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जयपुर कमिश्नरेट पर कांग्रेस का अनिश्चितकालीन धरना, टीकाराम जूली के नेतृत्व में रितु बराला मामले में एफआईआर की मांगराजस्थान
20 अक्तू॰ 2026, 3:04 pm (1 घंटे पहले)· 3

जयपुर कमिश्नरेट पर कांग्रेस का अनिश्चितकालीन धरना, टीकाराम जूली के नेतृत्व में रितु बराला मामले में एफआईआर की मांग

जयपुर में पुलिस कमिश्नरेट के बाहर रितु बराला मामले में एफआईआर दर्ज कराने की मांग को लेकर कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं का धरना 12 घंटे से अधिक समय से जारी है।

राजस्थान की राजधानी जयपुर में पुलिस कमिश्नरेट के बाहर चल रहा कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं का विरोध प्रदर्शन अब काफी तीखा हो चुका है। रितु बराला मामले में तत्काल एफआईआर दर्ज करने की मांग को लेकर शुरू किया गया यह धरना बारह घंटे बीत जाने के बावजूद बिना किसी विराम के जारी है। धरने की इस लंबी अवधि के दौरान नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली समेत पार्टी के कई दिग्गज नेता और भारी संख्या में कार्यकर्ता मौके पर डटे हुए हैं। इसके बावजूद पुलिस प्रशासन की तरफ से अब तक किसी भी तरह की औपचारिक बातचीत या सहमति बनाने की कोई कोशिश नहीं की गई है, जिससे प्रदर्शनकारियों के भीतर भारी गुस्सा पनप रहा है।

सड़क जाम और पुलिस से झड़प

प्रदर्शन के दौरान हालात तब और अधिक तनावपूर्ण हो गए जब नाराज कार्यकर्ताओं ने पुलिस कमिश्नरेट के बाहर मुख्य मार्ग को अवरुद्ध करने का प्रयास किया। तेज नारेबाजी करते हुए लोग सड़क के बीचों-बीच आ पहुंचे, जिसके कारण वहां वाहनों की आवाजाही ठप होने लगी। स्थिति को बिगड़ता देख पुलिस बल ने तुरंत सक्रियता दिखाई और समझाइश करते हुए लोगों को सड़क से पीछे हटाया। कमिश्नरेट के बाहर लगातार गूंजते नारेबाजी के स्वरों के बीच पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच किसी भी समय टकराव की आशंका बनी हुई है।

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युवा कांग्रेस का टेंट हटाने पर हंगामा

जयपुर पुलिस कमिश्नरेट के बाहर युवा कांग्रेस के सदस्यों द्वारा टेंट लगाने के प्रयास के बाद वहां जबर्दस्त बवाल खड़ा हो गया। पुलिस ने शक्ति का इस्तेमाल करते हुए उस टेंट को मौके से तुरंत हटवा दिया, जिसके बाद पुलिसकर्मियों और कार्यकर्ताओं के बीच तीखी धक्का-मुक्की और आमने-सामने की स्थिति पैदा हो गई। टेंट हटाए जाने की इस कार्रवाई से खफा होकर युवा कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सरकार और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जोरदार आवाज उठाई। हालात के लगातार बिगड़ते स्वरूप को भांपते हुए वहां अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है, जबकि कांग्रेसी नेता अपनी मांग पर पूरी तरह अड़े हुए हैं।

सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी

धरना स्थल पर मौजूद सभी कांग्रेसी नेता पूरी एकजुटता के साथ पुलिस प्रशासन और राज्य की भाजपा सरकार पर तीखे हमले कर रहे हैं। कमिश्नरेट भवन के भीतर वरिष्ठ नेता जमे हुए हैं, तो बाहर सैकड़ों की तादाद में समर्थक नारे लगाकर अपना रोष प्रकट कर रहे हैं। कांग्रेस नेताओं का रुख बिल्कुल स्पष्ट है कि जब तक इस प्रकरण में निष्पक्ष तरीके से मुकदमा दर्ज नहीं किया जाता, तब तक उनका यह आंदोलन किसी भी कीमत पर समाप्त नहीं होगा।

जोधपुर से पचपदरा फोरलेन हाईवे परियोजना

इसी बीच बुनियादी ढांचे से जुड़ी एक अन्य बड़ी खबर के तहत जोधपुर से पचपदरा तक का सफर अब काफी आसान होने जा रहा है। इस मार्ग पर इक्कीस सौ तीस करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से सत्तासी किलोमीटर लंबा नया फोरलेन हाईवे तैयार किया जाएगा, जिससे इस क्षेत्र के यात्रियों को खासी सहूलियत मिलेगी।

सुरक्षा के कड़े पहरे और भारी तैनाती

प्रदर्शन की गंभीरता और वहां लगातार जुट रही भीड़ को ध्यान में रखते हुए पुलिस महकमा पूरी तरह चौकस बना हुआ है। कानून और शांति व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से कमिश्नरेट के चारों तरफ अतिरिक्त सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है। वरिष्ठ अधिकारी खुद मौके पर मौजूद रहकर हालात पर पैनी नजर रखे हुए हैं। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए परिसर और आसपास के सभी मार्गों पर मजबूत बैरिकेडिंग कर दी गई है ताकि व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में बनी रहे।

सवाल-जवाब

जयपुर पुलिस कमिश्नरेट के बाहर धरना क्यों दिया जा रहा है?
यह धरना रितु बराला मामले में पुलिस द्वारा तुरंत एफआईआर दर्ज करने की मांग को लेकर आयोजित किया जा रहा है।
इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कौन कर रहा है?
इस प्रदर्शन का नेतृत्व नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली और कांग्रेस के कई अन्य वरिष्ठ नेता कर रहे हैं।
धरना कितने समय से चल रहा है?
यह धरना बारह घंटे बीत जाने के बावजूद लगातार बिना रुके जारी है।
युवा कांग्रेस के साथ पुलिस का टकराव क्यों हुआ?
युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा कमिश्नरेट के बाहर टेंट लगाने की कोशिश करने और पुलिस द्वारा उसे बलपूर्वक हटाने के कारण टकराव हुआ।
जोधपुर से पचपदरा हाईवे परियोजना की लागत कितनी है?
इस फोरलेन हाईवे परियोजना की कुल लागत इक्कीस सौ तीस करोड़ रुपये है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 4

Ravikash Gupta@ravikash·28 मिनट पहले

बारह घंटे से धरना चल रहा है और पुलिस ने अभी तक बात तक नहीं की, यह बात कुछ ठीक नहीं बैठ रही। प्रशासन इतना भी बेपरवाह नहीं होता कि विपक्ष के इतने बड़े नेता सड़क पर बैठे हों और कोई सुध न ले।

Arjun Mehta@arjun-mehta·27 मिनट पहले

रविकाश जी, बात तो सही है आपकी, पर टेंट हटाने वाले मामले पर जो धक्का-मुक्की हुई, उसने असली ध्यान खींच लिया।

Karan Malhotra@karan-malhotra·52 मिनट पहले

बारह घंटे से धरना चल रहा है और प्रशासन ने अब तक कोई बात नहीं की, इस बात पर थोड़ा शक है।

Rohan Verma@rohan-verma·52 मिनट पहले

करण जी, लखनऊ में जब पुलिस कमिश्नर के बाहर ऐसा होता है, तब भी प्रशासन घंटों तक नजर नहीं आता, यह तो पुरानी आदत है।

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