जयपुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) और ईवीएम के मुद्दों को लेकर कांग्रेस पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने विपक्ष को खुली चुनौती देते हुए सवाल उठाया कि क्या 1947 के बाद देश में पहली बार मतदाता सूची का पुनरीक्षण किया जा रहा है? केंद्रीय मंत्री ने याद दिलाया कि कांग्रेस शासन के दौरान भी कई बार एसआईआर की प्रक्रिया अपनाई गई थी। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए मतदाता सूची को पूरी तरह शुद्ध और प्रमाणिक बनाए रखना बेहद आवश्यक है।
मतदाता सूची के शुद्धिकरण और एसआईआर प्रक्रिया पर जोर
अश्विनी वैष्णव ने अपने संबोधन में कहा कि मतदाता सूची को अद्यतन रखना चुनाव आयोग की एक अत्यंत महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस प्रक्रिया के तहत उन लोगों के नाम हटाए जाने चाहिए जिनकी मृत्यु हो चुकी है, जो अन्य स्थानों पर स्थानांतरित हो चुके हैं या जिनके नाम मतदाता सूची में दोहरी प्रविष्टि के रूप में दर्ज हैं। इसके साथ ही नए पात्र युवाओं के नाम जोड़ना भी उतना ही जरूरी है। मंत्री ने कहा कि मतदाता सूची ही पूरे लोकतंत्र का मूल आधार होती है, इसलिए इसके सुधार का विरोध करने का कोई तर्कसंगत आधार नहीं है।
ट्विटर की राजनीति पर प्रहार और जनविश्वास का आह्वान
विपक्षी दलों के विरोध पर कड़ा प्रहार करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि केवल सोशल मीडिया पर बयानबाजी करने से राजनीति नहीं होती। उन्होंने कांग्रेस नेताओं को चुनौती देते हुए कहा, "ट्वीट करने से राजनीति नहीं होती, मैदान में आकर मुकाबला करना चाहिए।" वैष्णव ने कहा कि आज की राजनीति इंटरनेट के मंचों से निकलकर सीधे जनता के बीच उनका विश्वास जीतने की लड़ाई बन चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने अपने 50 से 60 वर्षों के शासन में केवल वोट बैंक की राजनीति की, जबकि भारतीय जनता पार्टी के लिए देश और राष्ट्र हित ही हमेशा सर्वोपरि रहा है।
ईवीएम विवाद पर पलटवार और चुनावी प्रणाली का इतिहास
इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) को लेकर उठने वाले सवालों का जवाब देते हुए अश्विनी वैष्णव ने कहा कि देश में ईवीएम की शुरुआत खुद कांग्रेस के शासनकाल में ही हुई थी। उन्होंने पूछा कि जो व्यवस्था कांग्रेस खुद लेकर आई थी, उसी पर अब सवाल क्यों उठाए जा रहे हैं? केंद्रीय मंत्री ने ईवीएम से पहले के दौर का जिक्र करते हुए कहा कि पहले के चुनावों में होने वाली धांधलियों और गड़बड़ियों को खत्म करने में ईवीएम ने बड़ी भूमिका निभाई है। आज देश की जनता जिसे चुनती है, वही निष्पक्ष रूप से देश की सेवा करता है।
राष्ट्रीय सुरक्षा, नक्सलवाद का खात्मा और नशे के खिलाफ अभियान
सुरक्षा के मुद्दे पर बोलते हुए रेल मंत्री ने कहा कि भारत की नीतियों में अब बड़ा बदलाव आया है और सीमा पार से होने वाले हर हमले का मुंहतोड़ जवाब दिया जाता है। उन्होंने नक्सलवाद के फैलाव के लिए कांग्रेस की पुरानी नीतियां जिम्मेदार ठहराईं और कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के दूरदर्शी नेतृत्व में देश से नक्सलवाद को जड़ से समाप्त कर दिया गया है। इसके अलावा, उन्होंने युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले नशा माफियाओं के खिलाफ निर्णायक जंग का ऐलान किया और वादा किया कि आने वाले समय में देश को पूरी तरह नशा मुक्त बनाया जाएगा।
लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा और डॉ. भीमराव अंबेडकर का संविधान
भारत के लोकतांत्रिक ढांचे का उल्लेख करते हुए अश्विनी वैष्णव ने कहा कि इस लोकतंत्र को हजारों शहीदों ने अपने खून से सींचा है और इसी लोकतांत्रिक व्यवस्था की वजह से आज पूरे विश्व में भारत का सम्मान है। उन्होंने बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर द्वारा बनाए गए संविधान का जिक्र करते हुए कहा कि आजादी के बाद कई देश अपनी लोकतांत्रिक व्यवस्था नहीं बचा सके, लेकिन भारत में लोकतंत्र हमेशा मजबूत रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेताओं ने इस लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने का प्रयास किया है, इसलिए सभी कार्यकर्ताओं को एकजुट होकर अराजकता के खिलाफ खड़ा होना होगा।
जयपुर के व्यापारियों का ध्यान और राजस्थान से जुड़ाव
दीपावली के आगामी त्योहार का जिक्र करते हुए केंद्रीय मंत्री ने पार्टी कार्यकर्ताओं से विशेष अपील की। उन्होंने कहा कि जयपुर के स्थानीय व्यापारियों और आम जनता को किसी भी राजनीतिक कार्यक्रम या पैदल मार्च से असुविधा नहीं होनी चाहिए। उन्होंने सभी से बाजारों में सुगम आवागमन बनाए रखने का आग्रह किया। खुद को राजस्थान की पावन धरा का बेटा बताते हुए वैष्णव ने जयपुर से अपने व्यक्तिगत लगाव का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज भारत वैश्विक मंच पर मजबूती से खड़ा है और सरकार देश के 140 करोड़ नागरिकों का जीवन बेहतर बनाने के संकल्प के साथ काम कर रही है।



















