जयपुर के साइबर अपराधियों पर नकेल कसते हुए पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल और स्पेशल पुलिस कमिश्नर ओमप्रकाश के निर्देशों के तहत पुलिस ने एक बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश किया है। मंगलवार, 20 अक्टूबर को जयपुर के भांकरोटा थाना इलाके में पुलिस ने एक अवैध टेक्निकल सपोर्ट कॉल सेंटर पर अचानक छापा मारा। इस कार्रवाई के दौरान मौके से 8 युवकों और 2 युवतियों सहित कुल 10 संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया गया है। यह पूरा नेटवर्क विदेशी नागरिकों को अपना निशाना बनाकर करोड़ों रुपये की ऑनलाइन धोखाधड़ी को अंजाम दे रहा था।
स्पेशल पुलिस कमिश्नर ओमप्रकाश ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि शुरुआती पूछताछ में सामने आया है कि ये आरोपी अमेरिकी नागरिकों को उनके आईफोन में तकनीकी खराबी आने का झांसा देते थे। कॉल सेंटर पर काम करने वाले लोग X-Lite सॉफ्टवेयर और TFN नंबरों के माध्यम से सीधे अमेरिका में बैठे लोगों से संपर्क स्थापित करते थे। आईफोन की समस्या को ठीक करने का भरोसा देकर ग्राहकों को लंबी बातचीत में उलझाया जाता था और फिर तकनीकी मदद के नाम पर उनसे भारी रकम वसूली जाती थी।
बैंक अधिकारी बनकर चुराते थे गोपनीय वित्तीय जानकारियां
इस पूरे ठगी के खेल में गिरोह की एक युवती बैंक अधिकारी की फर्जी भूमिका निभाती थी और अमेरिकी ग्राहकों से बातचीत करती थी। ग्राहकों का विश्वास जीतने के बाद वह उनके बैंक खातों से जुड़ी बेहद गोपनीय और संवेदनशील जानकारियां हासिल कर लेती थी। इसके तुरंत बाद इन वित्तीय जानकारियों को एक टेलीग्राम ग्रुप पर शेयर कर दिया जाता था, जहाँ से इस गिरोह के मुख्य संचालक उन जानकारियों का गलत इस्तेमाल करके विदेशी बैंक खातों से पैसे ट्रांसफर करवा लेते थे और रकम उड़ा लेते थे।
भारी मात्रा में मोबाइल, लैपटॉप और उपकरण बरामद
इस दबिश के दौरान पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में तकनीकी गैजेट्स और अन्य साक्ष्य बरामद किए हैं। इनमें 19 मोबाइल फोन, 12 लैपटॉप और लैपटॉप से जुड़ी तमाम एक्सेसरीज शामिल हैं। सीएसटी की एनडीपीएस टीम द्वारा दी गई सटीक सूचना के आधार पर यह पूरी कार्रवाई अंजाम दी गई, जिसके बाद भांकरोटा थाना पुलिस ने सभी 10 आरोपियों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए अपनी हिरासत में ले लिया है। पुलिस अब इस अंतरराष्ट्रीय स्तर के साइबर नेटवर्क के मुख्य सरगनाओं, पैसों के लेनदेन और उनके अन्य सहयोगियों के बारे में गहराई से छानबीन कर रही है।
हिरासत में लिए गए 10 आरोपियों की सूची
भांकरोटा थाना क्षेत्र में संचालित इस फर्जी कॉल सेंटर से पुलिस ने जिन 10 संदिग्ध व्यक्तियों को डिटेन किया है, उनका विवरण इस प्रकार है
- हर्ष चौहान: 27 वर्ष की आयु के हर्ष चौहान, पुत्र श्री दिनेश चौहान, मूल रूप से गांव खेड़ी सुल्तान, जिला झज्जर, हरियाणा के रहने वाले हैं।
- कृष्ण: 28 वर्ष के कृष्ण, पुत्र श्री देव, असम के जिला बक्सा के अंतर्गत आने वाले गांव नलबाड़ी के निवासी हैं।
- आकाशी लाबा: 30 वर्ष के आकाशी लाबा, पुत्र श्री राजीव लाबा, पश्चिम बंगाल के जिला दार्जिलिंग स्थित गांव खोपलासी से ताल्लुक रखते हैं।
- खोजा: 27 वर्ष के खोजा, पुत्र श्री मातीतशी, नागालैंड के जिला मेलयूरी के गांव पोखमंजरी के रहने वाले हैं।
- केवी: 24 वर्ष के केवी, पुत्र श्री जैपोनी, नागालैंड के जिला मेलयूरी के गांव अखीको के निवासी हैं।
- निशांत: 24 वर्ष के निशांत, पुत्र श्री संजय, हरियाणा के जिला गुरुग्राम स्थित गांव फरुखनगर के रहने वाले हैं।
- रविंद्र कुमार: 31 वर्ष के रविंद्र कुमार, पुत्र श्री राजपाल सिंह, हरियाणा के जिला महेंद्रगढ़ के गांव पाटोदा के निवासी हैं।
- अंकित: 24 वर्ष के अंकित, पुत्र श्री सुरेश, हरियाणा के जिला झज्जर स्थित गांव खेड़ी सुल्तान के रहने वाले हैं।
- दिया गुरुजी: 25 वर्ष की दिया गुरुजी, पुत्री श्री सुरजू गुरुजी, पश्चिम बंगाल के जिला दार्जिलिंग के गांव खोपलासी से हैं।
- लिशीनी: 25 वर्ष की लिशीनी, पुत्री श्री अदानी, मणिपुर के जिला सेनापति स्थित गांव मऊ की रहने वाली हैं।



















