राजस्थान पुलिस ने अपने खेल विंग का विस्तार करते हुए एक अनूठा कदम उठाया है। विभाग ने औपचारिक तौर पर पोलो को अपनी खेल सूची में शामिल कर लिया है, जिसके साथ ही देश की पहली पुलिस पोलो टीम के गठन का कीर्तिमान भी जुड़ा है। इस पहल के जरिए पुलिस महकमे के भीतर घुड़सवारी और खेल प्रतिभाओं को नए अवसर देने की योजना बनाई गई है। गुरुवार को राजस्थान पुलिस अकादमी के परिसर में आयोजित एक समारोह के दौरान इस नई टीम और पहले मुकाबले का औपचारिक आगाज किया गया।
डीजीपी राजीव कुमार शर्मा ने बॉल रोलिंग कर किया मुकाबले का आगाज
अकादमी परिसर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा ने खुद मैदान पर बॉल रोलिंग कर पोलो टीम का उद्घाटन किया और मैच की शुरुआत कराई। इस विशेष मौके पर डीजीपी यातायात मालिनी अग्रवाल समेत विभाग के कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों की मौजूदगी में मैदान पर उतरे खिलाड़ियों ने अनुशासन, फुर्ती और खेल भावना की मिसाल पेश की। इस आयोजन को पुलिस सेवा में खेल संस्कृति को सशक्त करने की दिशा में एक अहम पड़ाव माना जा रहा है।
हॉकी ग्राउंड पर टीम रेड और टीम ब्लू के बीच भिड़ंत
उद्घाटन मैच अकादमी के हॉकी ग्राउंड में टीम रेड और टीम ब्लू के बीच खेला गया। पूरे मुकाबले के दौरान घोड़ों की तेज रफ्तार, खिलाड़ियों की स्ट्रोक तकनीक और गेंद पर नियंत्रण का बेहतरीन तालमेल देखने को मिला। दर्शकों के सामने दोनों पक्षों ने एक दूसरे को कड़ी टक्कर दी, जिसमें घुड़सवारी के हुनर और रणनीति का शानदार प्रदर्शन हुआ। खेल के हर चक्र में दोनों टीमों की ओर से आक्रामक और रक्षात्मक दोनों तरह की चालें चली गईं।
मैदान पर उतरे खिलाड़ी और मैच का अंतिम नतीजा
इस ऐतिहासिक उद्घाटन मुकाबले में दोनों टीमों ने चार-चार खिलाड़ियों के साथ अपनी चुनौती पेश की। टीम रेड की कमान और मैदान का जिम्मा जितेंद्र सिंह, मयूर गज सिंह, विजय और देवेंद्र के हाथों में रहा। दूसरी तरफ, टीम ब्लू की तरफ से अजय सिंह, शुभम गुप्ता, राजेश कुमार और डूंगर सिंह मैदान में उतरे। खेल की गति और स्कोरिंग मौकों को भुनाने के मामले में टीम ब्लू का पलड़ा भारी रहा। अंततः टीम ब्लू ने शानदार प्रदर्शन करते हुए टीम रेड को 6-2 के अंतर से हरा दिया।
खेल कैलेंडर में पोलो के शामिल होने के मायने
राजस्थान पुलिस की ओर से पोलो को आधिकारिक खेलों में जगह देने का मुख्य मकसद जवानों और अधिकारियों के भीतर छिपी खेल क्षमताओं को निखारना है। पोलो जैसे खेल के जुड़ने से घुड़सवारी में रुचि रखने वाले जवानों को अपनी प्रतिभा को मंच पर लाने का अवसर मिलेगा। विभाग का मानना है कि इस तरह की पहल से पुलिस बल में टीम भावना, मानसिक एकाग्रता और प्रतिस्पर्धी क्षमता में सुधार होता है। उद्घाटन मैच के सफल आयोजन के बाद अब पोलो नियमित रूप से राजस्थान पुलिस के खेल कैलेंडर का हिस्सा रहेगा, जिससे आने वाले समय में पुलिसकर्मियों को इस खेल में अपनी पहचान बनाने के नए रास्ते खुलेंगे।






















