राजस्थान के दौसा जिले के महवा क्षेत्र में तेज बारिश के बाद हालात बिगड़ गए हैं। कस्बे की कई सड़कें पानी में डूब गईं, वहीं गांवों में बारिश के पानी ने सड़कों को भी नुकसान पहुंचाया है। महवा उपखंड के खोहरा गांव में सड़क टूट जाने से ग्रामीणों को आने-जाने में भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है, जबकि निचले इलाकों में पानी भरने से भी लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
बारिश थमने के बाद भी महवा क्षेत्र की कई सड़कों पर पानी जमा रहा, जिससे रोज के आने-जाने वाले लोगों को दिक्कत का सामना करना पड़ा। कस्बे के साथ-साथ आसपास के ग्रामीण इलाकों में भी बारिश का असर साफ नजर आया। कई जगहों से सड़कें क्षतिग्रस्त होने की जानकारी सामने आई, जिनमें खोहरा गांव की सड़क सबसे ज्यादा चर्चा में रही।
खोहरा गांव में सड़क टूटी, आवाजाही ठप
महवा उपखंड के खोहरा गांव में सड़क का एक हिस्सा टूट गया, जिसके बाद गांव वालों के लिए आना-जाना आसान नहीं रह गया। स्थानीय लोगों को स्कूल, बाजार और अन्य जरूरी काम के लिए घर से निकलना पड़ता है, लेकिन टूटी सड़क के चलते उन्हें अब लंबा और मुश्किल रास्ता चुनना पड़ रहा है। बारिश के दौरान सड़क पर जमा पानी और टूटा हिस्सा मिलकर परेशानी को और बढ़ा रहे हैं, जिससे दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों को भी संभलकर गुजरना पड़ रहा है।
निचले इलाकों में जलभराव से बढ़ी परेशानी
महवा क्षेत्र के कई निचले इलाकों में बारिश का पानी लंबे समय तक जमा रहा। पानी की सही निकासी नहीं होने के कारण इन इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी रही, जिससे वाहन चालकों के साथ पैदल आने-जाने वाले लोगों को भी परेशानी उठानी पड़ी। सड़कें पानी में डूबी होने से कई जगह रास्ता पहचानना तक मुश्किल हो गया। ग्रामीण इलाकों में सड़कों की हालत पहले से ही कमजोर होने के चलते यह आशंका भी जताई जा रही है कि परेशानी सिर्फ बारिश के दिनों तक सीमित नहीं रहेगी। जब तक टूटी सड़क की मरम्मत नहीं होती, तब तक ग्रामीणों को इसी क्षतिग्रस्त रास्ते से गुजरना पड़ सकता है, और बारिश के दौरान यह स्थिति और बिगड़ जाती है।
लखनऊ में भी सामने आया था सड़क धंसने का मामला
महवा में बारिश के बाद सड़कों के क्षतिग्रस्त होने की तस्वीरें ऐसे समय सामने आई हैं, जब एक दिन पहले उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से भी सड़क से जुड़ी एक घटना सामने आई थी। वहां बारिश नहीं हो रही थी, इसके बावजूद सड़क अचानक धंस गई थी और एक बाइक सवार सड़क में बने गड्ढे में जा गिरा था। लखनऊ की यह घटना और महवा में बारिश के बाद सामने आई सड़कों की हालत, दोनों अलग-अलग परिस्थितियों में हुई हैं, लेकिन दोनों ने ही सड़कों की मजबूती और उनके रखरखाव को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मरम्मत और पानी निकलने का इंतजार कर रहे ग्रामीण
महवा क्षेत्र में बारिश के बाद ग्रामीणों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। खोहरा गांव में टूटी सड़क और कई अन्य ग्रामीण इलाकों में क्षतिग्रस्त सड़कों ने आम लोगों की रोजमर्रा की आवाजाही पर सीधा असर डाला है। वहीं निचले इलाकों में भरा पानी सामान्य आवाजाही में लगातार बाधा बन रहा है। ग्रामीणों की नजर अब इस बात पर टिकी है कि जलभराव कब तक खत्म होगा और क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत कब शुरू होगी। बारिश के बाद सामने आई इन दिक्कतों ने स्थानीय स्तर पर सड़क निर्माण और जल निकासी व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल महवा क्षेत्र के लोग जलभराव कम होने और टूटी सड़कों के जल्द ठीक होने का इंतजार कर रहे हैं।





















