पश्चिम रेलवे ने गुजरात के अहमदाबाद शहर में स्थित वस्त्रपुर इलाके में सिविल इंजीनियरिंग का अद्भुत प्रदर्शन करते हुए 21 मीटर लंबे प्रीकास्ट रीइन्फोर्स्ड सीमेंट कंक्रीट (RCC) पैदल यात्री सबवे का निर्माण किया है। इस पूरे निर्माण कार्य को रात के समय केवल 7 घंटे 15 मिनट के रिकॉर्ड समय में पूरा कर लिया गया। रेलवे प्रशासन ने इस जटिल प्रोजेक्ट के लिए 8 घंटे का नाइट रेलवे ब्लॉक तय किया था, लेकिन सटीक योजना और कुशल कार्यप्रणाली के चलते रेलवे की टीम ने निर्धारित समय सीमा से 45 मिनट पहले ही काम संपन्न कर दिया। अहमदाबाद शहर में इस आधुनिक प्रीकास्ट तकनीक की मदद से बनाया जाने वाला यह पहला पैदल यात्री सबवे है, जिसने शहरी बुनियादी ढांचे के विकास में एक नया मानदंड स्थापित किया है।
8 घंटे का नाइट ब्लॉक और शुरुआती तैयारी
रेल यात्रियों की आवाजाही में रुकावट न आए और मुख्य रेल मार्ग पर ट्रेनों का संचालन प्रभावित न हो, इसके लिए पश्चिम रेलवे ने इस निर्माण कार्य को रात के समय अंजाम देने का फैसला किया। रेलवे ट्रैफिक कंट्रोलर द्वारा 8 घंटे के नाइट ब्लॉक की मंजूरी मिलते ही भारी निर्माण मशीनरी और जेसीबी मशीनों को वस्त्रपुर स्थित कार्यस्थल पर तैनात कर दिया गया।
प्रोजेक्ट के पहले चरण में तय जगह पर बिछी हुई पुरानी रेल पटरियों, स्लीपरों और गिट्टियों (बैलास्ट) को तेजी से हटाने का काम शुरू किया गया। जेसीबी मशीनों की मदद से पटरियों को उखाड़ने के बाद, रेल ट्रैक के नीचे लगभग 1.5 मीटर गहरा बड़ा गड्ढा खोदा गया। यह खुदाई सबवे के मजबूत आधार के लिए बेहद जरूरी थी। इसके तुरंत बाद, गड्ढे के निचले हिस्से में 1.5 मीटर मोटा कंक्रीट बेस स्लैब तैयार किया गया, जिससे प्रीकास्ट आरसीसी बॉक्स मॉड्यूल को एक समान और समतल आधार मिल सके।
प्रीकास्ट आरसीसी तकनीक और सबवे बैरल का निर्माण
वस्त्रपुर सबवे को इतनी तेजी से तैयार करने में प्रीकास्ट कंक्रीट तकनीक की मुख्य भूमिका रही। पारंपरिक निर्माण तरीकों में साइट पर कंक्रीट ढालने और उसे सुखाने में हफ्तों का समय लगता है, जबकि प्रीकास्ट तकनीक में सभी ढांचागत हिस्सों को पहले ही कारखाने (फैक्टरी) में उच्च गुणवत्ता मानकों के साथ तैयार कर लिया जाता है।
इस प्रोजेक्ट के लिए उच्च गुणवत्ता वाले M50 ग्रेड के प्रीकास्ट आरसीसी बॉक्स यूनिट्स को पहले ही फैक्टरी में तैयार करके वस्त्रपुर लाया गया था। 1.5 मीटर के बेस स्लैब के तैयार होते ही, शक्तिशाली क्रेन की मदद से इन M50 प्रीकास्ट आरसीसी बॉक्सों को एक के बाद एक कंक्रीट बेस पर सटीकता के साथ रखा गया। इस तरह 21 मीटर लंबा मजबूत सबवे बैरल बनकर तैयार हो गया।
