राजस्थान के नागौर जिले में स्थित खाटू बड़ी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले घड़वानाड़ा आश्रम में संतों और महाराज के साथ कथित तौर पर हुई मारपीट की घटना ने गहरा आक्रोश पैदा कर दिया है। आश्रम परिसर के भीतर संतों के साथ हुई इस बदसलूकी की खबर जैसे ही आसपास के इलाकों में फैली, स्थानीय लोग सड़कों पर उतर आए। पिंडिया पंचायत से जुड़े ग्रामीणों ने इस घटना के विरोध में NH-458 खाटू-सांजू मार्ग पर चक्काजाम कर दिया, जिससे क्षेत्र में अचानक तनाव की स्थिति निर्मित हो गई।
हाईवे पर वाहनों की कतारें और ग्रामीणों का प्रदर्शन
आश्रम में हुई इस कथित घटना को लेकर गुस्साए ग्रामीण बड़ी संख्या में NH-458 खाटू-सांजू हाईवे पर इकट्ठा हो गए और रास्ते को पूरी तरह रोक दिया। मार्ग अवरुद्ध होने के कारण हाईवे पर दोनों तरफ वाहनों की आवाजाही ठप हो गई और चालकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। प्रदर्शनकारी ग्रामीणों का साफ तौर पर कहना था कि आश्रम के महाराज और वहां रह रहे साधु-संतों पर हाथ उठाने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाना चाहिए। ग्रामीण मांग कर रहे थे कि इस मामले में लिप्त सभी दोषियों की तत्काल पहचान कर उन्हें फौरन गिरफ्तार किया जाए। मौके पर ग्रामीणों के लगातार जुटते रहने से माहौल संवेदनशील बना रहा।
पुलिस प्रशासन की त्वरित कार्रवाई और आश्रम में जांच
सड़क जाम और बढ़ते विरोध की खबर मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस तंत्र सक्रिय हो गया। पूरे घटनाक्रम को गंभीरता से लेते हुए जायल वृत्ताधिकारी संजीव कुमार चौहान ने मामले में त्वरित कदम उठाए और खाटू बड़ी थाने की विशेष पुलिस टीमों का गठन किया। अधिकारियों के निर्देश पर गठित पुलिस दल तुरंत घड़वानाड़ा आश्रम पहुंचा, जहां पीड़ितों से सीधे बातचीत की गई। पुलिस अधिकारियों ने आश्रम में मौजूद पीड़ितों के विस्तृत बयान दर्ज किए और पूरे मामले के हर पहलू से जुड़े तथ्य जुटाने की प्रक्रिया शुरू की।
विवाद के कारणों की तलाश और स्थिति पर कड़ी निगरानी
हाईवे पर जमा भीड़ और कानून व्यवस्था की नाजुक स्थिति को देखते हुए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने इलाके में निगरानी कड़ी कर दी है। यातायात बहाल कराने और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर अतिरिक्त बल की तैनाती की गई। वहीं दूसरी तरफ, पुलिस दल आश्रम में मौजूद रहकर यह पड़ताल करने में जुटा रहा कि आखिर मारपीट की यह वारदात किन व्यक्तियों के बीच हुई और इसके पीछे मुख्य विवाद क्या था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दर्ज बयानों और प्राथमिक पड़ताल के आधार पर ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। फिलहाल घड़वानाड़ा आश्रम की घटना को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश बना हुआ है और वे हमलावरों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग पर अड़े हैं।




















