मौसम तंत्र में आए बड़े बदलाव के चलते देश के एक बड़े भूभाग पर बादलों की आवाजाही और बौछारों का सिलसिला तेज होने जा रहा है। चक्रवाती तूफान अर्नब की ताकत भले ही पहले के मुकाबले घट चुकी हो, लेकिन इसका असर अब भी कई राज्यों के मौसम को सीधे तौर पर प्रभावित कर रहा है। मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार शनिवार, 31 अक्टूबर को उत्तर-पश्चिम, दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत के अलग-अलग हिस्सों में वर्षा की गतिविधियां दर्ज की जाएंगी। इसी क्रम में छत्तीसगढ़, ओडिशा और बिहार के विस्तृत इलाकों के साथ-साथ उत्तर प्रदेश, पंजाब तथा राजस्थान के कुछ जिलों में भी बारिश की संभावना जताई गई है। शनिवार को राजधानी दिल्ली के अलावा हरियाणा और चंडीगढ़ में भी मौसम करवट ले सकता है।
मध्य भारत में बिजली कड़कने और 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का जोखिम
मध्य भारत के राज्यों में मौसमी उथल-पुथल अधिक प्रभावी रहने के आसार बने हुए हैं। अनुमान के मुताबिक 31 अक्टूबर से 4 नवंबर की अवधि में पूर्वी मध्य प्रदेश, पश्चिमी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भारी बारिश की स्थिति बन सकती है। इस दौरान वातावरण में तेज गर्जना के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके अतिरिक्त इन इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से धूल भरी आंधी चल सकती है, जिसके झोंके कुछ समय के लिए 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकते हैं। इसके साथ ही अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के अलावा सिक्किम और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल के क्षेत्रों में भी वर्षा दर्ज की जा सकती है। 31 अक्टूबर से 5 नवंबर के दौरान बिहार, झारखंड, ओडिशा और गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल में मेघ बरसने के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चलने का पूर्वानुमान है।
प्रायद्वीपीय भारत और तटीय इलाकों में मौसमी गतिविधियां
दक्षिण भारत के प्रायद्वीपीय क्षेत्रों में भी आगामी दिनों तक नम हवाओं का प्रवाह बना रहेगा। मौसम वैज्ञानिकों ने संकेत दिया है कि 31 अक्टूबर से 5 नवंबर तक केरल, तटीय कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में हल्की से मध्यम दर्जे की वर्षा हो सकती है। इन तटीय इलाकों में सामान्य तौर पर हवा की गति 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा रहने का अनुमान है, जबकि कुछ मौकों पर यह तेज होकर 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। वातावरण में मौजूद इस नमी से तटीय पट्टियों में दिन के तापमान में हल्की गिरावट महसूस की जा सकती है।
उत्तर प्रदेश के लिए पूर्वानुमान और सुरक्षा परामर्श
उत्तर प्रदेश के विभिन्न अंचलों में मौसम का मिजाज मिलाजुला नजर आएगा। 31 अक्टूबर के साथ-साथ 1 और 2 नवंबर को पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में छिटपुट बारिश होने की संभावना व्यक्त की गई है। इसके उलट पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों में 1 नवंबर से आसमान साफ होने और मौसम के शुष्क बने रहने की उम्मीद है। खराब मौसम को देखते हुए मौसम विभाग ने नागरिकों को एहतियात बरतने की सलाह दी है। आंधी-तूफान के समय लोगों को खुले में जाने के बजाय पक्के मकानों के भीतर रहने, बड़े पेड़ों के नीचे पनाह न लेने तथा जलभराव वाले रास्तों और उफनती नदियों से दूरी बनाए रखने को कहा गया है।
दिल्ली में पारे का मिजाज और सतही हवाएं
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में शनिवार को आंशिक रूप से बादल छाए रहने का अनुमान है। तापमान के विश्लेषण के अनुसार दिन का अधिकतम पारा 26°C से 28°C के दायरे में सिमट सकता है, जबकि न्यूनतम तापमान 15°C से 17°C के बीच दर्ज होने की उम्मीद है। दिल्ली के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य स्तर से 3.1°C से 5.0°C तक कम रह सकता है, जिससे दिन में सामान्य से अधिक ठंडक का अहसास होगा। वहीं न्यूनतम तापमान सामान्य के लगभग बराबर यानी -1.5°C से 1.5°C के अंतर पर स्थिर रहेगा। सुबह के वक्त मुख्य रूप से उत्तर-पश्चिम दिशा से करीब 10 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना जताई गई है।



















