राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले में स्थित धोलीपाल गांव में एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जहां किन्नर चन्नी बाई के सूने मकान को निशाना बनाकर भारी मात्रा में कीमती सामान और नकदी लूट ली गई। वारदात के दौरान मोटरसाइकिल पर सवार होकर पहुंचे दो अज्ञात युवकों ने घर में घुसकर आभूषणों और नकदी पर हाथ साफ किया। चोरों ने न केवल चोरी की वारदात को अंजाम दिया, बल्कि जाते समय घर के बाहर खड़े तीन वाहनों में आग भी लगा दी। घटना के वक्त आवास पूरी तरह खाली था, जिसके चलते आरोपियों को बिना किसी रुकावट के वारदात को अंजाम देने और फरार होने का मौका मिल गया।
घर में किसी की मौजूदगी न होने का उठाया फायदा
घटनाक्रम के अनुसार, जिस समय यह वारदात हुई उस दौरान चन्नी बाई और उनके परिवार का कोई भी सदस्य आवास पर मौजूद नहीं था। घर के सूनेपन का फायदा उठाते हुए दो युवक बाइक पर सवार होकर सीधे परिसर में दाखिल हुए। आरोपियों ने कमरों की तलाशी लेकर अंदर रखे कीमती जेवरातों और नकदी को अपने कब्जे में लिया। चोरी गए सामान में लगभग 51 तोला सोना और 12 लाख रुपये की नकदी शामिल है। इस बड़ी चोरी को अंजाम देने के बाद दोनों युवकों ने परिसर के बाहर खड़ी तीन गाड़ियों में आग लगा दी। देखते ही देखते आग की लपटों ने तीनों वाहनों को अपनी चपेट में ले लिया और वे पूरी तरह जलकर राख हो गए।
सदर थाना पुलिस और फोरेंसिक टीम ने शुरू की जांच
मामले की सूचना मिलते ही सदर थाना पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ ही आसपास के ग्रामीणों और पड़ोसियों से पूछताछ कर जरूरी विवरण जुटाए हैं। घटना की गंभीरता और वाहनों को आग लगाने की असामान्य कड़ी को देखते हुए फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी यानी एफएसएल की टीम को भी मौके पर बुलाया गया। वैज्ञानिक विशेषज्ञों की टीम ने घटनास्थल का मुआयना कर वहां से विभिन्न भौतिक और तकनीकी साक्ष्य एकत्रित किए हैं, जिनकी मदद से आरोपियों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है।
पुरानी रंजिश और मुखबिरी के कोण पर पड़ताल
पुलिस की शुरुआती जांच में इस वारदात के पीछे किसी पुरानी दुश्मनी या व्यक्तिगत रंजिश की आशंका भी जताई जा रही है। जांच अधिकारी इस बात का विश्लेषण कर रहे हैं कि आरोपियों का मुख्य उद्देश्य केवल धन और आभूषण चुराना था या फिर वाहनों को आग लगाकर नुकसान पहुंचाना किसी रंजिश का हिस्सा था। पुलिस इस पहलू की भी गहराई से पड़ताल कर रही है कि क्या आरोपियों को पहले से जानकारी थी कि परिवार घर पर नहीं है और अंदर कितना कीमती सामान रखा हुआ है। किसी नजदीकी परिचित या मुखबिर की संलिप्तता की आशंका को भी नकारा नहीं गया है। इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालकर बाइक सवार हमलावरों का सुराग लगाने की प्रक्रिया जारी है।



















