मासिक धर्म के दिनों में महिलाओं को होने वाले पेट दर्द और ऐंठन से राहत पाने के लिए पुराने समय से ही अजवाइन और गुड़ के पानी का इस्तेमाल किया जाता रहा है। इस घरेलू नुस्खे को तैयार करने के लिए अजवाइन को पानी में उबाला जाता है और फिर इसमें थोड़ा सा गुड़ मिलाकर गुनगुना पिया जाता है। पेट की असहजता को दूर करने के लिए यह एक आजमाया हुआ तरीका है।
केले का सेवन और ऊर्जा
पीरियड्स के दौरान शरीर में कमजोरी और थकान महसूस होना एक आम बात है। ऐसी स्थिति से निपटने के लिए केले को अपनी डाइट में शामिल करना फायदेमंद रहता है। केला शरीर को तुरंत ऊर्जा देने के साथ-साथ कई जरूरी पोषक तत्वों की कमी को भी पूरा करता है, जिससे कमजोरी दूर करने में आसानी होती है।
सौंफ के पानी के फायदे
पेट में भारीपन या किसी भी तरह की असहजता होने पर सौंफ के पानी का उपयोग पारंपरिक घरेलू उपाय के रूप में किया जाता है। सौंफ को या तो पानी में उबाल लिया जाता है या फिर कुछ देर पानी में भिगोकर रखा जाता है, जिसके बाद इसके गुनगुने पानी का सेवन किया जाता है। दादी-नानी के जमाने से ही सौंफ का उपयोग इस समस्या के लिए होता आ रहा है।
अदरक की चाय का इस्तेमाल
मासिक धर्म के दौरान गर्माहट पाने के लिए हल्के गर्म पेय के तौर पर अदरक की चाय का सेवन किया जा सकता है। अदरक को चाय या गर्म पानी में मिलाकर इस्तेमाल करने की परंपरा बहुत पुरानी है। इसे शरीर को अंदर से गर्माहट देने वाला एक बेहतरीन पारंपरिक विकल्प माना जाता है।
गर्म सिकाई से राहत
यदि पीरियड्स के वक्त पेट में तेज ऐंठन या दर्द उठ रहा हो, तो गर्म पानी की बोतल से हल्की सिकाई करना एक बेहद आसान और कारगर घरेलू उपाय है। पेट के निचले हिस्से पर कुछ देर तक गर्म सिकाई करने से मांसपेशियों के कड़ेपन और ऐंठन से अस्थायी तौर पर राहत मिल सकती है।


















