प्रशासनिक बेरुखी के बाद हजारीबाग के ग्रामीणों ने उठाया फावड़ा, जंगल काटकर खुद तैयार कर रहे 5 किमी सड़कमंगोलपुरी जूता फैक्ट्री अग्निकांड में 4 श्रमिकों की मौत, जहांगीरपुरी में सिलेंडर विस्फोट से दमकलकर्मी घायलसिंध में मंत्री पद संभालने वाले सोढ़ा घराने के 77 वर्षीय पदम सिंह बाड़मेर के नए छाछरो गांव के सरपंच चुने गएसरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती पर कृतज्ञ राष्ट्र ने दी श्रद्धांजलि, राष्ट्रीय एकता दिवस पर गूंजा अखंड भारत का संकल्पअंबाला छावनी में 1857 के वीरों की याद में भव्य शहीद स्मारक तैयार, अमित शाह करेंगे लोकार्पणचक्रवात अर्नब के असर से उत्तर और मध्य भारत में बदलेगा मौसम, कई राज्यों में तेज आंधी और बारिश की चेतावनीभारतीय वायुसेना की कमान अब एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित के हाथों में, बने 29वें प्रमुखदिल्ली में लाइव शो रोककर सुरक्षाकर्मियों के सम्मान में झुके दिलजीत दोसांझ, महिला सीआरपीएफ जवान में दिखी मां की छविपश्चिम चंपारण के 25 वर्षीय युवा ने बत्तख पालन को बनाया मुनाफे का मॉडल, अंडों की बिक्री से सालाना कमाई 60 लाख रुपये तक पहुंचीमोराबादी मैदान के दिवाली मेले में 51,000 रुपये की मधुबनी आर्ट वाली खास रामायण साड़ी बनी आकर्षण
चक्रवात अर्नब के असर से उत्तर और मध्य भारत में बदलेगा मौसम, कई राज्यों में तेज आंधी और बारिश की चेतावनीभारत
31 अक्तू॰ 2026, 8:41 am (1 घंटे पहले)· 1

चक्रवात अर्नब के असर से उत्तर और मध्य भारत में बदलेगा मौसम, कई राज्यों में तेज आंधी और बारिश की चेतावनी

चक्रवाती तूफान अर्नब की तीव्रता कम होने के बाद भी उत्तर, मध्य और दक्षिण भारत के विस्तृत इलाकों में तेज हवाओं और बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है।

मौसम तंत्र में आए बड़े बदलाव के चलते देश के एक बड़े भूभाग पर बादलों की आवाजाही और बौछारों का सिलसिला तेज होने जा रहा है। चक्रवाती तूफान अर्नब की ताकत भले ही पहले के मुकाबले घट चुकी हो, लेकिन इसका असर अब भी कई राज्यों के मौसम को सीधे तौर पर प्रभावित कर रहा है। मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार शनिवार, 31 अक्टूबर को उत्तर-पश्चिम, दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत के अलग-अलग हिस्सों में वर्षा की गतिविधियां दर्ज की जाएंगी। इसी क्रम में छत्तीसगढ़, ओडिशा और बिहार के विस्तृत इलाकों के साथ-साथ उत्तर प्रदेश, पंजाब तथा राजस्थान के कुछ जिलों में भी बारिश की संभावना जताई गई है। शनिवार को राजधानी दिल्ली के अलावा हरियाणा और चंडीगढ़ में भी मौसम करवट ले सकता है।

मध्य भारत में बिजली कड़कने और 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का जोखिम

मध्य भारत के राज्यों में मौसमी उथल-पुथल अधिक प्रभावी रहने के आसार बने हुए हैं। अनुमान के मुताबिक 31 अक्टूबर से 4 नवंबर की अवधि में पूर्वी मध्य प्रदेश, पश्चिमी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भारी बारिश की स्थिति बन सकती है। इस दौरान वातावरण में तेज गर्जना के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके अतिरिक्त इन इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से धूल भरी आंधी चल सकती है, जिसके झोंके कुछ समय के लिए 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकते हैं। इसके साथ ही अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के अलावा सिक्किम और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल के क्षेत्रों में भी वर्षा दर्ज की जा सकती है। 31 अक्टूबर से 5 नवंबर के दौरान बिहार, झारखंड, ओडिशा और गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल में मेघ बरसने के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चलने का पूर्वानुमान है।

ये भी पढ़ें

प्रायद्वीपीय भारत और तटीय इलाकों में मौसमी गतिविधियां

दक्षिण भारत के प्रायद्वीपीय क्षेत्रों में भी आगामी दिनों तक नम हवाओं का प्रवाह बना रहेगा। मौसम वैज्ञानिकों ने संकेत दिया है कि 31 अक्टूबर से 5 नवंबर तक केरल, तटीय कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में हल्की से मध्यम दर्जे की वर्षा हो सकती है। इन तटीय इलाकों में सामान्य तौर पर हवा की गति 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा रहने का अनुमान है, जबकि कुछ मौकों पर यह तेज होकर 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। वातावरण में मौजूद इस नमी से तटीय पट्टियों में दिन के तापमान में हल्की गिरावट महसूस की जा सकती है।

