उत्तराखंड के इस गुप्त सिद्धपीठ में देवराज इंद्र ने की थी तपस्या, रानीपुर के जंगलों में स्थित है मां सुरेश्वरी का प्राचीन मंदिरचित्तौड़गढ़ में ढाई साल से फरार 20 हजार का इनामी ड्रग्स तस्कर खेताराम बिश्नोई गिरफ्तारकुल्लू दशहरा के लिए माता हिडिम्बा रवाना, 1265 जवान और 155 सीसीटीवी कैमरों से होगी सुरक्षाकनाडा को तोड़ने का डोनाल्ड ट्रंप और अल्बर्टा का दांव फेल, जनमत संग्रह में मिली भारी शिकस्तसिरोही की अरावली पहाड़ियों में बसा अनोखा अमरेश्वर महादेव मंदिर, बिना सहारे टिकी विशाल चट्टान का रहस्यफिरोजाबाद में दशहरा के बाद गूंजते हैं टेसू-झांझी के पारंपरिक लोकगीत, महाभारत काल से जुड़ा है अनूठा उत्सवइजराइल के युवा मतदाताओं में धुर दक्षिणपंथी राजनीति की बढ़ती स्वीकार्यताउत्तराखंड के पिथौरागढ़ में स्थित बूंदी गांव से सड़क बनने के बाद छीना पड़ाव का दर्जा, फिर भी सैलानियों की पहली पसंदअसम में अवैध कब्जों पर प्रशासन का कड़ा एक्शन, तीन जिलों में मुक्त कराई गई 638 हेक्टेयर से ज्यादा जमीनसौरव दास और आशुतोष रांका को याद कर भावुक हुए अभिजीत दिपके, तिहाड़ जेल में बंद हैं सीजेपी नेता
भरतपुर में श्री जसवंत पशु मेले की धूम, उत्तम नस्ल के मवेशियों की हो रही है परखराजस्थान
20 अक्तू॰ 2026, 3:04 pm (1 घंटे पहले)· 3

भरतपुर में श्री जसवंत पशु मेले की धूम, उत्तम नस्ल के मवेशियों की हो रही है परख

राजस्थान के भरतपुर में आयोजित विश्व प्रसिद्ध श्री जसवंत प्रदर्शनी एवं पशु मेले में विभिन्न नस्लों के बेहतरीन पशुओं के बीच मुकाबले हो रहे हैं, जहां विशेषज्ञ पैमानों के आधार पर विजेताओं का चयन कर रहे हैं।

राजस्थान के भरतपुर में आयोजित होने वाला विश्व प्रसिद्ध श्री जसवंत प्रदर्शनी एवं पशु मेला इन दिनों पशुपालन और उत्कृष्ट पशु नस्लों के प्रदर्शन का बड़ा केंद्र बना हुआ है। इस मेले में राज्य के कोने-कोने से पशुपालक अपने सबसे बेहतरीन मवेशियों के साथ शिरकत कर रहे हैं। यहां आयोजित होने वाली विभिन्न पशु प्रतियोगिताएं पशुपालकों के लिए अपनी सालों की मेहनत, अनुभव और मवेशियों की उच्च गुणवत्ता को सबके सामने लाने का एक बेहद असरदार जरिया साबित होती हैं।

विभिन्न श्रेणियों में मुकाबले और पशुपालकों का उत्साह

इस भव्य मेले में भैंस वंश की कई श्रेणियों के अंतर्गत विभिन्न मुकाबले कराए जाते हैं, जिनमें मुख्य रूप से भैंसा-सांड, दुधारू भैंस, शुष्क भैंस और ओसर भैंस की प्रतियोगिताएं शामिल हैं। इन आयोजनों में बड़ी संख्या में प्रगतिशील पशुपालक पूरे जोश और उत्साह के साथ हिस्सा लेते हैं। सभी पशुपालक अपने मवेशियों की श्रेष्ठ नस्ल, शानदार स्वास्थ्य और उनकी विशिष्ट शारीरिक बनावट के दम पर प्रतियोगिता में शीर्ष स्थान हासिल करने की कोशिश करते हैं।

ये भी पढ़ें

देखभाल और अनुभवों के आदान-प्रदान का मंच

मेले में हिस्सा लेने वाले पशुपालक अपने मवेशियों के खानपान, पोषण और दैनिक देखभाल पर बेहद करीब से नजर रखते हैं और विशेष ध्यान देते हैं। इन आयोजनों के जरिए पशुपालकों को न सिर्फ अपने अनुभव एक-दूसरे के साथ साझा करने का मौका मिलता है, बल्कि वे अन्य किसानों से नई बातें सीखते भी हैं। इसके अलावा, पशुपालन के क्षेत्र में बेहतरीन नस्लों को बढ़ावा देने और मेहनती पशुपालकों के प्रयासों को उचित पहचान दिलाने के लिहाज से भी यह मेला एक अहम भूमिका निभाता है।

