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पुष्कर के सैंड आर्टिस्ट अजय रावत ने रेत पर उकेरी बाबा रामदेव की प्रतिमा, दो घंटे में तैयार की भव्य सैंड आर्टराजस्थान
9 सित॰ 2026, 12:11 pm (1 घंटे पहले)· 3

पुष्कर के सैंड आर्टिस्ट अजय रावत ने रेत पर उकेरी बाबा रामदेव की प्रतिमा, दो घंटे में तैयार की भव्य सैंड आर्ट

लोक देवता बाबा रामदेव के मेले की शुरुआत पर पुष्कर के सैंड आर्टिस्ट अजय रावत ने रेत और मिट्टी से उनकी मनमोहक प्रतिमा उकेरी है। दो घंटे की मेहनत से बनी यह कलाकृति श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।

लोक देवता बाबा रामदेव के वार्षिक मेले की शुरुआत के साथ ही समूचे राजस्थान में भक्ति और आस्था का माहौल बना हुआ है। रामदेवरा की ओर बढ़ रहे श्रद्धालुओं के जत्थों के बीच अजमेर जिले के पुष्कर क्षेत्र में एक अनोखा दृश्य सामने आया है। अंतरराष्ट्रीय सैंड आर्टिस्ट अजय रावत ने रेत और मिट्टी के माध्यम से बाबा रामदेव का एक अत्यंत सुंदर और जीवंत स्वरूप तैयार किया है। पुष्कर में बनी यह सैंड आर्ट इस समय मेले में आने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय निवासियों के लिए मुख्य आकर्षण बनी हुई है।

दो घंटे की मेहनत से रेत पर उकेरी गई बाबा रामदेव की आकृति

पुष्कर के निकटवर्ती गनाहेड़ा गांव के रहने वाले सैंड आर्टिस्ट अजय रावत ने अपनी कलात्मक निपुणता का प्रदर्शन करते हुए इस प्रतिमा को रूप दिया है। उन्होंने केवल दो घंटे की कड़ी मेहनत और बारीक कारीगरी के बल पर मिट्टी और बालू रेत के ढेर को लोक देवता के भव्य स्वरूप में परिवर्तित कर दिया। रेत पर बाबा रामदेव के नैन-नक्श और उनकी आकृति को इतनी बारीकी से उकेरा गया है कि देखने वाले सहज ही मंत्रमुग्ध हो रहे हैं। कलाकृति के सामने से गुजरने वाले लोग रुककर इसे निहारते हैं और नमन करते हैं।

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श्रद्धालुओं में भारी उत्साह और आस्था का संगम

बाबा रामदेव मेले के अवसर पर प्रदेश के कोने-कोने से लाखों भक्त रामदेवरा स्थित मुख्य मंदिर के लिए प्रस्थान कर रहे हैं। कोई नंगे पैर पैदल यात्रा कर रहा है, तो कोई हाथों में पचरंगी ध्वजा लेकर और सजाए गए घोड़ों के साथ यात्रा में शामिल हो रहा है। ऐसे धार्मिक वातावरण में अजय रावत की यह रेत प्रतिमा आस्था प्रकट करने का एक अनूठा केंद्र बन गई है। कलाकृति के समक्ष पहुंचने वाले श्रद्धालु हाथ जोड़कर शीश नवा रहे हैं तथा परिवार की सुख-समृद्धि की मनोकामनाएं मांग रहे हैं।

सामाजिक और धार्मिक विषयों पर 17 वर्षों का कलात्मक सफर

सैंड आर्टिस्ट अजय रावत पिछले 17 वर्षों से बालू रेत पर अपनी रचनात्मक कला का प्रदर्शन कर रहे हैं। इस अवधि के दौरान उन्होंने न केवल धार्मिक विषयों पर कलाकृतियां बनाई हैं, बल्कि विभिन्न सामाजिक अभियानों को भी अपनी कला के जरिए जन-जन तक पहुंचाया है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, बेटी बचाओ, स्वच्छता अभियान, राष्ट्रीय पर्वों और सामाजिक जागरूकता के कई ज्वलंत मुद्दों पर प्रभावशाली सैंड आर्ट का निर्माण किया है। बाबा रामदेव पर बनाई गई यह नई कलाकृति कला और भक्ति के अनूठे मेल का एक और उदाहरण प्रस्तुत करती है।

सवाल-जवाब

बाबा रामदेव की सैंड आर्ट प्रतिमा कहां बनाई गई है?
यह सैंड आर्ट प्रतिमा राजस्थान के अजमेर जिले में पुष्कर के निकट स्थित गनाहेड़ा गांव में बनाई गई है।
इस सैंड आर्ट को किस कलाकार ने तैयार किया है?
इस कलाकृति को अंतरराष्ट्रीय सैंड आर्टिस्ट अजय रावत ने मिट्टी और रेत की मदद से तैयार किया है।
इस प्रतिमा को बनाने में कितना समय लगा?
सैंड आर्टिस्ट अजय रावत ने करीब दो घंटे की कड़ी मेहनत और बारीक कारीगरी से यह प्रतिमा तैयार की।
अजय रावत कितने समय से सैंड आर्ट के क्षेत्र में सक्रिय हैं?
अजय रावत पिछले 17 वर्षों से सैंड आर्ट बना रहे हैं और उन्होंने कई सामाजिक व धार्मिक विषयों पर कलाकृतियां उकेरी हैं।
बाबा रामदेव का मुख्य मेला स्थल कहां स्थित है?
बाबा रामदेव का मुख्य मेला स्थल रामदेवरा में स्थित है, जहां श्रद्धालु ध्वजा और घोड़ों के साथ पदयात्रा करके पहुंच रहे हैं।
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