गाजियाबाद: त्योहारों के नजदीक आने के साथ ही खाने-पीने की चीजों में मिलावट रोकने के लिए प्रशासनिक अमला पूरी तरह सक्रिय हो गया है। इसी कड़ी में गाजियाबाद जिले के भोजपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कलछीना गांव में शनिवार की देर शाम खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमों ने औचक निरीक्षण किया। इस बड़ी कार्रवाई से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और स्थानीय स्तर पर गहमागहमी का माहौल बन गया। विभाग के अधिकारियों ने गांव के विभिन्न ठिकानों पर दबिश देकर संदिग्ध खाद्य वस्तुओं की बारीकी से जांच-पड़ताल की।
भारी पुलिस बल और पीएसी की तैनाती
कार्रवाई के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी प्रकार के अवरोध से निपटने के लिए भारी मात्रा में पुलिस बल और प्रांतीय सशस्त्र बल यानी पीएसी को तैनात किया गया था। मसूरी थाने के साथ-साथ मुरादनगर थाने और आसपास के अन्य पुलिस थानों के जवानों ने मोर्चा संभालते हुए खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को पूरी सुरक्षा मुहैया कराई ताकि पूरी प्रक्रिया बिना किसी बाधा के संपन्न हो सके।
लखनऊ और नोएडा के अधिकारी भी रहे शामिल
इस छापेमारी अभियान में केवल स्थानीय अमला ही नहीं बल्कि गाजियाबाद और नोएडा के वरिष्ठ अधिकारियों के अलावा उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्तर से आई विशेष टीमें भी शामिल रहीं। सभी अधिकारियों ने संयुक्त रूप से गांवों की विभिन्न दुकानों और ठिकानों की छानबीन की। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान कुल पांच संदिग्ध नमूने कब्जे में लिए गए, जिनमें चार नमूने शुद्ध खोये के हैं और एक नमूना दूध का शामिल है।
प्रयोगशाला में होगी नमूनों की जांच
खाद्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों ने जानकारी दी है कि इन सभी नमूनों को मुक्ता परीक्षण के लिए सरकारी प्रयोगशाला में भेजा जा रहा है। जैसे ही प्रयोगशाला से जांच रिपोर्ट प्राप्त होगी, उसके आधार पर यह पुख्ता तौर पर तय हो सकेगा कि इन खाद्य पदार्थों में किसी प्रकार की मिलावट की गई थी या नहीं। रिपोर्ट के निष्कर्षों के आधार पर ही आगे की कानूनी और विभागीय कार्रवाई की दिशा तय की जाएगी।
उच्चाधिकारियों के निर्देश पर हुई कार्रवाई
यह पूरा अभियान उत्तर प्रदेश सरकार के खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) विभाग के सचिव एवं आयुक्त डॉ रोशन जैकब के स्पष्ट निर्देशों के तहत चलाया गया। विभाग की कई टीमें लगातार काफी देर तक गांव के भीतर विभिन्न स्थानों पर छानबीन और सैंपलिंग के कार्य में जुटी रहीं। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रयोगशाला से रिपोर्ट आने के बाद ही मिलावटखोरों पर अगली सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
त्योहारों के मौसम में बढ़ती है सक्रियता
गौरतलब है कि जैसे-जैसे विभिन्न त्योहारों का सीजन नजदीक आता है, बाजारों में मिठाइयों और दुग्ध उत्पादों की मांग अचानक काफी बढ़ जाती है। इस मांग को पूरा करने के लिए मिलावटखोर सक्रिय हो जाते हैं और दूध तथा खोये में बड़े पैमाने पर मिलावट करते हैं। ऐसी दूषित सामग्री से बनने वाली मिठाइयां उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य पर विपरीत असर डालती हैं और उन्हें गंभीर रूप से बीमार कर देती हैं। यही वजह है कि हर साल पर्वों से ठीक पहले इस तरह की व्यापक छापेमारी की जाती है ताकि मिलावट के काले कारोबार पर लगाम लगाई जा सके। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि दीवाली से पहले गाजियाबाद में कुल कितना मिलावटी सामान पकड़ा जाता है।
इससे पहले भी उत्तर प्रदेश सरकार ने इस दिशा में कड़े कदम उठाते हुए दूध और उससे जुड़े उत्पादों में मिलावटखोरी पर कड़ा रुख अपनाते हुए कई उत्पादों पर प्रतिबंध लगाने के निर्देश जारी किए थे।


















