राजस्थान में नगर निकाय चुनाव के लिए 9 सितंबर को वोट डाले जाएंगे, और इससे ठीक पहले मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा आज प्रदेश के तीन बड़े शहरों में उतरकर भाजपा के लिए माहौल बनाने में जुट गए हैं। दूसरी तरफ सिरोही में पार्टी की एक प्रेस कॉन्फ्रेंस स्थानीय मुद्दों पर नेताओं को असहज सवालों में घेरती नजर आई।
अजमेर, बीकानेर और जोधपुर में रोड शो का कार्यक्रम
तय कार्यक्रम के मुताबिक मुख्यमंत्री सुबह करीब 10:25 बजे जयपुर से उड़ान भरकर किशनगढ़ एयरपोर्ट उतरेंगे। वहां से सीधे अजमेर पहुंचकर वे प्लाजा सिनेमा से पड़ाव क्षेत्र तक जनसंपर्क करते हुए रोड शो निकालेंगे। दोपहर का पड़ाव बीकानेर रहेगा, जहां गोकुल चौक से रोड शो रवाना होगा। शाम ढलते-ढलते मुख्यमंत्री जोधपुर पहुंचेंगे और वहां जालोरी गेट से तीसरा रोड शो शुरू होगा। इस पूरी यात्रा के बीच वे पार्टी पदाधिकारियों के साथ संगठनात्मक बैठकें भी करेंगे और चुनावी तैयारियों को परखेंगे। देर रात करीब 9 बजे तक उनके जयपुर लौट आने की उम्मीद है।
दौसा में मतदान से पहले पुलिस की चाक-चौबंद व्यवस्था
9 सितंबर के मतदान को शांतिपूर्ण बनाने के लिए दौसा पुलिस ने पहले ही मोर्चा संभाल लिया है। भांडारेज इलाके में एएसपी शंकर लाल मीणा की अगुवाई में एक बड़ा फ्लैग मार्च निकाला गया, जिसमें पुलिस दल मुख्य बाजार, होलीपाड़ा, भंडाना दरवाजा और खेडली दरवाजा जैसे संवेदनशील इलाकों से होकर गुजरा और सुरक्षा इंतजामों का मुआयना किया। इस मार्च में वृत्ताधिकारी दौसा, सदर और कोतवाली थानों के थानाधिकारी, महिला थाने की टीम और क्यूआरटी दस्ता भी शामिल रहे। पुलिस अधिकारियों ने स्थानीय लोगों से बिना किसी डर के वोट डालने की अपील की और साफ चेतावनी दी कि चुनाव के दौरान कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। इस पूरी कवायद का मकसद मतदाताओं में यह भरोसा जगाना था कि वे बेखौफ होकर अपने वोट का इस्तेमाल कर सकें।
सिरोही में भाजपा नेताओं से अटपटे सवाल
जहां एक तरफ मुख्यमंत्री का पूरा फोकस बड़े शहरों में जोश भरने पर है, वहीं सिरोही में पार्टी की एक प्रेस कॉन्फ्रेंस उलटी पड़ गई। निकाय चुनाव को लेकर बुलाई गई इस कॉन्फ्रेंस में मौजूद पत्रकारों ने शहर की बुनियादी समस्याओं और स्थानीय स्तर पर भाजपा के विजन से जुड़े सवाल दागे, लेकिन मौजूद नेता उनके जवाब ठीक से नहीं दे पाए। पार्टी प्रदेश स्तर के संकल्प पत्र के हवाले से अपनी रणनीति गिनाती रही, मगर सिरोही के लिए अलग से कोई ठोस विकास योजना सामने नहीं आ सकी। भ्रष्टाचार को लेकर जीरो टॉलरेंस का दावा करने वाली पार्टी को उस वक्त और असहज होना पड़ा जब प्रभारी मंत्री के.के. बिश्नोई से ट्रैप हो चुके अधिकारियों की नियुक्ति पर सवाल पूछे गए। इसके अलावा शिवगंज के एक वार्ड में भाजपा अपना उम्मीदवार तक नहीं उतार पाई, जिस पर जिला अध्यक्ष रक्षा भंडारी को सफाई देनी पड़ी। इन घटनाओं के बाद सिरोही में सत्ता और संगठन के बीच तालमेल की कमी को लेकर चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया।





















