खैरथल जिले के मुख्य मार्गों को अवैध कब्जों से मुक्त कराने के मकसद से नगर परिषद ने एक बड़ा अभियान शुरू किया है। इस संयुक्त मुहिम की शुरुआत रेलवे फाटक संख्या 93 से की गई, जिसके बाद दस्ता हेमू कल्याणी चौक और सब्जी मंडी से गुजरते हुए किशनगढ़ रोड तक पहुंचा। मुख्य रास्तों और पैदल चलने वालों की जगह पर किए गए अस्थायी तंबुओं से लेकर पक्के ढांचों तक को साफ करने के लिए नगर परिषद ने मौके पर पांच जेसीबी मशीनें उतारीं। किसी भी तरह के विरोध या हंगामे से निपटने के लिए दस्ते के साथ भारी पुलिस बल की तैनाती भी की गई थी।
दुकानों के बाहर बने चबूतरे और टीनशेड तोड़े गए
सड़क सीमा को घेरकर खड़े किए गए अवैध निर्माणों पर मशीनों की मदद से लगातार कार्रवाई की गई। अभियान के तहत दुकानों के आगे फुटपाथ तक बढ़ाए गए टीनशेड, अवैध रूप से बनाए गए पक्के चबूतरे और सड़क तक फैलाकर रखे गए व्यावसायिक सामान को जब्त कर हटाया गया। जिन जगहों पर पक्के निर्माण कर रास्ते रोके गए थे, उन्हें नगर परिषद के अमले ने जेसीबी की मदद से ढहा दिया।
इस पूरे घटनाक्रम के दौरान नगर परिषद के आला अधिकारी खुद जमीन पर डटे रहे। नगर परिषद सभापति विक्रम सिंह चौधरी, आयुक्त मुकेश शर्मा और कनिष्ठ अभियंता मोतीलाल वर्मा की प्रत्यक्ष निगरानी में टीम ने अलग-अलग हिस्सों में कार्रवाई को अंजाम दिया। अधिकारियों की मौजूदगी के कारण अभियान बिना रुके योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ा।
दुकानदारों के साथ तीखी बहस, पुलिस ने संभाली स्थिति
कार्रवाई जब बाजारों के बीच से गुजरी, तो कई दुकानदारों ने अपने शेड और चबूतरे हटाए जाने पर कड़ा ऐतराज जताया। इस दौरान व्यापारियों और अतिक्रमण निरोधक दस्ते के सदस्यों के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली। कुछ व्यापारियों ने काम रोकने की कोशिश की, मगर भारी संख्या में मौजूद पुलिसकर्मियों ने तुरंत दखल देकर स्थिति को पूरी तरह नियंत्रण में रखा। सुरक्षा घेरे के बीच नगर परिषद की टीम ने बिना किसी रुकावट के ध्वस्तीकरण का काम जारी रखा।
स्थानीय नागरिकों ने की नियमित निगरानी की मांग
अवैध कब्जे हटने के बाद आम नागरिकों ने राहत की सांस ली है और इस तरह के अभियानों को लगातार चलाने की अपील की है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि मुख्य रास्तों और सार्वजनिक स्थलों पर एक बार कार्रवाई होने के कुछ ही दिनों बाद फिर से अवैध दुकानें और सामान सजने लगते हैं। लोगों ने नगर परिषद प्रशासन से मांग की है कि सड़कों को हमेशा खुला रखने के लिए इन इलाकों में नियमित गश्त और सख्त निगरानी की स्थायी व्यवस्था बनाई जाए।























