जयपुर के नजदीक राजकीय प्राथमिक स्कूल रामपुरा कंवरपुरा में शुक्रवार को सामने आया औचक निरीक्षण का विवाद अगले ही दिन यानी शनिवार को पुलिस थाने की दहलीज तक पहुंच गया। इस पूरे घटनाक्रम ने तूल पकड़ लिया है जब शुक्रवार को स्कूल के निरीक्षण के दौरान CJP की टीम और स्थानीय ग्रामीणों के बीच किसी बात को लेकर तीखी नोकझोंक और विवाद हो गया था। इस अप्रत्याशित हालात के बाद दोनों ही पक्षों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाते हुए मारपीट करने और जमकर हुड़दंग मचाने की बात कही है। जिसके चलते शनिवार की सुबह जयपुर के शिवदासपुरा थाने में दोनों पक्षों की तरफ से आधिकारिक रूप से FIR दर्ज करवा दी गई है।
विवाद के महज 24 घंटे के भीतर स्कूल का ठिकाना बदला
इस पूरे तनावपूर्ण घटनाक्रम के ठीक चौबीस घंटे बाद जिला प्रशासन ने एक बड़ा कदम उठाते हुए स्कूल को तत्काल प्रभाव से दूसरी इमारत में शिफ्ट कर दिया है। शनिवार की सुबह राजकीय प्राथमिक स्कूल रामपुरा कंवरपुरा को उसकी पुरानी और विवादित जगह से हटाकर महज 50 मीटर की दूरी पर स्थित एक अन्य नई बिल्डिंग में संचालित करना शुरू कर दिया गया। शुक्रवार को जो विवाद स्कूल के अंदर और बाहर शुरू हुआ था, वह अब सीधे तौर पर संस्थान की लोकेशन और जगह बदलने तक जा पहुंचा है। हालांकि इस त्वरित कार्रवाई के कारण बच्चों की पढ़ाई को जारी रखने की कोशिश तो की गई है, लेकिन इतनी जल्दी स्कूल शिफ्ट किए जाने का यह फैसला इलाके में हर तरफ चर्चा का विषय बना हुआ है।
शुक्रवार को निरीक्षण के दौरान कैसे भड़का था विवाद
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार को CJP की टीम राजकीय प्राथमिक स्कूल रामपुरा कंवरपुरा में व्यवस्थाओं का जायजा लेने और निरीक्षण करने के उद्देश्य से पहुंची थी। इसी दौरान टीम और वहां मौजूद ग्रामीणों के बीच किसी बात को लेकर मतभेद हो गया और बात इतनी बढ़ गई कि दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। इस तीखी झड़प के बाद दोनों ही तरफ से एक-दूसरे के ऊपर गंभीर इल्जाम लगाए जाने लगे। ग्रामीणों का कहना है कि जब टीम निरीक्षण कर रही थी, तब बेवजह माहौल खराब हुआ और उनके साथ मारपीट की गई। वहीं दूसरी तरफ, CJP के दल ने भी ग्रामीणों पर यही आरोप लगाया कि उन्होंने मौके पर जमकर हुड़दंग मचाया और उनके साथ मारपीट की घटना को अंजाम दिया।
शिवदासपुरा थाने में दोनों पक्षों ने कराई FIR दर्ज
शुक्रवार को हुई इस अप्रिय घटना के बाद शनिवार की सुबह दोनों ही पक्षों के लोग सीधे शिवदासपुरा थाने पहुंचे और पुलिस के सामने अपनी-अपनी शिकायतें रखीं। थाने में दोनों तरफ से अलग-अलग FIR दर्ज करवाई गई है, जिनमें मारपीट करने और सार्वजनिक रूप से हुड़दंग मचाने जैसे संगीन आरोप शामिल हैं। इस मामले का एक और महत्वपूर्ण पहलू यह भी सामने आया है कि दोनों पक्षों ने पुलिस पर अनुचित दबाव डालने के भी आरोप जड़े हैं। इसका सीधा अर्थ यह है कि यह विवाद अब केवल CJP और ग्रामीणों के आपसी संघर्ष तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि पुलिस की कार्यप्रणाली और भूमिका पर भी दोनों तरफ से सवाल उठाए जा रहे हैं।
पुलिस जांच में खुलेगा शुक्रवार की घटना का सच
एक ही घटना और एक ही मामले में दोनों पक्षों के बयान और आरोप बिल्कुल उलट हैं। CJP और ग्रामीण दोनों ही एक-दूसरे को हिंसा और व्यवधान के लिए जिम्मेदार ठहरा रहे हैं, साथ ही पुलिस पर भी दबाव बनाने की बात कह रहे हैं। अब सम्पूर्ण मामले की निष्पक्ष जांच की जिम्मेदारी शिवदासपुरा पुलिस के कंधों पर आ गई है। पुलिस की जांच के बाद ही यह पूरी तरह साफ हो पाएगा कि शुक्रवार को उस स्कूल के परिसर में वास्तव में क्या कुछ घटित हुआ था और किस मुख्य वजह से इस विवाद की चिंगारी सुलग उठी थी। दोनों पक्षों की ओर से दर्ज कराई गई FIR के आधार पर अब पुलिस घटना से जुड़े तमाम लोगों के बयान दर्ज कर रही है और मौके के अन्य उपलब्ध तथ्यों व साक्ष्यों को खंगालने में जुटी हुई है।





















