राजस्थान के जालोर जिले के सांचौर क्षेत्र में शनिवार को नेशनल हाईवे-68 पर एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना पेश आई। गांधव पुल के नजदीक गुजरात रोडवेज की एक बस और एक कार के बीच हुई आमने-सामने की जोरदार टक्कर में कार पर सवार दो युवकों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। इस भयानक हादसे में घायल हुए अन्य लोगों को तुरंत सांचौर के एक निजी चिकित्सालय में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार किया जा रहा है। दुर्घटना का शिकार हुए युवक पड़ोसी राज्य गुजरात के राधनपुर इलाके के निवासी बताए जा रहे हैं, जो अपनी यात्रा के दौरान रामदेवरा में दर्शन करने के लिए जा रहे थे। दूसरी ओर, दुर्घटना में शामिल गुजरात रोडवेज की बस बाड़मेर से रवाना होकर गुजरात की तरफ बढ़ रही थी। दोनों वाहनों की टक्कर इतनी भीषण थी कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो गया और वह गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गई। घटना की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभाला और दोनों मृतकों के शवों को सांचौर की मोर्चरी में रखवाया। पुलिस फिलहाल इस दुर्घटना के स्पष्ट कारणों की गहराई से जांच-पड़ताल कर रही है ताकि यह पता चल सके कि हादसा किन परिस्थितियों में हुआ।
भीलवाड़ा में खेत की रखवाली कर रहे बुजुर्ग किसान पर हमला
राज्य के भीलवाड़ा जिले के मांडल थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सिरडियास गांव में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां अपने खेत की रखवाली करने पहुंचे 71 वर्षीय किसान शंकर सिंह पर एक अज्ञात हमलावर ने अचानक फायरिंग कर दी। गोली सीधे किसान को जा लगी जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। गोलीबारी की इस घटना के तुरंत बाद परिजन और ग्रामीण उन्हें उपचार के लिए भीलवाड़ा के महात्मा गांधी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उनका इलाज जारी है। वारदात की सूचना पाकर मांडल थाने की पुलिस टीम फौरन घटनास्थल पर पहुंची और मामले से जुड़े तमाम तथ्यों को जुटाने में जुट गई। पुलिस ने अज्ञात आरोपी की पहचान करने और इस हमले के पीछे के असल कारणों का पता लगाने के लिए आधिकारिक रूप से जांच शुरू कर दी है। हालांकि, अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि आखिर किस वजह से इस बुजुर्ग किसान को निशाना बनाकर गोली चलाई गई। पुलिस आसपास के अन्य खेतों में काम करने वाले लोगों से पूछताछ करने के साथ-साथ घटनास्थल से महत्वपूर्ण साक्ष्य भी एकत्र कर रही है।
बूंदी में नगर निकाय चुनाव 2026 के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू
बूंदी जिले में आगामी नगर निकाय चुनाव 2026 को लेकर राजनीतिक सरगर्मी काफी बढ़ गई है। अवकाश के दिनों के बाद आज से नगर परिषद के पार्षद पद के लिए नामांकन पत्र दाखिल करने का सिलसिला आधिकारिक तौर पर शुरू हो रहा है। बूंदी नगर परिषद के दायरे में कुल 60 वार्ड आते हैं, जहां से चुनाव मैदान में उतरने के इच्छुक विभिन्न दलों और निर्दलीय उम्मीदवार अपने नामांकन दाखिल करेंगे। नामांकन की प्रक्रिया के आगाज के साथ ही राजनीतिक दलों के दफ्तरों में हलचल तेज हो गई है और टिकट के दावेदारों की सक्रियता में भी भारी उछाल देखने को मिल रहा है। टिकट वितरण को लेकर राजनीतिक दलों के भीतर अंदरूनी मंथन चल रहा है, जिसके चलते स्थानीय स्तर पर चुनावी समीकरण भी बेहद तेजी से करवट ले रहे हैं। उल्लेखनीय है कि बूंदी जिले के भीतर कुल आठ नगर निकाय हैं, जहां आने वाले चरणों में मतदान की प्रक्रिया संपन्न कराई जाएगी। जिला प्रशासन की तरफ से भी निकाय चुनाव को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए तमाम आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। नामांकन प्रक्रिया आगे बढ़ने के साथ ही चुनावी मुकाबले का असली परिदृश्य और भी ज्यादा स्पष्ट होने की उम्मीद है।
सिरोही में बाईपास क्षेत्र की जमीन और भूमि रूपांतरण पर उठे सवाल
सिरोही जिले के बाईपास क्षेत्र की जमीनों के सौदों को लेकर एक बार फिर प्रशासनिक गलियारों में सवाल खड़े होने लगे हैं। आरोप लगाया जा रहा है कि जमीनों के भूमि रूपांतरण से जुड़ी कुछ खास फाइलों को नियमों को ताक पर रखकर बहुत तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है, जिसमें भू-माफिया और दलालों का एक सक्रिय गिरोह लिप्त है। स्थानीय स्तर पर यह बात सामने आ रही है कि किसानों की भूमि से जुड़ा विवाद पहले भी तूल पकड़ चुका है, जिसके विरोध में किसानों ने पूर्व विधायक संयम लोढ़ा के साथ मिलकर उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर की थी। यह गंभीर मामला प्रकाश में आने के बाद कई प्रभावशाली लोगों के नाम भी चर्चा का विषय बन गए हैं। इस पूरे प्रकरण में यह भी आरोप लगाया जा रहा है कि किसानों से औने-पौने दामों में जमीन खरीदकर उसे रातोंरात भूमि रूपांतरित करवाने का अवैध खेल चल रहा है। इस पूरी गड़बड़ी के कारण सरकारी खजाने को लगभग 100 करोड़ रुपए के राजस्व का भारी नुकसान होने का दावा किया जा रहा है। हालांकि, इन सभी गंभीर आरोपों की अभी तक किसी भी स्वतंत्र एजेंसी या माध्यम से आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है।
सिरोही नगर परिषद चुनाव के लिए भाजपा की चुनावी तैयारियां तेज
दूसरी तरफ, सिरोही नगर परिषद चुनाव 2026 की तैयारियों को धार देने के लिए भारतीय जनता पार्टी ने अपनी गतिविधियों को काफी तेज कर दिया है। पार्टी संगठन की तरफ से चुनाव के लिए एक विशेष पैनल का गठन कर लिया गया है और अब उन सभी आवेदनों पर अंतिम मंथन शुरू कर दिया गया है जो पार्टी कार्यकर्ताओं द्वारा टिकट के लिए सौंपे गए हैं। इस बार निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन के बाद कई वार्डों की भौगोलिक और सामाजिक तस्वीर में बदलाव आया है, जिसके कारण इस बार का चुनावी मुकाबला काफी रोमांचक होने के पूरे आसार हैं। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, इस बार भाजपा पूरी तरह से जिताऊ उम्मीदवारों को ही मैदान में उतारने की रणनीति पर काम कर रही है। पार्टी पुराने और जमीनी रूप से सक्रिय कार्यकर्ताओं के साथ-साथ नए और ऊर्जावान युवाओं को भी चुनावी रण में मौका देने पर विचार कर रही है। भाजपा का मुख्य फोकस ऐसे सक्षम उम्मीदवारों का चयन करने पर है जो आम जनता की उम्मीदों पर पूरी तरह खरे उतर सकें और अपने संबंधित वार्ड में एक मजबूत जनधार रखते हों।





