संरचना को लंबे समय तक मजबूती, टिकाऊपन और ट्रेनों के गुजरने से होने वाले वाइब्रेशन से सुरक्षा देने के लिए एडवांस्ड पोस्ट-टेन्शनिंग तकनीक का इस्तेमाल किया गया। उच्च क्षमता वाले स्टील केबल्स की मदद से प्रीकास्ट बॉक्सों को आपस में मजबूती से खींचा गया। इसके अलावा, सबवे को बारिश के पानी, भूजल के रिसाव और नमी से बचाने के लिए उस पर एडवांस्ड वॉटरप्रूफिंग कोटिंग की गई।
भारी लोकोमोटिव से लोड टेस्टिंग और पटरियों की बहाली
21 मीटर लंबे सबवे ढांचे का संयोजन, पोस्ट-टेन्शनिंग और वॉटरप्रूफिंग का काम पूरा होने के तुरंत बाद रेलवे इंजीनियरों ने इसकी मजबूती की जांच की। मुख्य रेल लाइन पर सामान्य ट्रेन सेवा बहाल करने से पहले, रेलवे की भारी सर्विस मशीनों और भारी लोकोमोटिव इंजन को नए बने सबवे के ऊपर से गुजारा गया। इस लोड टेस्ट का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि नया सबवे बिना किसी विस्थापन के भारी रेल यातायात का भार उठाने में पूरी तरह सक्षम है।
परीक्षण में सबवे के पूरी तरह सफल और सुरक्षित पाए जाने के बाद, ट्रैक टीमों ने सबवे के ऊपर गिट्टी बिछाकर पटरियों और स्लीपरों को दोबारा स्थापित कर दिया। पटरियां हटाने से लेकर सबवे निर्माण, लोड टेस्टिंग और पटरियों को दोबारा जोड़ने तक का पूरा काम मात्र 7 घंटे 15 मिनट में पूरा हो गया, जो कि आवंटित 8 घंटे के ब्लॉक से 45 मिनट कम था। काम खत्म होते ही रेल लाइन पर ट्रेनों की आवाजाही सुरक्षित रूप से शुरू कर दी गई। पश्चिम रेलवे ने इस तेज और सटीक इंस्टॉलेशन का श्रेय अपने कर्मचारियों और इंजीनियरिंग टीम के समर्पण को दिया।
स्थानीय निवासियों के लिए सुरक्षा और आवाजाही में आसानी
वस्त्रपुर इलाके में इस पैदल यात्री सबवे के बनने से स्थानीय निवासियों की एक बड़ी और पुरानी समस्या का स्थायी समाधान हो गया है। सबवे बनने से पहले लोग अक्सर एक तरफ से दूसरी तरफ जाने के लिए चालू रेलवे पटरियों को पैदल पार करते थे, जिससे गंभीर दुर्घटनाओं और अवैध रूप से ट्रैक पार करने (ट्रेस्पासिंग) का खतरा हमेशा बना रहता था। अब यह नया सबवे पैदल यात्रियों को एक सुरक्षित, चौड़ा और सुविधाजनक मार्ग प्रदान करता है।
अहमदाबाद के डिविजनल रेलवे मैनेजर (DRM) ने सोशल मीडिया पर इस उपलब्धि का वीडियो साझा करते हुए प्रोजेक्ट की सराहना की और इसे तेजी से बुनियादी ढांचा निर्माण का बेहतरीन उदाहरण बताया। पश्चिम रेलवे के अधिकारियों के अनुसार, फैक्टरी-निर्मित प्रीकास्ट तकनीक के उपयोग से निर्माण स्थल पर लगने वाला समय बहुत कम हो जाता है, जिससे लंबे समय तक ट्रेन रद्द करने या स्पीड रिस्ट्रिक्शन लगाने की जरूरत नहीं पड़ती। वस्त्रपुर का यह सबवे न केवल स्थानीय लोगों की आवाजाही को सुरक्षित बनाएगा, बल्कि रेलवे नेटवर्क के सुचारू संचालन को भी बनाए रखेगा।





















