादेव बोहरा के अनुसार इस स्थान को 'ब्रह्म स्थल' कहा जाता है और इसे 'पुरानी काशी' के नाम से भी जाना जाता है।
किन समाजों के लिए भीनमाल विशेष धार्मिक महत्व रखता है?
यह स्थान श्रीमाली ब्राह्मण, जैन और सोनी समाज के लिए विशेष महत्व रखता है, जो महालक्ष्मी को कुलदेवी के रूप में पूजते हैं।
राजस्थान के अलावा किन राज्यों में रहने वाले श्रद्धालु इस स्थान से जुड़े हैं?
राजस्थान के अलावा गुजरात और महाराष्ट्र सहित देश के अन्य हिस्सों में रहने वाले श्रीमाली समाज के लोग भी इस विरासत से जुड़े हैं।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Ravikash Gupta@ravikash·56 मिनट पहले

राजस्थान के भीनमाल जैसी इतनी पुरानी और पौराणिक जगह के बारे में आज से पहले कभी नहीं सुना था। क्या यहाँ देवी महालक्ष्मी का कोई बहुत पुराना मुख्य मंदिर भी है जिसके दर्शन के लिए लोग दूर-दूर से आते हैं?

Tanvi Desai@tanvi-desai·55 मिनट पहले

रविकेश, सच में ये जगह बहुत दिलचस्प है! क्या यहाँ आज भी विवाह की कोई विशेष रस्म निभाई जाती है?

Karan Malhotra@karan-malhotra·1 घंटे पहले

भीनमाल को पुरानी काशी कहा गया है, लेकिन क्या यहाँ के प्राचीन इतिहास के बारे में देश के बाकी हिस्सों में ज्यादा लोगों को पता है?

Arjun Mehta@arjun-mehta·1 घंटे पहले

करन भाई, आप बिल्कुल ठीक कह रहे हैं। जब मैं खुद भीनमाल गया था, तो वहाँ के मंदिरों की भव्यता देखकर हैरान रह गया था, फिर भी देश के बाकी हिस्सों में इसके बारे में कम ही लोग जानते हैं।

Rohan Verma@rohan-verma·1 घंटे पहले

शादियों के कितने ही दावे होते हैं, पर क्या सच में ऐसा कोई पुख्ता ऐतिहासिक प्रमाण है?

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp