राजस्थान के मौसम मिजाज में एक बार फिर बदलाव देखने को मिल रहा है। हालांकि पिछले कुछ दिनों से मानसूनी गतिविधियां थोड़ी सुस्त पड़ गई थीं, लेकिन मौसम विज्ञान केंद्र के ताज़ा आकलन के मुताबिक 23 अगस्त को प्रदेश के विभिन्न अंचलों में बारिश और तेज हवाओं का दौर देखने को मिल सकता है। खासकर पूर्वी राजस्थान के कुछ चुनिंदा इलाकों में मौसम का मिजाज बिगड़ सकता है, जिसे लेकर प्रशासन और आम जनता दोनों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
पूर्वी राजस्थान में बारिश और येलो अलर्ट
मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, जयपुर, भरतपुर, कोटा, अजमेर और उदयपुर संभागों के कुछ स्थानों पर बारिश होने की पूरी संभावना है। खास तौर पर उत्तर और उत्तर-पूर्वी राजस्थान के भरतपुर और जयपुर संभाग के साथ-साथ शेखावाटी क्षेत्र में 23 से 24 अगस्त के दौरान कुछ जगहों पर हल्की से मध्यम दर्जे की बौछारें पड़ सकती हैं। इसके अलावा जयपुर, अलवर, बारां, भरतपुर, बूंदी, दौसा, डीग, धौलपुर, झालावाड़, झुंझुनूं, करौली, खैरथल-तिजारा, कोटा, कोटपूतली-बहरोड़, सवाई माधोपुर, सीकर और टोंक समेत कुल 17 जिलों में मेघगर्जन और वज्रपात को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। इन इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के आसार भी हैं। हालांकि अजमेर, बांसवाड़ा, ब्यावर, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, डूंगरपुर, प्रतापगढ़, राजसमंद, सलूंबर, सिरोही और उदयपुर के जिला स्तर पर कोई खास चेतावनी नहीं दी गई है।
पश्चिमी राजस्थान और तापमान की स्थिति
दूसरी तरफ पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर और बीकानेर संभाग के अधिकांश हिस्सों में अगले एक हफ्ते तक मौसम आमतौर पर शुष्क ही बना रहने का अनुमान है। हालांकि इसके बावजूद श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ और चूरू के आसपास के कुछ चुनिंदा इलाकों में 23 अगस्त को हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना से इंकार नहीं किया गया है। तापमान और वातावरण की स्थिति पर नजर डालें तो राज्य में सबसे अधिक तापमान श्रीगंगानगर में 39.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि पूरे प्रदेश में औसत आर्द्रता का स्तर 40 से 70 प्रतिशत के दायरे में रिकॉर्ड किया गया।
मानसून प्रणालियों की सक्रियता
प्रदेश में हो रहे इस मौसम बदलाव के पीछे मुख्य वजह मानसूनी ट्रफ और चक्रवाती परिसंचरण का सक्रिय होना है। मौसम विभाग का कहना है कि मानसूनी ट्रफ इस समय समुद्र तल पर अमृतसर, नजीबाबाद, हरदोई, उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश और उसके आसपास बने कम दबाव के क्षेत्र के केंद्र से होते हुए जमशेदपुर और दीघा से गुजरती हुई दक्षिण-पूर्व दिशा में उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी तक फैली हुई है। यह ट्रफ रेखा समुद्र तल से करीब 0.9 किलोमीटर की ऊंचाई तक स्थित है। इसके अलावा उत्तर हरियाणा और उसके आसपास के इलाके के ऊपर एक ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण भी बना हुआ है, जो समुद्र तल से 1.5 किलोमीटर की ऊंचाई तक प्रभावी है।
आने वाले दिनों का मौसम पूर्वानुमान
मौसम विभाग के आगे के अनुमान के मुताबिक, पूर्वी राजस्थान में अगले कुछ दिनों तक मानसूनी परिस्थितियां हल्की बनी रह सकती हैं, लेकिन 25 से 26 अगस्त के दौरान कोटा और उदयपुर संभाग में कहीं-कहीं भारी बारिश होने की संभावना है। इसी तरह पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर संभाग में भी 23 से 26 अगस्त के बीच कुछ स्थानों पर भारी पानी बरसने के आसार जताए गए हैं। कुल मिलाकर आने वाले दिनों में पूरे राजस्थान में एक जैसा मौसम रहने के बजाय क्षेत्र के हिसाब से अलग-अलग तेवर देखने को मिलेंगे।



