उत्तर प्रदेश के लिए पूर्वानुमान और सुरक्षा परामर्श

उत्तर प्रदेश के विभिन्न अंचलों में मौसम का मिजाज मिलाजुला नजर आएगा। 31 अक्टूबर के साथ-साथ 1 और 2 नवंबर को पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में छिटपुट बारिश होने की संभावना व्यक्त की गई है। इसके उलट पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों में 1 नवंबर से आसमान साफ होने और मौसम के शुष्क बने रहने की उम्मीद है। खराब मौसम को देखते हुए मौसम विभाग ने नागरिकों को एहतियात बरतने की सलाह दी है। आंधी-तूफान के समय लोगों को खुले में जाने के बजाय पक्के मकानों के भीतर रहने, बड़े पेड़ों के नीचे पनाह न लेने तथा जलभराव वाले रास्तों और उफनती नदियों से दूरी बनाए रखने को कहा गया है।

दिल्ली में पारे का मिजाज और सतही हवाएं

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में शनिवार को आंशिक रूप से बादल छाए रहने का अनुमान है। तापमान के विश्लेषण के अनुसार दिन का अधिकतम पारा 26°C से 28°C के दायरे में सिमट सकता है, जबकि न्यूनतम तापमान 15°C से 17°C के बीच दर्ज होने की उम्मीद है। दिल्ली के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य स्तर से 3.1°C से 5.0°C तक कम रह सकता है, जिससे दिन में सामान्य से अधिक ठंडक का अहसास होगा। वहीं न्यूनतम तापमान सामान्य के लगभग बराबर यानी -1.5°C से 1.5°C के अंतर पर स्थिर रहेगा। सुबह के वक्त मुख्य रूप से उत्तर-पश्चिम दिशा से करीब 10 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना जताई गई है।

सवाल-जवाब

31 अक्टूबर को देश के किन हिस्सों में बारिश की संभावना है?
मौसम विभाग के मुताबिक छत्तीसगढ़, ओडिशा, बिहार, उत्तर-पश्चिम भारत, दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों, पूर्वोत्तर भारत तथा उत्तर प्रदेश, पंजाब, राजस्थान, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में बारिश हो सकती है।
मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में मौसम की स्थिति कैसी रहेगी?
31 अक्टूबर से 4 नवंबर के बीच दोनों राज्यों में भारी बारिश, बिजली गिरने और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं का अनुमान है, जो 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं।
दक्षिण भारत के तटीय राज्यों के लिए क्या पूर्वानुमान है?
31 अक्टूबर से 5 नवंबर के दौरान केरल, तटीय कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 30 से 40 किमी प्रति घंटे (कुछ स्थानों पर 50 किमी प्रति घंटे) की हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
उत्तर प्रदेश में मौसम कब तक खराब रहने की उम्मीद है?
पूर्वी उत्तर प्रदेश में 31 अक्टूबर, 1 और 2 नवंबर को कहीं-कहीं बारिश हो सकती है, जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 1 नवंबर से मौसम के शुष्क रहने का अनुमान है।
दिल्ली में तापमान और हवा का क्या हाल रहेगा?
दिल्ली में अधिकतम तापमान सामान्य से काफी कम यानी 26°C से 28°C और न्यूनतम तापमान 15°C से 17°C रहेगा, जबकि सुबह उत्तर-पश्चिम दिशा से 10 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवाएं चलेंगी।
आंधी-तूफान के दौरान मौसम विभाग ने क्या सुरक्षा सावधानियां बताई हैं?
लोगों को घरों के अंदर रहने, पेड़ों के नीचे शरण न लेने तथा जलभराव वाले क्षेत्रों और उफान पर चल रही नदियों से दूर रहने की हिदायत दी गई है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Laxmi Gupta@laxmi-gupta·11 मिनट पहले

मौसम का ये अचानक बदलना और आंधी-पानी वाकई चिंता की बात है। लग रहा है नवंबर की शुरुआत में काफी संभलकर चलना होगा, खासकर जब हवाएं इतनी तेज चल रही हैं।

Arjun Mehta@arjun-mehta·33 मिनट पहले

दीवाली के समय ऐसा मौसम आफत बन जाता है, किसानों और यात्रा करने वालों दोनों की मुश्किलें बढ़ेंगी।

Ravikash Gupta@ravikash·32 मिनट पहले

अर्जुन जी, दीवाली के समय 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाएं और आकाशीय बिजली सचमुच त्योहार का मजा फीका कर देंगी।

Rohan Verma@rohan-verma·57 मिनट पहले

अक्टूबर के आखिर और नवंबर की शुरुआत में ऐसी आंधी-बारिश से धान की कटी हुई फसल को कितना नुकसान होगा, इसका कोई अंदाज़ा है क्या?

Karan Malhotra@karan-malhotra·57 मिनट पहले

रोहन भाई, 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाएं और आकाशीय बिजली सीधे तौर पर खेतों में खड़ी और कटी दोनों फसलों को तबाह कर देंगी।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp