उत्तर पश्चिम रेलवे के अंतर्गत आने वाले जोधपुर मंडल ने बिना टिकट यात्रा करने वालों के खिलाफ बड़े पैमाने पर सख्त कार्रवाई की है। 25 अगस्त को चलाए गए एक विशेष औचक टिकट जांच अभियान के दौरान पूरे मंडल में कुल 807 मामलों की पहचान की गई। इस एक दिवसीय कार्रवाई से रेलवे प्रशासन ने 5 लाख 27 हजार 724 रुपये का राजस्व जुर्माने के रूप में एकत्र किया। इस बार के चेकिंग अभियान के नतीजे पिछले साल के आंकड़ों की तुलना में काफी बेहतर रहे हैं, जहां पकड़े गए मामलों की संख्या में 32 प्रतिशत का इजाफा हुआ, वहीं रेलवे की कमाई में 105 प्रतिशत की शानदार वृद्धि दर्ज की गई। अचानक शुरू हुई इस गहन जांच प्रक्रिया से बिना टिकट और अनियमित रूप से यात्रा कर रहे लोगों के बीच हड़कंप का माहौल देखने को मिला।
डेगाना स्टेशन बना चेकिंग अभियान का मुख्य केंद्र
इस पूरे चेकिंग अभियान के दौरान डेगाना रेलवे स्टेशन को मुख्य परिचालन केंद्र बनाया गया था। केवल डेगाना स्टेशन और उसके आसपास के रूटों पर की गई पड़ताल में ही नियम उल्लंघन के 424 मामले सामने आए। इस अकेले केंद्र से रेलवे को 2 लाख 66 हजार 200 रुपये की जुर्माना राशि हासिल हुई। डेगाना में दर्ज किए गए मामलों का विश्लेषण करने पर पता चला कि इनमें से 420 मामले सीधे तौर पर बिना टिकट यात्रा या नियमों के विपरीत अनियमित यात्रा से जुड़े हुए थे। इसके अतिरिक्त रेलवे परिसर में स्वच्छता और सुरक्षा नियमों को बनाए रखने के लिए 2 यात्रियों को धूम्रपान करते हुए पकड़ा गया और 2 अनधिकृत वेंडरों के खिलाफ भी वैधानिक कार्रवाई की गई। इससे साफ जाहिर होता है कि इस अभियान का उद्देश्य सिर्फ टिकट चेकिंग तक सीमित नहीं था, बल्कि रेल परिसरों में विभिन्न नियमों के उल्लंघन पर नजर रखना भी शामिल था।
30 TTE और 7 RPF जवानों की संयुक्त टीम ने संभाला मोर्चा
चेकिंग अभियान को जमीनी स्तर पर प्रभावी और पारदर्शी बनाने के लिए वाणिज्यिक विभाग और रेलवे सुरक्षा बल की एक विशेष संयुक्त टीम का गठन किया गया था। मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी के दिए गए निर्देशों का पालन करते हुए सहायक वाणिज्य प्रबंधक बी के गौड़ के नेतृत्व में इस पूरी कार्रवाई को अंजाम दिया गया। इस दौरान मैदान में 30 टिकट चेकिंग स्टाफ (TTE) और 7 RPF कर्मियों की तैनाती की गई थी। इस टीम ने विभिन्न चलती ट्रेनों के साथ-साथ रेलवे स्टेशनों के प्लेटफॉर्मों पर अचानक दबिश देकर सघन जांच की। सीनियर डीसीएम हितेश यादव ने जानकारी साझा करते हुए बताया कि इस तरह की आक्रामक जांच से न केवल नियम तोड़ने वालों पर लगाम लगती है, बल्कि आम यात्रियों के बीच भी उचित टिकट लेकर ही यात्रा करने का एक मजबूत संदेश पहुंचता है।
राजस्व में 105 प्रतिशत उछाल के साथ जागरूकता पर विशेष ध्यान
25 अगस्त को संपन्न हुए इस अभियान में 807 मामलों से मिली 5.27 लाख रुपये की कुल आय रेलवे की वित्तीय स्थिति को सुदृढ़ करने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में आय में 105 प्रतिशत का यह बड़ा उछाल दर्शाता है कि निरंतर और अचानक किए जाने वाले निरीक्षणों से यात्रियों में वैध टिकट खरीदने की प्रवृत्ति को बढ़ावा मिलता है। रेलवे प्रशासन का वर्तमान फोकस अब केवल जुर्माना वसूलने तक सीमित नहीं है, बल्कि 'जांच के साथ जागरूकता' की नीति पर काम किया जा रहा है। इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी यात्री आवश्यक नियमों का पालन करें ताकि रेल यात्रा सभी के लिए अधिक सुविधाजनक, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाई जा सके।



















