राजस्थान के ग्रामीण इलाकों में राजनीतिक सरगर्मी अपने चरम पर पहुंच गई है क्योंकि प्रदेश के सोलह जिलों में पंचायतीराज चुनाव के पहले चरण के तहत मतदान की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। जिला परिषद और पंचायत समिति के सदस्यों को चुनने के लिए मतदाता आज सुबह से ही अपने नजदीकी मतदान केंद्रों पर लंबी कतारों में खड़े नजर आ रहे हैं। राज्य निर्वाचन आयोग और स्थानीय प्रशासन की ओर से इस बड़े लोकतांत्रिक अभ्यास को निष्पक्ष और व्यवस्थित ढंग से पूरा कराने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। सभी निर्धारित पोलिंग बूथों पर मतदान दल तय समय से पहले ही ईवीएम और अन्य जरूरी चुनाव सामग्रियों के साथ पहुंच चुके थे ताकि वोटिंग प्रक्रिया में किसी भी तरह की बाधा न आए। मुख्य राजनीतिक दलों यानी भाजपा और कांग्रेस दोनों के लिए ही इन ग्रामीण चुनावों में अपनी सियासी जमीन और पकड़ मजबूत करने की कड़ी चुनौती बनी हुई है.
जयपुर जिले में मतदान की व्यापक तैयारियां और आंकड़े
राजधानी जयपुर के ग्रामीण क्षेत्रों में भी पहले चरण के तहत जोरदार मतदान देखने को मिल रहा है। जयपुर जिले की आठ पंचायत समितियों और जिला परिषद के बाइस वार्डों के अंतर्गत आने वाले कुल एक सौ छियालीस वार्डों के लिए सात सौ सत्तावन मतदान केंद्र स्थापित किए गए हैं। इन बूथों पर कुल सात लाख तैंतालीस हजार छह सौ चालीस मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर रहे हैं। जिला निर्वाचन अधिकारी संदेश नायक ने मतदान दलों की रवानगी से पहले भवानी निकेतन फार्मेसी कॉलेज परिसर पहुंचकर पूरी व्यवस्थाओं का खुद जायजा लिया था। जिला परिषद और पंचायत समिति के सदस्यों के लिए यह वोटिंग सुबह सात बजे से शाम छह बजे तक इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों के माध्यम से कराई जा रही है, जिसमें सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम रखे गए हैं ताकि हर नागरिक बिना किसी डर के मतदान कर सके.
राजसमंद जिले की पांच पंचायत समितियों में वोटिंग
राजसमंद जिले में पंचायतीराज चुनाव दो हजार छब्बीस के पहले चरण के अंतर्गत आज सुचारू रूप से मतदान चल रहा है। जिला परिषद सदस्य और पंचायत समिति सदस्य के पदों के लिए जिले की कुल पांच पंचायत समितियों के दायरे में आने वाली एक सौ तैंतीस ग्राम पंचायतों में चार सौ इक्कीस मतदान केंद्र बनाए गए हैं। इस प्रक्रिया में खमनोर, देलवाड़ा, आमेट, चारभुजा और कुंभलगढ़ पंचायत समितियां शामिल हैं। अगर पंचायत समिति वार बूथों की स्थिति देखें तो खमनोर में तीस ग्राम पंचायतों के लिए एक सौ आठ बूथ तैयार किए गए हैं, जबकि देलवाड़ा की इक्कीस पंचायतों के लिए त्रेसठ मतदान केंद्र बनाए गए हैं। इसी तरह आमेट में इकतीस पंचायतों के वास्ते एक सौ आठ, चारभुजा की पच्चीस पंचायतों के लिए तिहत्तर और कुंभलगढ़ की छब्बीस ग्राम पंचायतों के लिए انہत्तर बूथ निर्धारित किए गए हैं। प्रशासनिक अमला पूरी मुस्तैदी के साथ इन सभी केंद्रों पर नजर बनाए हुए है ताकि मतदान शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हो सके.
