राजस्थान के झुंझुनूं जिले में स्थानीय निकाय चुनावों को लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है। राज्य निर्वाचन आयोग ने जिले की कुल 19 स्थानीय निकायों के मतदान शेड्यूल में संशोधन किया है। प्रशासनिक स्तर पर लिए गए इस फैसले के तहत पहले और दूसरे चरण के तय हुए मतदान की तारीखों को आपस में अदला-बदली कर दिया गया है। अब जो क्षेत्र पहले चरण में मतदान करने वाले थे, वे संशोधित कार्यक्रम के अनुसार नए दिन पर अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे, जबकि दूसरे चरण के निकायों का मतदान अब बदली हुई तारीख पर संपन्न होगा।
इस फेरबदल के पीछे की मुख्य वजह भादवी अमावस्या पर आयोजित होने वाली वार्षिक धार्मिक पूजा है। इस पावन अवसर पर जिले के विभिन्न हिस्सों में बड़े पैमाने पर धार्मिक अनुष्ठान और कार्यक्रम होते हैं, जिनमें भारी संख्या में स्थानीय नागरिक शिरकत करते हैं। नागरिकों की इस धार्मिक आस्था और पर्व में उनकी सक्रिय भागीदारी को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से ही चुनाव आयोग ने तारीखों में यह बदलाव करने का निर्णय लिया है ताकि मतदान प्रतिशत प्रभावित न हो और किसी को असुविधा न हो।
9 सितंबर को इन 9 निकायों में डाले जाएंगे वोट
संशोधित कार्यक्रम के अनुसार झुंझुनूं नगर परिषद समेत कुल 9 निकायों में अब 9 सितंबर को वोटिंग होगी। पहले ये तमाम इलाके शुरुआती चरण में शामिल थे, लेकिन अब इन्हें दूसरे चरण की तारीख के तहत मतदान की प्रक्रिया में रखा गया है। इस दिन यानी 9 सितंबर को झुंझुनूं, बगड़, सुलताना, नवलगढ़, जाखल, मुकुंदगढ़, डूंडलोद, खेतड़ी और उदयपुरवाटी के मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। चुनाव प्रक्रिया में किसी भी तरह की भ्रम की स्थिति या उलझन से बचने के लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने जिला निर्वाचन अधिकारी को आधिकारिक आदेश भेजकर पूरी स्थिति से अवगत करा दिया है।
11 सितंबर को होगी बाकी 10 निकायों में वोटिंग
दूसरी तरफ, दूसरे चरण के अंतर्गत आने वाली शेष 10 निकायों के लिए अब 11 सितंबर को मतदान कराया जाएगा। शुरुआत में इन क्षेत्रों में पहले चरण के दौरान ही वोटिंग होनी तय की गई थी, लेकिन चुनाव कार्यक्रम में हुए संशोधन के बाद इनकी तिथियों को आगे बढ़ा दिया गया है। इस प्रकार 11 सितंबर के दिन पिलानी, चिड़ावा, मंड्रेला, विद्या विहार, सूरजगढ़, सिंघाना, बुहाना, मंडावा, बिसाऊ और मलसीसर में मतदाता अपने बूथ पर पहुंचेंगे। इस फेरबदल के चलते जिले की सभी 19 निकायों के चुनाव चक्र में बदलाव आया है, जिसके कारण स्थानीय प्रशासन और चुनाव से जुड़े कर्मचारियों को नए शेड्यूल के मुताबिक अपनी तैयारियां पुख्ता करनी होंगी।
प्रशासन और राजनीतिक दलों के लिए बदली रणनीति
राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से जारी इस नए निर्देश के बाद जिला प्रशासन ने अपनी सभी प्रशासनिक तैयारियां नए सिरे से शुरू कर दी हैं। चुनाव कार्य में तैनात किए जाने वाले अमले को भी संशोधित तारीखों के हिसाब से प्रशिक्षित किया जा रहा है। इसके साथ ही राजनीतिक दलों और चुनावी मैदान में ताल ठोक रहे प्रत्याशियों के लिए भी यह बदलाव काफी अहम साबित हुआ है, क्योंकि उन्हें अब अपनी जनसभाओं, रैलियों और प्रचार-प्रसार के पूरे कार्यक्रम को नई तिथियों के अनुरूप ढालना होगा। मतदाताओं के लिए भी यह बेहद आवश्यक है कि वे अपने क्षेत्र की संशोधित मतदान तिथि की सही जानकारी रखें ताकि वे समय पर अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें।





