विशेषज्ञों की कमेटी कर रही है मूल्यांकन

इस बार मेले में मवेशियों के चयन और मूल्यांकन के लिए निदेशालय पशुपालन विभाग जयपुर की तरफ से तीन सदस्यों वाली एक विशेष कमेटी का गठन किया गया है। इस कमेटी में धौलपुर के संयुक्त निदेशक डॉ. रामकिशन महावर, डीग की उपनिदेशक डॉ. भावना यादव और करौली के वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. धर्मेंद्र गुप्ता को शामिल किया गया है। कमेटी के ये सभी विशेषज्ञ तय किए गए मानकों के आधार पर प्रतियोगिता में भाग लेने वाले प्रत्येक पशु की बारीकी से जांच करते हैं।

कड़े मानकों के आधार पर होता है विजेताओं का चयन

पशुओं को चुनते समय उनकी नस्ल की खास विशेषताओं, सामान्य स्वास्थ्य, थन की बनावट, प्रजनन क्षमता और दूध देने की क्षमता जैसे तमाम जरूरी पहलुओं को पूरी गंभीरता से परखा जाता है। इन सभी पैमानों पर खरा उतरने वाले पशुओं की गुणवत्ता का आकलन करने के बाद ही विजेताओं के नाम तय किए जाते हैं, ताकि बढ़िया नस्लों और उन्नत पशुपालन के तरीकों को प्रोत्साहन मिल सके।

विजेताओं के लिए नकद पुरस्कारों की व्यवस्था

प्रतियोगिता में पहला स्थान हासिल करने वाले विजेता पशुपालक को 5,100 रुपये, दूसरा स्थान पाने वाले को 3,100 रुपये और तीसरा स्थान प्राप्त करने वाले पशुपालक को 2,100 रुपये का नकद चेक पुरस्कार स्वरूप दिया जाता है। इस प्रकार भरतपुर का यह ऐतिहासिक श्री जसवंत प्रदर्शनी एवं पशु मेला पशुपालकों को सम्मानित करने, उत्तम पशुधन को बढ़ावा देने और समाज में पशुपालन के प्रति जागरूकता फैलाने का एक बेहद महत्वपूर्ण मंच बना हुआ है।

सवाल-जवाब

श्री जसवंत प्रदर्शनी एवं पशु मेला कहां आयोजित किया जाता है?
यह मेला राजस्थान के भरतपुर में आयोजित किया जाता है।
इस मेले में किस पशु वंश की प्रतियोगिताएं मुख्य रूप से होती हैं?
इस मेले में भैंस वंश की विभिन्न श्रेणियों के मुकाबले आयोजित किए जाते हैं।
पशुओं के चयन के लिए किस विभाग ने कमेटी बनाई है?
निदेशालय पशुपालन विभाग जयपुर ने तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया है।
कमेटी में कौन-कौन से अधिकारी शामिल हैं?
कमेटी में डॉ. रामकिशन महावर, डॉ. भावना यादव और डॉ. धर्मेंद्र गुप्ता शामिल हैं।
प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पाने वाले को कितना पुरस्कार मिलता है?
प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले विजेता पशुपालक को 5,100 रुपये का चेक दिया जाता है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 4

Ravikash Gupta@ravikash·28 मिनट पहले

भरतपुर के इस मेले में पशुओं की नस्लों और देखभाल को लेकर जो प्रतियोगिता हो रही है, वह ग्रामीण अर्थव्यवस्था और डेयरी सेक्टर को सीधे मजबूती देती है।

Arjun Mehta@arjun-mehta·28 मिनट पहले

रविकेश जी, आपकी बात बिल्कुल सही है। क्या इन मेलों से मिलने वाले पुरस्कारों की राशि आज के मवेशी पालने के खर्च के हिसाब से काफी नहीं लगती?

Rohan Verma@rohan-verma·53 मिनट पहले

भरतपुर के इस मेले में हर साल पशुपालकों का जोश देखने लायक होता है। अच्छी नस्ल के मवेशियों की परख और इतने सारे जानकारों का एक जगह जुटना खेती-किसानी से जुड़े लोगों के लिए बहुत काम का है।

Karan Malhotra@karan-malhotra·52 मिनट पहले

रोहन भाई, सही कहा आपने। ऐसे मेलों में पशुओं की खरीद-फरोख्त और मेलजोल के दौरान कई बार धोखाधड़ी के मामले भी सामने आते हैं, इसलिए सतर्क रहना भी बहुत जरूरी है।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp