राजस्थान के अलवर जिले के अंतर्गत आने वाले बगड़ राजपूत गांव में स्थानीय लोग इन दिनों कचरे के ढेर और उससे उठने वाली भयंकर दुर्गंध से खासे परेशान हैं। गांव के पुराने जोहड़ और पुराने श्मशान घाट की तरफ जाने वाले मुख्य मार्ग के नजदीक अज्ञात लोगों द्वारा पॉलीथिन की थैलियों में भरकर भारी मात्रा में अपशिष्ट फेंक दिया गया है। पिछले पांच से छह दिनों से खुले आसमान के नीचे पड़े इस मलबे और कचरे से लगातार तीव्र सड़ांध उठ रही है, जिसके चलते आसपास का वातावरण दूषित हो चुका है और लोगों का जीवन प्रभावित हो रहा है। इस स्थिति को लेकर स्थानीय निवासियों में स्थानीय प्रशासन और कचरा फेंकने वाले अज्ञात तत्वों के प्रति काफी नाराजगी देखने को मिल रही है।
किसने और कैसे फेंका कचरा
गांव के लोगों का कहना है कि करीब पांच या छह दिन पहले एक ट्रैक्टर-ट्रॉली में लादकर यह सारा कचरा यहां लाया गया था और चुपचाप रास्ते के किनारे उड़ेल दिया गया। अब हालात यह बन चुके हैं कि जैसे ही हवा का रुख बदलता है, कचरे की वह तीखी और परेशान करने वाली सड़ांध सीधे गांव की घनी बस्तियों के भीतर तक पहुंच जाती है। इस भयानक दुर्गंध के कारण लोगों का घरों में रहना और सांस लेना तक मुश्किल साबित हो रहा है। ग्रामीणों के बीच इस बात को लेकर भी सुगबुगाहट और आशंका है कि यह सामग्री शायद किसी पास के औद्योगिक क्षेत्र में स्थित ईएसआई अस्पताल से लाई गई होगी। हालांकि, यह कचरा वाकई किसी अस्पताल का बायोमेडिकल वेस्ट है अथवा नहीं, इस बात की फिलहाल किसी भी जिम्मेदार अधिकारी या विभाग द्वारा आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
जल स्रोतों और स्वास्थ्य पर मंडराता गंभीर खतरा
जिस स्थान पर यह कचरा डाला गया है, वह गांव के लिहाज से काफी संवेदनशील और महत्वपूर्ण है। प्राचीन जोहड़ के पास इस तरह गंदगी फैलाए जाने से कई तरह की आपदाओं और समस्याओं के पैदा होने की आशंका गहराई हुई है। मवेशियों और पक्षियों के लिए पानी का यह मुख्य स्रोत खतरे की जद में आ चुका है, क्योंकि रोजाना बड़ी संख्या में बेजुबान जानवर वहां पानी पीने पहुंचते हैं। पॉलीथिन और सड़े-गले कचरे के ढेर की वजह से तालाब के पानी के पूरी तरह दूषित होने का खतरा मंडरा रहा है। इसके अलावा, स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि यह कचरा वाकई चिकित्सा संस्थान से जुड़ा हुआ निकला, तो इसे यूं खुले में फेंकना न केवल गैरकानूनी है बल्कि इससे पूरे क्षेत्र में किसी भयंकर बीमारी, महामारी या संक्रमण के फैलने की संभावना भी बहुत अधिक बढ़ जाती है।
किसान नेताओं और युवाओं ने दी आंदोलन की चेतावनी
स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए गांव के प्रबुद्ध युवाओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और किसानों ने तत्काल मौके पर पहुंचकर अपना कड़ा विरोध प्रकट किया। भारतीय किसान यूनियन (लोक शक्ति) के जयपुर संभाग के वरिष्ठ उपाध्यक्ष व प्रवक्ता रोहिताश कुमार जाटव के साथ ही लोकेश जाटव और सुभाष जाटव ने भी घटनास्थल का दौरा किया और हालात का जायजा लिया। किसान नेताओं और ग्रामीणों ने प्रशासन के सामने अपनी कुछ मुख्य मांगें रखी हैं। उनका कहना है कि इस स्थान का फौरन प्रशासनिक मुआयना कराया जाना चाहिए ताकि वास्तविक स्थिति का पता चल सके। इसके साथ ही, सार्वजनिक मार्ग और जोहड़ के पास जमा इस कचरे को बिना किसी देरी के तत्काल प्रभाव से उठवाया जाना चाहिए। ग्रामीणों ने यह भी मांग की है कि आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से यह पता लगाया जाए कि इस हरकत के पीछे किसका हाथ है और दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति या संस्था पर कड़े कानूनी कदम उठाए जाएं। ग्रामीणों ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दे डाली है कि यदि प्रशासन ने जल्द से जल्द इस गंदगी को हटवाकर जिम्मेदारों पर कार्रवाई नहीं की, तो वे मजबूरन उग्र आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे और विरोध प्रदर्शन करेंगे।



