डूंगरपुर में पांच सौ छियानवे बूथों पर मतदाताओं का उत्साह
डूंगरपुर जिले में भी पंचायतीराज चुनाव के पहले चरण की शुरुआत हो चुकी है और ग्रामीण मतदाता भारी संख्या में अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं। जिले के कुल पांच सौ छियानवे मतदान केंद्रों पर सुबह सात बजे से ही वोटिंग का सिलसिला जारी है। मतदान शुरू होने से ठीक पहले सभी बूथों पर मॉक पोल की प्रक्रिया पूरी की गई थी, जिसमें राजनीतिक दलों के अधिकृत प्रतिनिधियों और विभिन्न उम्मीदवारों के एजेंटों की मौजूदगी सुनिश्चित की गई थी। इस चुनाव के मैदान में जिला परिषद सदस्य की बीस सीटों के लिए कुल पैंसठ उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं, जबकि पंचायत समिति सदस्य के एक सौ उन्नीस पदों के लिए चार सौ चार प्रत्याशी चुनावी अखाड़े में उतरे हैं। डूंगरपुर जिले के कुल पांच लाख इक्कीस हजार छह सौ एक मतदाता अपने इन प्रत्याशियों का भविष्य तय करेंगे। चुनाव को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से पूरा कराने के लिए सुरक्षाबलों की तैनाती की गई है और प्रशासनिक टीमें लगातार हालात का जायजा ले रही हैं.
पाली जिले में पांच लाख सत्तासी हजार मतदाता डालेंगे वोट
पाली जिले में भी पंचायतीराज चुनाव के पहले चरण के तहत जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए मतदान तेजी से चल रहा है। जिले की पांच प्रमुख पंचायत समितियों में यह वोटिंग कराई जा रही है, जिनमें मारवाड़ जंक्शन, सुमेरपुर, रानी, सोजत और बगड़ी के नाम शामिल हैं। इस पहले चरण के दौरान पंचायत समिति के तिरानवे वार्डों और जिला परिषद सदस्य के अट्ठारह पदों के लिए जनता अपने नुमाइंदों का चुनाव कर रही है। जिले के लगभग पांच लाख सत्तासी हजार मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला कर रहे हैं। हालांकि मतदान से पहले ही मारवाड़ जंक्शन और बगड़ी क्षेत्रों में भाजपा के दो सदस्य निर्विरोध चुने जा चुके हैं। जिला निर्वाचन विभाग ने किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए हैं और अधिकारी लगातार मतदान केंद्रों का दौरा कर रहे हैं.
मतदान से मतगणना तक का पूरा चुनावी शेड्यूल
पंचायतीराज चुनाव के इस पूरे कार्यक्रम के तहत आगे भी कई अहम चरण और प्रक्रियाएं पूरी की जानी हैं। पंचायत चुनाव के अगले चरण में सरपंच और वार्ड पंच के पदों के लिए आगामी चौबीस अक्टूबर को सुबह सात बजे से शाम छह बजे तक बैलेट पेपर के जरिए मतदान संपन्न कराया जाएगा। इसके तुरंत बाद पच्चीस अक्टूबर को उपसरपंच पद के लिए चुनाव आयोजित किए जाएंगे। इन सबके पूरा होने के बाद जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्य पदों के सभी चरणों के लिए डाले गए वोटों की गिनती एक साथ बीस नवंबर को सुबह आठ बजे से शुरू की जाएगी। राजधानी जयपुर के लिए मतगणना का कार्य भवानी निकेतन फार्मेसी कॉलेज परिसर में ही संपन्न कराया जाएगा, जहां वोटों के मिलान के बाद परिणामों की आधिकारिक घोषणा की जाएगी.
दोनों प्रमुख दलों के लिए प्रतिष्ठा का सवाल
इन ग्रामीण चुनावों में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी दोनों ही प्रमुख दलों की प्रतिष्ठा सीधे तौर पर दांव पर लगी हुई है। जमीनी स्तर पर अपनी पकड़ साबित करने के लिए दोनों ही दल पूरी ताकत झोंक रहे हैं और जिला परिषद तथा पंचायत समिति की सीटों पर मिलने वाला समर्थन आने वाले समय के स्थानीय राजनीतिक समीकरणों को भी पूरी तरह प्रभावित करेगा। दूसरी तरफ जिला प्रशासन के कंधों पर पूरे चुनाव को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और अनुशासित तरीके से संपन्न कराने की भारी जिम्मेदारी है। फिलहाल पूरे प्रदेश की निगाहें पहले चरण की इस वोटिंग और ग्रामीण मतदाताओं के अंतिम फैसले पर टिकी हुई हैं ताकि यह पता चल सके कि किस दल को जनता का सबसे ज्यादा समर्थन हासिल हुआ है.





















